सहरसा में मेडिकल स्टोर पर छापेमारी:ड्रग इंस्पेक्टर ने खंगाले स्टॉक-लाइसेंस, नशीली दवाओं पर सख्त चेतावनी, अभियान तेज
सहरसा शहर के सराही रोड स्थित केशव मेडिकल स्टोर पर मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई, जिसमें दवाओं के व्यापक स्टॉक और लाइसेंस की जांच की गई। इस घटना से इलाके के अन्य मेडिकल दुकानदारों में सतर्कता बढ़ गई। छापेमारी का नेतृत्व ड्रग इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह और पंकज भारती ने किया। टीम ने मेडिकल स्टोर में मौजूद दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री रजिस्टर, बिलिंग सिस्टम और लाइसेंस से संबंधित सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की। विशेष रूप से नशीली और नियंत्रित दवाओं के भंडारण तथा उनकी बिक्री प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया गया। संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
जांच के दौरान अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालक को सख्त निर्देश दिए। उन्हें कहा गया कि बिना चिकित्सक की वैध पर्ची के किसी भी प्रकार की नशीली या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न की जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जिले में नशीली और अवैध दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। हाल के दिनों में कई मेडिकल स्टोरों पर अनियमितताएं पाई गई हैं, जिन पर विभाग द्वारा कार्रवाई भी की गई है। बिना वैध लाइसेंस मेडिकल स्टोर गैरकानूनी है
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस या आवश्यक कागजात के मेडिकल स्टोर संचालित करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। प्रशासन की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य अवैध दवा कारोबार पर लगाम लगाना और आम लोगों को सुरक्षित एवं प्रमाणित दवाएं उपलब्ध कराना है। लगातार हो रही छापेमारी से यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
May 5, 2026 - 21:55
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सहरसा शहर के सराही रोड स्थित केशव मेडिकल स्टोर पर मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई, जिसमें दवाओं के व्यापक स्टॉक और लाइसेंस की जांच की गई। इस घटना से इलाके के अन्य मेडिकल दुकानदारों में सतर्कता बढ़ गई। छापेमारी का नेतृत्व ड्रग इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह और पंकज भारती ने किया। टीम ने मेडिकल स्टोर में मौजूद दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री रजिस्टर, बिलिंग सिस्टम और लाइसेंस से संबंधित सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की। विशेष रूप से नशीली और नियंत्रित दवाओं के भंडारण तथा उनकी बिक्री प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया गया। संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
जांच के दौरान अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालक को सख्त निर्देश दिए। उन्हें कहा गया कि बिना चिकित्सक की वैध पर्ची के किसी भी प्रकार की नशीली या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न की जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जिले में नशीली और अवैध दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। हाल के दिनों में कई मेडिकल स्टोरों पर अनियमितताएं पाई गई हैं, जिन पर विभाग द्वारा कार्रवाई भी की गई है। बिना वैध लाइसेंस मेडिकल स्टोर गैरकानूनी है
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस या आवश्यक कागजात के मेडिकल स्टोर संचालित करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। प्रशासन की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य अवैध दवा कारोबार पर लगाम लगाना और आम लोगों को सुरक्षित एवं प्रमाणित दवाएं उपलब्ध कराना है। लगातार हो रही छापेमारी से यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
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