चेक बाउंस होने पर आरोपी को एक साल की सजा:अब चुकानी होगी दुगुनी रकम, एनआई एक्ट मामलों की स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला
जयपुर महानगर द्वितीय की चेक बाउंस (एनआई एक्ट) मामलों की स्पेशल कोर्ट ने चेक बाउंस के करीब 19 साल पुराने मामले में जयपुर निवासी युवक को एक साल की सजा सुनाई है। एनआई एक्ट कोर्ट-5 के जज तेज किरण कौर चावला ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह के मामलों में अगर नरमी बरती जाती है तो ऐसे मामलों में तेज गति से बढ़ोतरी होगी। लिहाजा अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दंडित किया जाना जरूरी हैं। कोर्ट ने आरोपी को एक साल की सजा के साथ-साथ जितनी राशि उधार ली थी, उसकी दोगुनी राशि परिवादी को अदा करने के भी आदेश दिए। वहीं राशि अदा नहीं करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का फैसला भी सुनाया। साल 2007 में दिया था 2 लाख का चेक परिवादी के वकील संदीप सिखवाल ने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने अपनी निजी आवश्यकताओं और कर्ज चुकाने के लिए परिवादी से 2 लाख रुपए उधार लेकर भुगतान के पेटे 8 जनवरी, 2007 को चेक दिया था। लेकिन वो चेक 1 मार्च 2007 को बाउंस हो गया। जिसके बाद परिवादी ने आरोपी को लीगल नोटिस भेजकर राशि अदा करने के लिए कहा। लेकिन आरोपी ने उधार ली गई राशि का भुगतान नहीं किया। जो एनआई एक्ट के तहत दंडनीय अपराध हैं। उन्होने कोर्ट को बताया कि अभियुक्त ने धोखाधड़ी की है, उसने सोच-समझकर अपराध कारित किया है। परिवादी की ओर से कोर्ट में 33 डॉक्यूमेंट्स पेश किए गए।



