Prague Chess: प्राग अंतर्राष्ट्रीय शतरंज में वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को झेलनी पड़ी हार, अरविंद चिदंबरम ने दी मात

प्राग अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के छठे दौर में सटी रणनीति अपना कर अरविंद चिदंबरम ने अपने हमवतन डी गुकेश को हराया। जिससे मौजूदा फिडे वर्ल्ड चैंपियन अंतिम स्थान पर खिसक गया। अरविंद की जीत का मतलब है कि गुकेश अब लाइव रेटिंग सूची में 20वें स्थान पर खिसक गए हैं। किसी प्रतियोगिता में नहीं खेलने के कारण विश्वनाथन आनंद इस सूची में शामिल नहीं हैं। दिसंबर 2024 में खिताब जीतने के बाद से गुकेश को वर्ल्ड चैंपियन का अपना रुतबा बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जनवरी 2025 में टाटा स्टील मास्टर्स टूर्नामेंट एकमात्र अपवाद था जब पहले स्थान के लिए खेले गए टाईब्रेकर में वह हमवतन आर प्रज्ञानंद से हार गए थे। अरविंद ने काले मोहरों से खेलते हुए फिलिडोर डिफेंस का प्रयोग बुरी तरह विफल होने के बाद सिसिलियन डिफेंस अपनाया। गुकेश के लिए मु्श्किलें कड़ी करना आसान था क्योंकि मिडिल गेम के शुरू में उन्होंने अपना एक प्यादा कुर्बान कर दिया था। अरविंद ड्रॉ से खुश हो जाते लेकिन गुकेश ने 40वीं चाल में गलती की। अरविंद ने इसका फायदा उठाकर 48 चाल में जीत हासिल कर दी। 

Mar 5, 2026 - 12:41
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Prague Chess: प्राग अंतर्राष्ट्रीय शतरंज में वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को झेलनी पड़ी हार, अरविंद चिदंबरम ने दी मात

प्राग अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के छठे दौर में सटी रणनीति अपना कर अरविंद चिदंबरम ने अपने हमवतन डी गुकेश को हराया। जिससे मौजूदा फिडे वर्ल्ड चैंपियन अंतिम स्थान पर खिसक गया। 

अरविंद की जीत का मतलब है कि गुकेश अब लाइव रेटिंग सूची में 20वें स्थान पर खिसक गए हैं। किसी प्रतियोगिता में नहीं खेलने के कारण विश्वनाथन आनंद इस सूची में शामिल नहीं हैं। दिसंबर 2024 में खिताब जीतने के बाद से गुकेश को वर्ल्ड चैंपियन का अपना रुतबा बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 

जनवरी 2025 में टाटा स्टील मास्टर्स टूर्नामेंट एकमात्र अपवाद था जब पहले स्थान के लिए खेले गए टाईब्रेकर में वह हमवतन आर प्रज्ञानंद से हार गए थे। अरविंद ने काले मोहरों से खेलते हुए फिलिडोर डिफेंस का प्रयोग बुरी तरह विफल होने के बाद सिसिलियन डिफेंस अपनाया। गुकेश के लिए मु्श्किलें कड़ी करना आसान था क्योंकि मिडिल गेम के शुरू में उन्होंने अपना एक प्यादा कुर्बान कर दिया था। अरविंद ड्रॉ से खुश हो जाते लेकिन गुकेश ने 40वीं चाल में गलती की। अरविंद ने इसका फायदा उठाकर 48 चाल में जीत हासिल कर दी।