मोहाली में ब्लॉक समिति चुनाव आप हारी:विधायक की SAD नेता से बहस, कांग्रेस ने किया बहिष्कार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ चुनाव

मोहाली के ब्लॉक माजरी में हुए ब्लॉक समिति चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार मिली है। वहां शिरोमणि अकाली दल ब्लॉक समिति का प्रधान बनाने में कामयाब रहा है। मतदान के दौरान कल 15 सीटों में से कांग्रेस के एक ब्लॉक समिति सदस्य ने चुनाव का बहिष्कार किया, जबकि अकाली दल को 8 वोट मिले और आम आदमी पार्टी को 6 वोट मिले। चुनाव प्रक्रिया के दौरान आप की विधायक अनमोल गगन मान और शिरोमणि अकाली दल के नेता रविंदर सिंह खेड़ा के बीच बहस का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। बहुमत के बाद भी हारी आप ब्लॉक समिति चुनाव में सात सदस्य शिरोमणि अकाली दल के चुनाव चिन्ह पर जीते थे। 6 सदस्य आम आदमी पार्टी, एक कांग्रेस और एक निर्दलीय सदस्य चुनाव जीते थे। निर्दलीय सदस्य ने शिरोमणि अकाली दल को अपना समर्थन दे दिया था। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल के पास 8 सदस्य, आम आदमी पार्टी के पास 6 सदस्य और एक विधायक का वोट मिलकर 7 वोट तथा कांग्रेस का 1 वोट हो गया था। बाद में आम आदमी पार्टी ने निर्दलीय सदस्य और एक शिरोमणि अकाली दल के सदस्य को अपने साथ मिला लिया था। इस कारण आम आदमी पार्टी के पास बहुमत था। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा

Apr 4, 2026 - 18:43
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मोहाली में ब्लॉक समिति चुनाव आप हारी:विधायक की SAD नेता से बहस, कांग्रेस ने किया बहिष्कार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ चुनाव
मोहाली के ब्लॉक माजरी में हुए ब्लॉक समिति चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार मिली है। वहां शिरोमणि अकाली दल ब्लॉक समिति का प्रधान बनाने में कामयाब रहा है। मतदान के दौरान कल 15 सीटों में से कांग्रेस के एक ब्लॉक समिति सदस्य ने चुनाव का बहिष्कार किया, जबकि अकाली दल को 8 वोट मिले और आम आदमी पार्टी को 6 वोट मिले। चुनाव प्रक्रिया के दौरान आप की विधायक अनमोल गगन मान और शिरोमणि अकाली दल के नेता रविंदर सिंह खेड़ा के बीच बहस का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। बहुमत के बाद भी हारी आप ब्लॉक समिति चुनाव में सात सदस्य शिरोमणि अकाली दल के चुनाव चिन्ह पर जीते थे। 6 सदस्य आम आदमी पार्टी, एक कांग्रेस और एक निर्दलीय सदस्य चुनाव जीते थे। निर्दलीय सदस्य ने शिरोमणि अकाली दल को अपना समर्थन दे दिया था। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल के पास 8 सदस्य, आम आदमी पार्टी के पास 6 सदस्य और एक विधायक का वोट मिलकर 7 वोट तथा कांग्रेस का 1 वोट हो गया था। बाद में आम आदमी पार्टी ने निर्दलीय सदस्य और एक शिरोमणि अकाली दल के सदस्य को अपने साथ मिला लिया था। इस कारण आम आदमी पार्टी के पास बहुमत था। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा