RAS अफसर ने लिखा-बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो:इनको तो डिमांड करना भी नहीं आता; पेपरलीक करने वालों को 7 दिन में फांसी दी जाए

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में स्टूडेंट के विरोध प्रदर्शन को RAS अफसर पंकज ओझा ने समर्थन किया है। ओझा ने अपनी बेटी की तस्वीर लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक पोस्ट किया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक पंकज ओझा की यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। ओझा ने पोस्ट के साथ ही लिखा कि इसका संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। RAS अफसर पंकज ओझा ने लिखा- बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो भाइयों, यही हमारे देश का अगला भविष्य हैं। हमारे बच्चे बहुत सीधे हैं, इनको तो बेचारों को डिमांड करना भी नहीं आता। ये केवल धर्मेंद्र प्रधान साहब के इस्तीफे से खुश होना चाहते हैं, जबकि इससे कुछ होगा नहीं। कोई और आ जाएगा, फिर वही होगा। मैं RAS की परीक्षा दे रहा था, तब भी हुए थे पेपरलीक ओझा ने लिखा- जब मैं RAS की परीक्षा दे रहा था। तब भी इसी प्रकार से पेपर आउट हुए थे। हमारे पूरे दो साल की मेहनत बेकार हो गई थी। तब हमने तत्कालीन अध्यक्ष से डेलिगेशन के रूप में जाकर बात की थी। ओझा ने लिखा- डिमांड यह होनी चाहिए कि ऐसा फुल प्रूफ सिस्टम हो कि कोई एग्जाम का पेपर आउट नहीं हो। कोई गड़बड़ करे तो 7 दिन के अंदर उसे फांसी दी जाए। इसमें जो शामिल हो, उन्हें भी फांसी दी जाए। साथ ही जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके पेरेंट्स को धनराशि दी जाए और उनके घर वालों को नौकरी दी जाए। ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए ओझा ने आगे लिखा- हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए। उनके टैलेंट और उनकी बुद्धिमत्ता का सही ढंग से मूल्यांकन हो और उनको उचित अवसर प्राप्त हो सके। तभी हम नवीन और अच्छे भारत का निर्माण कर सकेंगे। हमें अपने बच्चों को सड़कों पर नहीं, आसमान की उन ऊंचाइयों तक पहुंचाना है जहां से वे सारे जगत को अपनी प्रतिभा से रोशन कर सकें। डिस्कलेमर लिखा- पोस्ट का संबंध मेरी बेटी से, जो आहत है ओझा ने फेसबुक पोस्ट के साथ डिस्कलेमर में लिखा- इस पोस्ट का संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। चिंतित है। इसके बाप से भी इस पोस्ट का संबंध है, जो उसे अपनी जान से ज्यादा चाहता है। ये खबरें भी पढ़ें जयपुर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से पुलिस की धक्का-मुक्की:वाटर कैनन चलाई, एक महिला बेहोश हुई; भाजपा कार्यालय घेरने जा रहे थे जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे

Jul 22, 2026 - 20:12
 0
RAS अफसर ने लिखा-बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो:इनको तो डिमांड करना भी नहीं आता; पेपरलीक करने वालों को 7 दिन में फांसी दी जाए
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में स्टूडेंट के विरोध प्रदर्शन को RAS अफसर पंकज ओझा ने समर्थन किया है। ओझा ने अपनी बेटी की तस्वीर लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक पोस्ट किया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक पंकज ओझा की यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। ओझा ने पोस्ट के साथ ही लिखा कि इसका संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। RAS अफसर पंकज ओझा ने लिखा- बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो भाइयों, यही हमारे देश का अगला भविष्य हैं। हमारे बच्चे बहुत सीधे हैं, इनको तो बेचारों को डिमांड करना भी नहीं आता। ये केवल धर्मेंद्र प्रधान साहब के इस्तीफे से खुश होना चाहते हैं, जबकि इससे कुछ होगा नहीं। कोई और आ जाएगा, फिर वही होगा। मैं RAS की परीक्षा दे रहा था, तब भी हुए थे पेपरलीक ओझा ने लिखा- जब मैं RAS की परीक्षा दे रहा था। तब भी इसी प्रकार से पेपर आउट हुए थे। हमारे पूरे दो साल की मेहनत बेकार हो गई थी। तब हमने तत्कालीन अध्यक्ष से डेलिगेशन के रूप में जाकर बात की थी। ओझा ने लिखा- डिमांड यह होनी चाहिए कि ऐसा फुल प्रूफ सिस्टम हो कि कोई एग्जाम का पेपर आउट नहीं हो। कोई गड़बड़ करे तो 7 दिन के अंदर उसे फांसी दी जाए। इसमें जो शामिल हो, उन्हें भी फांसी दी जाए। साथ ही जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके पेरेंट्स को धनराशि दी जाए और उनके घर वालों को नौकरी दी जाए। ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए ओझा ने आगे लिखा- हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए। उनके टैलेंट और उनकी बुद्धिमत्ता का सही ढंग से मूल्यांकन हो और उनको उचित अवसर प्राप्त हो सके। तभी हम नवीन और अच्छे भारत का निर्माण कर सकेंगे। हमें अपने बच्चों को सड़कों पर नहीं, आसमान की उन ऊंचाइयों तक पहुंचाना है जहां से वे सारे जगत को अपनी प्रतिभा से रोशन कर सकें। डिस्कलेमर लिखा- पोस्ट का संबंध मेरी बेटी से, जो आहत है ओझा ने फेसबुक पोस्ट के साथ डिस्कलेमर में लिखा- इस पोस्ट का संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। चिंतित है। इसके बाप से भी इस पोस्ट का संबंध है, जो उसे अपनी जान से ज्यादा चाहता है। ये खबरें भी पढ़ें जयपुर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से पुलिस की धक्का-मुक्की:वाटर कैनन चलाई, एक महिला बेहोश हुई; भाजपा कार्यालय घेरने जा रहे थे जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे