पटना में राजद की लगातार दूसरे दिन हाईलेवल मीटिंग:मंगनीलाल बोले-संगठन विस्तार, तेजस्वी की यात्रा पर होगा मंथन, रोहिणी बोलीं- दिखावा के बजाए करें आत्ममंथन

पटना में लगातार दूसरे दिन भी राजद की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। तेजस्वी यादव के आवास 1 पोलो रोड पर आयोजित इस बैठक में तेजस्वी यादव के साथ प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, सभी सांसद, विधायक के साथ राष्ट्रीय महासचिव और पदाधिकारी शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल में जानकारी देते हुए बताया कि, 'आज की बैठक में पार्टी की मजबूती, संगठन विस्तार और आगामी तेजस्वी की यात्रा की लेकर चर्चा होगी।' नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार के यात्रा को लेकर भी सवाल खड़े किए। पहले देखिए नेताओं के तेजस्वी आवास पहुंचने की तस्वीरें... रोहिणी का तंज- 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाएं लालू परिवार का मतभेद एकबार फिर सामने आया। पिता को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने एकबार फिर तेजस्वी यादव पर तंज कसा। दरअसल, तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पटना में पार्टी सांसदों के साथ मीटिंग की। इसमें संजय यादव भी मौजूद थे। इसे लेकर रोहिणी ने X पर लिखा- 'समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी है खुद का आत्ममंथन और जिम्मेदारी लेना। अपने इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिह्नित 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी।' यूरोप टूर के बाद से एक्टिव हैं तेजस्वी बता दें कि हार के करीब 2 महीने और विदेश दौरे से लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहे हैं। आज शुक्रवार को उन्होंने अपने आवास पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसदों और कोर कमेटी की बैठक बुलाई। इस बैठक में राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई। 2 फरवरी से शुरू होने वाले बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की रणनीति इस बैठक का मेन एजेंडा रहा। बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने, विपक्ष की भूमिका को मजबूत करने और सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर नेताओं को निर्देश दिए गए। इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने अपनी बिहार यात्रा को लेकर भी नेताओं से फीडबैक लिया। विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार तेजस्वी पर मुखर हैं रोहिणी 10 जनवरी को कहा था- विरासत को खत्म करने के लिए नए अपने काफी हैं 6 दिन पहले 10 जनवरी को भी रोहिणी आचार्य ने इशारों-इशारों में तेजस्वी और संजय यादव पर निशाना साधा था। रोहिणी ने X पर लिखा- 'बड़ी शिद्दत से बनाई और खड़ी की गई 'बड़ी विरासत' को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, 'अपने' और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी 'नए बने अपने' ही काफी होते हैं। हैरानी तो तब होती है , जब 'जिसकी' वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर 'अपने' ही आमादा हो जाते हैं। जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है। तब 'विनाशक' ही आंख - नाक और कान बन बुद्धि - विवेक हर लेता है।' चुनाव में हार के बाद से लालू परिवार में बवाल बिहार विधानसभा में करारी हार के बाद से ही लालू परिवार में घमासान मचा हुआ है। परिवार बिखर रहा, इसका आरोप तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज नेमत पर लग रहा है। तेजप्रताप यादव अब तक इन्हें जयचंद बताते थे, उनके खिलाफ अब लालू यादव की बेटी रोहिणी ने भी मोर्चा खोल रखा है। रोहिणी ने तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज नेमत पर गंभीर आरोप लगाए थे। रोहिणी और तेजस्वी के बीच विवाद की शुरुआत ऐसा नहीं है कि तेजस्वी पर रोहिणी का गुस्सा चुनाव परिणाम आने के बाद भड़का। विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान जब वो पटना में थी। रिजल्ट आने से पहले जब तेजस्वी यादव की गाड़ी में उनकी सीट पर तेजस्वी के राइट हैंड माने जाने वाले राज्यसभा सांसद संजय यादव बैठे दिखे तो रोहिणी भड़क गईं। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा- ‘लालू प्रसाद या तेजस्वी की जगह कोई और बैठे यह कतई मंजूर नहीं.. फ्रंट सीट सदैव पार्टी के शीर्ष नेता के लिए चिह्नित है।’ इस पोस्ट के बाद रोहिणी ने अपना अकाउंट अस्थायी रूप से प्राइवेट कर लिया था। उन्होंने परिवार के सदस्यों को अनफॉलो कर दिया था। हार की जिम्मेदारी को लेकर रोहिणी का पारा हाई बिहार विधानसभा चुनाव के बाद रोहिणी का सख्त तेवर दिखा। उन्होंने हार की जिम्मेदारी को लेकर तेजस्वी यादव और उनके करीबी नेताओं पर सवाल उठाए। रोहिणी ने आरोप लगाया कि राबड़ी आवास में उन पर चप्पल उठाई गई। खासतौर से तेजस्वी के 2 करीबियों संजय यादव और रमीज नेमत को रोहिणी ने निशाने पर लिया। रोहिणी ने परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति छोड़ने तक का ऐलान कर दिया। रोहिणी ने मीडिया में बयान दिया, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है, संजय-रमीज, तेजस्वी से पूछिए। उन्हीं लोगों ने मुझे परिवार से निकाला। उन्हें जिम्मेदारी (चुनाव हारने की) लेनी नहीं है। पूरी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ?’ इसी दौरान बिहार के एक पत्रकार ने रोहिणी के मायके में रहने पर सवाल उठाया तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्होंने कहा, ‘बेटी कितने समय मायके में रहेगी, यह बाहर के लोग तय नहीं करेंगे। मां-बाप और बेटी तय करेगी।’ रोहिणी के सवालों का जवाब न तो संजय यादव या रमीज खान दे पाए, न कोई पार्टी प्रवक्ता। तेजस्वी को भी कोई जवाब नहीं सूझा। रोहिणी ने हार की जवाबदेही लेने का सवाल उठाया तो तेजस्वी यादव पत्नी और बच्चों के साथ यूरोप की यात्रा पर निकल गए। तेजस्वी और संजय ने विवाद पर दी सफाई इस पर तेजस्वी ने कहा था, ‘रोहिणी दीदी सिर्फ बड़ी बहन नहीं, मां जैसी हैं। उन्होंने मुझे पाल-पोसकर बड़ा किया है। पापा को किडनी दी है। उनकी यह कुर्बानी अतुलनीय है। इस पर राजनीति करना शर्मनाक है।’ संजय यादव ने सफाई दी, ‘तेजस्वी की गाड़ी में आगे बैठना कार्यशैली और जिम्मेदारी का हिस्सा था, ताकत दिखाने का प्रयास नहीं। जो त्याग रोहिणी दीदी ने किया है, उसे भाजपा या बाहरी लोग समझ नहीं सकते।’ जानिए कौन है संजय यादव संजय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नंगल सिरोही गांव के हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, संजय कंप्

Jan 17, 2026 - 14:42
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पटना में राजद की लगातार दूसरे दिन हाईलेवल मीटिंग:मंगनीलाल बोले-संगठन विस्तार, तेजस्वी की यात्रा पर होगा मंथन, रोहिणी बोलीं- दिखावा के बजाए करें आत्ममंथन
पटना में लगातार दूसरे दिन भी राजद की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। तेजस्वी यादव के आवास 1 पोलो रोड पर आयोजित इस बैठक में तेजस्वी यादव के साथ प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, सभी सांसद, विधायक के साथ राष्ट्रीय महासचिव और पदाधिकारी शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल में जानकारी देते हुए बताया कि, 'आज की बैठक में पार्टी की मजबूती, संगठन विस्तार और आगामी तेजस्वी की यात्रा की लेकर चर्चा होगी।' नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार के यात्रा को लेकर भी सवाल खड़े किए। पहले देखिए नेताओं के तेजस्वी आवास पहुंचने की तस्वीरें... रोहिणी का तंज- 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाएं लालू परिवार का मतभेद एकबार फिर सामने आया। पिता को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने एकबार फिर तेजस्वी यादव पर तंज कसा। दरअसल, तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पटना में पार्टी सांसदों के साथ मीटिंग की। इसमें संजय यादव भी मौजूद थे। इसे लेकर रोहिणी ने X पर लिखा- 'समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी है खुद का आत्ममंथन और जिम्मेदारी लेना। अपने इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिह्नित 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी।' यूरोप टूर के बाद से एक्टिव हैं तेजस्वी बता दें कि हार के करीब 2 महीने और विदेश दौरे से लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहे हैं। आज शुक्रवार को उन्होंने अपने आवास पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसदों और कोर कमेटी की बैठक बुलाई। इस बैठक में राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई। 2 फरवरी से शुरू होने वाले बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की रणनीति इस बैठक का मेन एजेंडा रहा। बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने, विपक्ष की भूमिका को मजबूत करने और सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर नेताओं को निर्देश दिए गए। इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने अपनी बिहार यात्रा को लेकर भी नेताओं से फीडबैक लिया। विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार तेजस्वी पर मुखर हैं रोहिणी 10 जनवरी को कहा था- विरासत को खत्म करने के लिए नए अपने काफी हैं 6 दिन पहले 10 जनवरी को भी रोहिणी आचार्य ने इशारों-इशारों में तेजस्वी और संजय यादव पर निशाना साधा था। रोहिणी ने X पर लिखा- 'बड़ी शिद्दत से बनाई और खड़ी की गई 'बड़ी विरासत' को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, 'अपने' और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी 'नए बने अपने' ही काफी होते हैं। हैरानी तो तब होती है , जब 'जिसकी' वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर 'अपने' ही आमादा हो जाते हैं। जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है। तब 'विनाशक' ही आंख - नाक और कान बन बुद्धि - विवेक हर लेता है।' चुनाव में हार के बाद से लालू परिवार में बवाल बिहार विधानसभा में करारी हार के बाद से ही लालू परिवार में घमासान मचा हुआ है। परिवार बिखर रहा, इसका आरोप तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज नेमत पर लग रहा है। तेजप्रताप यादव अब तक इन्हें जयचंद बताते थे, उनके खिलाफ अब लालू यादव की बेटी रोहिणी ने भी मोर्चा खोल रखा है। रोहिणी ने तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज नेमत पर गंभीर आरोप लगाए थे। रोहिणी और तेजस्वी के बीच विवाद की शुरुआत ऐसा नहीं है कि तेजस्वी पर रोहिणी का गुस्सा चुनाव परिणाम आने के बाद भड़का। विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान जब वो पटना में थी। रिजल्ट आने से पहले जब तेजस्वी यादव की गाड़ी में उनकी सीट पर तेजस्वी के राइट हैंड माने जाने वाले राज्यसभा सांसद संजय यादव बैठे दिखे तो रोहिणी भड़क गईं। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा- ‘लालू प्रसाद या तेजस्वी की जगह कोई और बैठे यह कतई मंजूर नहीं.. फ्रंट सीट सदैव पार्टी के शीर्ष नेता के लिए चिह्नित है।’ इस पोस्ट के बाद रोहिणी ने अपना अकाउंट अस्थायी रूप से प्राइवेट कर लिया था। उन्होंने परिवार के सदस्यों को अनफॉलो कर दिया था। हार की जिम्मेदारी को लेकर रोहिणी का पारा हाई बिहार विधानसभा चुनाव के बाद रोहिणी का सख्त तेवर दिखा। उन्होंने हार की जिम्मेदारी को लेकर तेजस्वी यादव और उनके करीबी नेताओं पर सवाल उठाए। रोहिणी ने आरोप लगाया कि राबड़ी आवास में उन पर चप्पल उठाई गई। खासतौर से तेजस्वी के 2 करीबियों संजय यादव और रमीज नेमत को रोहिणी ने निशाने पर लिया। रोहिणी ने परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति छोड़ने तक का ऐलान कर दिया। रोहिणी ने मीडिया में बयान दिया, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है, संजय-रमीज, तेजस्वी से पूछिए। उन्हीं लोगों ने मुझे परिवार से निकाला। उन्हें जिम्मेदारी (चुनाव हारने की) लेनी नहीं है। पूरी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ?’ इसी दौरान बिहार के एक पत्रकार ने रोहिणी के मायके में रहने पर सवाल उठाया तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्होंने कहा, ‘बेटी कितने समय मायके में रहेगी, यह बाहर के लोग तय नहीं करेंगे। मां-बाप और बेटी तय करेगी।’ रोहिणी के सवालों का जवाब न तो संजय यादव या रमीज खान दे पाए, न कोई पार्टी प्रवक्ता। तेजस्वी को भी कोई जवाब नहीं सूझा। रोहिणी ने हार की जवाबदेही लेने का सवाल उठाया तो तेजस्वी यादव पत्नी और बच्चों के साथ यूरोप की यात्रा पर निकल गए। तेजस्वी और संजय ने विवाद पर दी सफाई इस पर तेजस्वी ने कहा था, ‘रोहिणी दीदी सिर्फ बड़ी बहन नहीं, मां जैसी हैं। उन्होंने मुझे पाल-पोसकर बड़ा किया है। पापा को किडनी दी है। उनकी यह कुर्बानी अतुलनीय है। इस पर राजनीति करना शर्मनाक है।’ संजय यादव ने सफाई दी, ‘तेजस्वी की गाड़ी में आगे बैठना कार्यशैली और जिम्मेदारी का हिस्सा था, ताकत दिखाने का प्रयास नहीं। जो त्याग रोहिणी दीदी ने किया है, उसे भाजपा या बाहरी लोग समझ नहीं सकते।’ जानिए कौन है संजय यादव संजय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नंगल सिरोही गांव के हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, संजय कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। 2.18 करोड़ संपत्ति है। तेजस्वी और संजय की मुलाकात दिल्ली में 2012 के आसपास क्रिकेट ग्राउंड पर हुई थी। 2013 में जब लालू यादव चारा घोटाले में जेल गए तब तेजस्वी पटना लौट आए। राजनीति सीखने लगे तब उन्होंने अपने दोस्त संजय को पटना बुला लिया। संजय मल्टी नेशनल IT कंपनी की नौकरी छोड़कर आ गए। सीनियर जर्नलिस्ट संतोष सिंह अपनी किताब ‘जेपी टू बीजेपी: बिहार आफ्टर लालू एंड नीतीश’ में लिखते हैं, ‘संजय ने तेजस्वी को समाजवादी राजनीति से जुड़ी कई किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया। देश के शीर्ष नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, जॉर्ज फर्नांडीस, कांशीराम, मायावती, चंद्रशेखर और वीपी सिंह के भाषण दिखाते और सुनाते थे, ताकि अच्छे भाषण की कला और बारीकी सीख सके। संजय रोज लालू के दिल्ली के तुगलक रोड स्थित आवास पर तेजस्वी के साथ चार से 5 घंटे साथ बिताते थे।’ पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रियदर्शी रंजन बताते हैं, ‘बिहार आकर संजय ने कुछ साल तक यहां की राजनीति को समझा, चुनावी समीकरण और आंकड़ों पर काम किया। जरूरत के मुताबिक RJD में कई तरह के तकनीकी और डिजिटल दौर के बदलाव भी किए।’ अब पढ़िए, कौन है रमीज नेमत? रमीज सपा के पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं। वह RJD का सोशल मीडिया और चुनाव का कामकाज देखते हैं। उनकी पत्नी जेबा रिजवान दो बार तुलसीपुर विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी हैं। रोहिणी के पोस्ट के बाद से ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ उनकी तस्वीरें वायरल होने लगी हैं। विवादों से रमीज का पुराना नाता तुलसीपुर तहसील के भंगहाकला गांव के रहने वाले रमीज पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उन पर 2021 पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा, आगजनी और बलवे का केस लगा। हालांकि, वह बाद में कोर्ट से दोषमुक्त हो गए। रमीज 2022 तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू हत्याकांड में नामजद आरोपी हैं। इस मामले में उन पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट लगा। कौशांबी के कोखराज थाने में भी रमीज पर हत्या का केस दर्ज है। लंबे समय तक बलरामपुर जेल में रहने के बाद वह अप्रैल 2025 में जमानत पर रिहा हुए। रमीज के नाम के साथ रोहिणी आचार्य के सार्वजनिक आरोपों ने अब एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। इसके बाद लालू परिवार की अंदरूनी खींचतान, चुनावी रणनीति और बाहरी दखल की चर्चा हो रही है। संजय यादव के तेजस्वी की गाड़ी के फ्रंट सीट पर बैठने पर शुरू हुआ विवाद 18 सितंबर को लालू यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया था। पोस्ट आलोक कुमार नाम के एक RJD समर्थक का था। पोस्ट में लिखा था- पूरे बिहार के साथ-साथ हम तमाम लोग फ्रंट सीट पर लालू जी और तेजस्वी यादव को बैठे/बैठते देखने के अभ्यस्थ हैं। उनकी जगह पर कोई और बैठे यह हमें कतई मंजूर नहीं। जिन्हें एक दोयम दर्जे के व्यक्ति में एक विलक्षण रणनीतिकार-सलाहकार-तारणहार नजर आता है… ये बात अलग है।