वाराणसी रेलवे स्टेशन पर सावन की तैयारी शुरू:180 हाई-टेक कैमरों से होगी निगरानी, कुंभ के तर्ज पर तैयार हो रहे होल्डिंग एरिया
सावन माह में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। वाराणसी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और यात्री सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने बताया कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए स्टेशन परिसर के सभी खान-पान स्टॉलों पर केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूरे सावन माह में स्टेशन परिसर में नॉन-वेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही स्टेशन पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा और 24 घंटे तीनों शिफ्टों में सफाईकर्मी तैनात रहेंगे, ताकि परिसर पूरी तरह साफ-सुथरा बना रहे। 180 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्टेशन परिसर में लगे 180 से अधिक हाईटेक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी। स्टेशन के प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, प्रतीक्षालय और सर्कुलेटिंग एरिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग आधुनिक कंट्रोल रूम से की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना या भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को हर समय अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। हेल्प डेस्क और मेडिकल टीम रहेगी 24 घंटे सक्रिय
यात्रियों की सहायता के लिए स्टेशन पर विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां ट्रेनों की जानकारी, टिकट बुकिंग, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) तथा मोबाइल यूटीएस से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी। जिला प्रशासन के सहयोग से स्टेशन परिसर में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भीड़ बढ़ने पर तुरंत चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
रेलवे प्रशासन ने संभावित अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए एक से दो खाली ट्रेन रैक रिजर्व रखने की योजना बनाई है। आवश्यकता पड़ने पर मंडल कार्यालय के निर्देशानुसार तत्काल स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। स्टेशन डायरेक्टर ने बताया कि दो स्पेशल रैक हर समय तैयार रहेंगे और उनमें कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी। यदि किसी रूट पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ती है तो तत्काल उस दिशा में ट्रेन चलाकर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा। कुंभ की तर्ज पर बनेगा होल्डिंग एरिया
सावन में उमड़ने वाली भीड़ के प्रभावी प्रबंधन के लिए स्टेशन पर कुंभ मेले की तर्ज पर होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना और स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ एकत्र होने से रोकना है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में यात्रियों को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे भगदड़ जैसी घटनाओं की संभावना को रोका जा सके। स्टेशन परिसर रहेगा बेसहारा पशुओं से मुक्त
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन जंक्शन और सर्कुलेटिंग एरिया को बेसहारा पशुओं एवं आवारा कुत्तों से मुक्त रखने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अग्नि सुरक्षा और खाद्य इकाइयों पर विशेष निगरानी
आग से बचाव के लिए स्टेशन पर लगे सभी अग्निशामक यंत्रों और वाटर हाइड्रेंट की जांच कर उन्हें पूरी तरह दुरुस्त किया गया है। स्टेशन के प्रत्येक स्टॉल और व्यावसायिक इकाई में निर्धारित क्षमता के अग्निशामक यंत्र कार्यशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जन आहार, फूड ट्रैक यूनिट, रेल कोच रेस्टोरेंट, फूड वैन, एग्जीक्यूटिव लॉबी स्थित फूड ट्रैक यूनिट सहित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर स्वच्छता और गुणवत्ता के विशेष मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
सावन माह में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। वाराणसी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और यात्री सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने बताया कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए स्टेशन परिसर के सभी खान-पान स्टॉलों पर केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूरे सावन माह में स्टेशन परिसर में नॉन-वेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही स्टेशन पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा और 24 घंटे तीनों शिफ्टों में सफाईकर्मी तैनात रहेंगे, ताकि परिसर पूरी तरह साफ-सुथरा बना रहे। 180 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्टेशन परिसर में लगे 180 से अधिक हाईटेक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी। स्टेशन के प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, प्रतीक्षालय और सर्कुलेटिंग एरिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग आधुनिक कंट्रोल रूम से की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना या भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को हर समय अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। हेल्प डेस्क और मेडिकल टीम रहेगी 24 घंटे सक्रिय
यात्रियों की सहायता के लिए स्टेशन पर विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां ट्रेनों की जानकारी, टिकट बुकिंग, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) तथा मोबाइल यूटीएस से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी। जिला प्रशासन के सहयोग से स्टेशन परिसर में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भीड़ बढ़ने पर तुरंत चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
रेलवे प्रशासन ने संभावित अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए एक से दो खाली ट्रेन रैक रिजर्व रखने की योजना बनाई है। आवश्यकता पड़ने पर मंडल कार्यालय के निर्देशानुसार तत्काल स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। स्टेशन डायरेक्टर ने बताया कि दो स्पेशल रैक हर समय तैयार रहेंगे और उनमें कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी। यदि किसी रूट पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ती है तो तत्काल उस दिशा में ट्रेन चलाकर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा। कुंभ की तर्ज पर बनेगा होल्डिंग एरिया
सावन में उमड़ने वाली भीड़ के प्रभावी प्रबंधन के लिए स्टेशन पर कुंभ मेले की तर्ज पर होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना और स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ एकत्र होने से रोकना है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में यात्रियों को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे भगदड़ जैसी घटनाओं की संभावना को रोका जा सके। स्टेशन परिसर रहेगा बेसहारा पशुओं से मुक्त
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन जंक्शन और सर्कुलेटिंग एरिया को बेसहारा पशुओं एवं आवारा कुत्तों से मुक्त रखने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अग्नि सुरक्षा और खाद्य इकाइयों पर विशेष निगरानी
आग से बचाव के लिए स्टेशन पर लगे सभी अग्निशामक यंत्रों और वाटर हाइड्रेंट की जांच कर उन्हें पूरी तरह दुरुस्त किया गया है। स्टेशन के प्रत्येक स्टॉल और व्यावसायिक इकाई में निर्धारित क्षमता के अग्निशामक यंत्र कार्यशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जन आहार, फूड ट्रैक यूनिट, रेल कोच रेस्टोरेंट, फूड वैन, एग्जीक्यूटिव लॉबी स्थित फूड ट्रैक यूनिट सहित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर स्वच्छता और गुणवत्ता के विशेष मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।