महिला कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत मांगने का मामला:रोहतक MDU में हुई पंचायत, कमेटी बनाकर न्याय की लगाएंगे गुहार, आंदोलन की तय होगी रूपरेखा

रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में 26 अक्टूबर 2025 को महिला कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत मांगने के मामले में कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित महिलाओं व छात्र नेताओं ने पंचायत बुलाई। पंचायत के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस मामले में कमेटी बनाई जाएगी, जो पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आगे की लड़ाई लड़ेगी। छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि 26 अक्टूबर को राज्यपाल के दौरे के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत मांगे गए थे, जिसको लेकर पीजीआई थाने में एससी एसटी एक्ट में केस भी दर्ज करवाया गया था। इस मामले में एमडीयू प्रशासन ने तीन कर्मचारियों को टर्मिनेट भी किया था, लेकिन अब उन्हें क्लीन चिट देकर बहाल करना, कई सवाल खड़े कर रहा है। वितेंद्र के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग हुई वायरल छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि उनकी सुपरवाइजर वितेंद्र के साथ फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वितेंद्र ने उससे कहा कि श्याम सुंदर के कहने पर ही पीरियड्स के सबूत महिलाओं से लिए गए थे। ये सारे सबूत पुलिस को भी दिए गए, लेकिन मामले में आरोपियों को क्लीन चिट देना, पुलिस की कार्यशैली पर संदेह पैदा कर रहा है। समाज के लोगों की बनाई कमेटी छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि पंचायत के दौरान निर्णय लिया कि एक कमेटी बनाई जाए, जो पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आगे की कार्रवाई करेगी। इस मामले में प्रदेशभर के एससी, ओबीसी व अन्य सामाजिक संगठनों से सहयोग मांगा जाएगा। महिलाओं ने खुद सबूत दिए कि उनके साथ गलत हुआ छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि जब महिलाएं खुद बोल रही हैं कि उनके साथ गलत हुआ, तो किसी अन्य चीज की जरूरत नहीं थी। जिस फोन से महिलाओं के फोटो लिए गए, वो सबूत के तौर पर पुलिस को दिए गए। कोर्ट तक मामला पहुंचा। महिला आयोग को भी एमडीयू कमेटी ने गुमराह किया। कमेटी करेगी आंदोलन का निर्णय छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जो कमेटी बनाई गई है, वह सरकार के साथ बातचीत करेगी। पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए अगर आंदोलन करने की जरूरत पड़ी तो उसके लिए भी कमेटी ही रणनीति तय करेगी।

Apr 4, 2026 - 18:43
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महिला कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत मांगने का मामला:रोहतक MDU में हुई पंचायत, कमेटी बनाकर न्याय की लगाएंगे गुहार, आंदोलन की तय होगी रूपरेखा
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में 26 अक्टूबर 2025 को महिला कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत मांगने के मामले में कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित महिलाओं व छात्र नेताओं ने पंचायत बुलाई। पंचायत के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस मामले में कमेटी बनाई जाएगी, जो पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आगे की लड़ाई लड़ेगी। छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि 26 अक्टूबर को राज्यपाल के दौरे के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों से पीरियड्स के सबूत मांगे गए थे, जिसको लेकर पीजीआई थाने में एससी एसटी एक्ट में केस भी दर्ज करवाया गया था। इस मामले में एमडीयू प्रशासन ने तीन कर्मचारियों को टर्मिनेट भी किया था, लेकिन अब उन्हें क्लीन चिट देकर बहाल करना, कई सवाल खड़े कर रहा है। वितेंद्र के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग हुई वायरल छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि उनकी सुपरवाइजर वितेंद्र के साथ फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वितेंद्र ने उससे कहा कि श्याम सुंदर के कहने पर ही पीरियड्स के सबूत महिलाओं से लिए गए थे। ये सारे सबूत पुलिस को भी दिए गए, लेकिन मामले में आरोपियों को क्लीन चिट देना, पुलिस की कार्यशैली पर संदेह पैदा कर रहा है। समाज के लोगों की बनाई कमेटी छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि पंचायत के दौरान निर्णय लिया कि एक कमेटी बनाई जाए, जो पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आगे की कार्रवाई करेगी। इस मामले में प्रदेशभर के एससी, ओबीसी व अन्य सामाजिक संगठनों से सहयोग मांगा जाएगा। महिलाओं ने खुद सबूत दिए कि उनके साथ गलत हुआ छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि जब महिलाएं खुद बोल रही हैं कि उनके साथ गलत हुआ, तो किसी अन्य चीज की जरूरत नहीं थी। जिस फोन से महिलाओं के फोटो लिए गए, वो सबूत के तौर पर पुलिस को दिए गए। कोर्ट तक मामला पहुंचा। महिला आयोग को भी एमडीयू कमेटी ने गुमराह किया। कमेटी करेगी आंदोलन का निर्णय छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जो कमेटी बनाई गई है, वह सरकार के साथ बातचीत करेगी। पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए अगर आंदोलन करने की जरूरत पड़ी तो उसके लिए भी कमेटी ही रणनीति तय करेगी।