भिवानी में करंट लगने से मोर की मौत:बिजली के तारों में उलझा, गोरक्षा दल की टीम ने तिरंगे में लिपेटकर दफनाया

भिवानी के गांव जताई में करंट लगने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। मोर का शव मौत के बाद भी तारों में उलझा रहा। गोरक्षा दल की टीम ने उसे नीचे उतारा और तिरंगे में लिपेटकर मिट्‌टी में दफनाया। गोरक्षा दल के जिला प्रधान संजय परमार ने बताया कि भिवानी के गांव जताई में बिजली के तारों में फंसने और करंट लगने से एक मोर की मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने के बाद गोरक्षा दल के सदस्य डॉ. परविंद्र व आशीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद वन्य प्राणी विभाग को भी इसकी सूचना दी थी, लेकिन उन्होंने आने में असर्थता जताई। जिस कारण मोर को दफनाने का बीड़ा गोरक्षा दल की टीम ने उठाया। सम्मान के साथ दफनाया संजय परमार ने कहा कि डॉ. परविंद्र व आशीष की टीम ने गांव जताई में पहुंचकर मोर को नीचे उतारने का प्रयास किया। इसके लिए बिजली निगम की टीम को मौके पर बुलाया और बिजली सप्लाई भी कटवाई गई। जिसके बाद मोर के शव को नीचे उतारा गया। वहीं इसके बाद मोर को तिरंगे में लिपेटकर मिट्‌टी में दफन किया गया। उन्होंने कहा कि मोर राष्ट्रीय पक्षी है, इसको उसी के सम्मान स्वरूप मिट्टी देना बनता है। इसलिए टीम ने मोर को तिरंगे मे लिपेटकर मिट्टी देकर हमारी राष्ट्रीयता के अनुरूप उचित सम्मान देने का प्रयास किया।

May 10, 2026 - 10:34
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भिवानी में करंट लगने से मोर की मौत:बिजली के तारों में उलझा, गोरक्षा दल की टीम ने तिरंगे में लिपेटकर दफनाया
भिवानी के गांव जताई में करंट लगने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। मोर का शव मौत के बाद भी तारों में उलझा रहा। गोरक्षा दल की टीम ने उसे नीचे उतारा और तिरंगे में लिपेटकर मिट्‌टी में दफनाया। गोरक्षा दल के जिला प्रधान संजय परमार ने बताया कि भिवानी के गांव जताई में बिजली के तारों में फंसने और करंट लगने से एक मोर की मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने के बाद गोरक्षा दल के सदस्य डॉ. परविंद्र व आशीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद वन्य प्राणी विभाग को भी इसकी सूचना दी थी, लेकिन उन्होंने आने में असर्थता जताई। जिस कारण मोर को दफनाने का बीड़ा गोरक्षा दल की टीम ने उठाया। सम्मान के साथ दफनाया संजय परमार ने कहा कि डॉ. परविंद्र व आशीष की टीम ने गांव जताई में पहुंचकर मोर को नीचे उतारने का प्रयास किया। इसके लिए बिजली निगम की टीम को मौके पर बुलाया और बिजली सप्लाई भी कटवाई गई। जिसके बाद मोर के शव को नीचे उतारा गया। वहीं इसके बाद मोर को तिरंगे में लिपेटकर मिट्‌टी में दफन किया गया। उन्होंने कहा कि मोर राष्ट्रीय पक्षी है, इसको उसी के सम्मान स्वरूप मिट्टी देना बनता है। इसलिए टीम ने मोर को तिरंगे मे लिपेटकर मिट्टी देकर हमारी राष्ट्रीयता के अनुरूप उचित सम्मान देने का प्रयास किया।