डीडवाना में गणगौर पूजन शुरू:15 दिन तक गूंजेंगे ईशर-गौर के गीत
डीडवाना में होली पर्व के समापन के साथ ही चैत्र कृष्ण पक्ष में पारंपरिक गणगौर पूजन का शुभारंभ हो गया है। शहरभर में सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं श्रद्धा व उत्साह के साथ गणगौर की पूजा-अर्चना कर रही हैं। यह पर्व 15 दिनों तक चलेगा। शहर के विभिन्न मोहल्लों में घरों के बाहर बने चबूतरों पर दीवार पर चित्रित या मिट्टी से बनी गौर-ईशर की प्रतिमाओं की विधिवत पूजा की जा रही है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रही हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति की कामना कर रही हैं। सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था की अनूठी झलक पूजन के दौरान "गौर-गौर गौमती, ईशर पूजे पार्वती" जैसे पारंपरिक गीत गाए जा रहे हैं। बुजुर्ग महिलाएं भी "भंवर म्हान पूजण दो गणगौर" जैसे लोकगीतों से माहौल को भक्तिमय बना रही हैं। इस 15 दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत शिवबाड़ी, दोजराज गणेश मंदिर और लालजी की बावड़ी सहित कई स्थानों से गाजे-बाजे के साथ गौर लाने की परंपरा भी निभाई जाएगी। महिलाओं की सामूहिक भागीदारी से पूरे शहर में उत्सव जैसा वातावरण बना हुआ है। गणगौर पूजन का यह पारंपरिक आयोजन डीडवाना में सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था की अनूठी झलक प्रस्तुत कर रहा है।



