खगड़िया के गोगरी अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू:किडनी मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा, PMNDP के तहत मिली सौगात
खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में बुधवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) के तहत डायलिसिस सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस सुविधा से गोगरी अनुमंडल और आसपास के हजारों किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिली है। अब मरीजों को नियमित डायलिसिस के लिए खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, सहरसा या पटना जैसे बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें अपने ही अनुमंडल अस्पताल में आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा। इससे मरीजों के समय, धन और अनावश्यक भागदौड़ की बचत होगी, साथ ही नियमित उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना सिटी स्थित गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस सेवाओं का एक साथ लोकार्पण किया। गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में प्रखंड प्रमुख अशोक पंत ने फीता काटकर डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश, अस्पताल प्रबंधक पूजा कुमारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक रूपक कुमार, बीसीएम नीतू कुमारी, जनप्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इस सेवा को क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिससे गंभीर किडनी रोगियों को समय पर उपचार मिलेगा। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में तीन अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनों के साथ सेवा शुरू की गई है। इस यूनिट का संचालन लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत देश की अग्रणी डायलिसिस सेवा प्रदाता संस्था NephroPlus द्वारा किया जाएगा। NephroPlus प्रशिक्षित तकनीशियनों के माध्यम से मशीनों का संचालन, रखरखाव और मरीजों की डायलिसिस करेगी। वहीं, अस्पताल प्रशासन बिजली, पानी, भवन, सुरक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट में संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छ वातावरण, आरओ आधारित शुद्ध जल की व्यवस्था, निर्बाध बिजली आपूर्ति, आवश्यक दवाएं तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ने पर मशीनों और मानव संसाधनों का भी विस्तार किया जाएगा।
पात्र मरीजों को मिलेगी निःशुल्क सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत पात्र राशन कार्डधारक मरीजों को सरकार की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
अन्य मरीजों को भी सरकार एवं सेवा प्रदाता संस्था के बीच हुए अनुबंध के अनुसार निर्धारित दरों पर डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।
अब घर के पास मिलेगा इलाज
डायलिसिस वह चिकित्सीय प्रक्रिया है, जिसमें किडनी के सही तरीके से कार्य नहीं करने पर मशीन के माध्यम से शरीर से विषैले तत्व, अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकाले जाते हैं। क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD), किडनी फेलियर एवं अन्य गंभीर गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस करानी पड़ती है। अब तक गोगरी अनुमंडल के मरीजों को प्रत्येक सप्ताह इलाज के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ जाता था। कई गरीब परिवार संसाधनों के अभाव में समय पर इलाज भी नहीं करा पाते थे।
अब गोगरी में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को घर के नजदीक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा। इससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी, इलाज का खर्च घटेगा और मरीजों को नियमित डायलिसिस कराने में आसानी होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम
गौरतलब है कि बिहार में वर्ष 2020 से 19 जिला अस्पतालों में डायलिसिस सेवाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। अब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत इस सेवा का विस्तार अनुमंडलीय अस्पतालों तक किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों तक जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे राज्य के हजारों किडनी रोगियों को सीधे लाभ मिलेगा और उनकी जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में बुधवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) के तहत डायलिसिस सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस सुविधा से गोगरी अनुमंडल और आसपास के हजारों किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिली है। अब मरीजों को नियमित डायलिसिस के लिए खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, सहरसा या पटना जैसे बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें अपने ही अनुमंडल अस्पताल में आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा। इससे मरीजों के समय, धन और अनावश्यक भागदौड़ की बचत होगी, साथ ही नियमित उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना सिटी स्थित गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस सेवाओं का एक साथ लोकार्पण किया। गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में प्रखंड प्रमुख अशोक पंत ने फीता काटकर डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश, अस्पताल प्रबंधक पूजा कुमारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक रूपक कुमार, बीसीएम नीतू कुमारी, जनप्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इस सेवा को क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिससे गंभीर किडनी रोगियों को समय पर उपचार मिलेगा। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में तीन अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनों के साथ सेवा शुरू की गई है। इस यूनिट का संचालन लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत देश की अग्रणी डायलिसिस सेवा प्रदाता संस्था NephroPlus द्वारा किया जाएगा। NephroPlus प्रशिक्षित तकनीशियनों के माध्यम से मशीनों का संचालन, रखरखाव और मरीजों की डायलिसिस करेगी। वहीं, अस्पताल प्रशासन बिजली, पानी, भवन, सुरक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट में संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छ वातावरण, आरओ आधारित शुद्ध जल की व्यवस्था, निर्बाध बिजली आपूर्ति, आवश्यक दवाएं तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ने पर मशीनों और मानव संसाधनों का भी विस्तार किया जाएगा।
पात्र मरीजों को मिलेगी निःशुल्क सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत पात्र राशन कार्डधारक मरीजों को सरकार की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
अन्य मरीजों को भी सरकार एवं सेवा प्रदाता संस्था के बीच हुए अनुबंध के अनुसार निर्धारित दरों पर डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।
अब घर के पास मिलेगा इलाज
डायलिसिस वह चिकित्सीय प्रक्रिया है, जिसमें किडनी के सही तरीके से कार्य नहीं करने पर मशीन के माध्यम से शरीर से विषैले तत्व, अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकाले जाते हैं। क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD), किडनी फेलियर एवं अन्य गंभीर गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस करानी पड़ती है। अब तक गोगरी अनुमंडल के मरीजों को प्रत्येक सप्ताह इलाज के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ जाता था। कई गरीब परिवार संसाधनों के अभाव में समय पर इलाज भी नहीं करा पाते थे।
अब गोगरी में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को घर के नजदीक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा। इससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी, इलाज का खर्च घटेगा और मरीजों को नियमित डायलिसिस कराने में आसानी होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम
गौरतलब है कि बिहार में वर्ष 2020 से 19 जिला अस्पतालों में डायलिसिस सेवाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। अब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत इस सेवा का विस्तार अनुमंडलीय अस्पतालों तक किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों तक जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे राज्य के हजारों किडनी रोगियों को सीधे लाभ मिलेगा और उनकी जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।