अजित पवार की पत्नी को डिप्टी सीएम बनाने की मांग:NCP नेता फडणवीस से मिले, विभाग भी मांगे; NCP के विलय पर फैसला शरद पवार लेंगे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनका पद पत्नी को दिए जाने, NCP के दोनों गुट के विलय और विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इन्हीं मांगों को लेकर आज शुक्रवार को NCP के नेता CM देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके घर वर्षा बंगले पहुंचे। इसमें प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे शामिल हैं। मीटिंग आधे घंटे तक चली। महाराष्ट्र सरकार में अजित पवार के पास फाइनेंस, एक्साइज और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ-साथ डिप्टी चीफ मिनिस्टर का पद भी था। NCP नेताओं में इस बात पर चर्चा चल रही है कि इन डिपार्टमेंट का एडमिनिस्ट्रेशन किसे दिया जाए और पार्टी की नेशनल लीडरशिप किसे दी जाए। वहीं, यह दावा भी किया जा रहा है कि अजित पवार NCP के दोनों गुट के जिस मर्जर पर बातचीत कर रहे थे, उस पर आखिरी फैसला शरद पवार लेंगे। अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। वे जिला परिषद चुनाव के लिए रैली को संबोधित करने जा रहे थे।
मीटिंग के बाद बोले प्रफुल्ल- CM जल्दी फैसला लें CM देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद एनसीपी के नेता प्रफुल पटेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को साफ तौर पर बता दिया है कि जनभावना को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द फैसला लेना जरूरी है। प्रफुल ने कहा कि हमारी मांग है कि अजित के पोर्टफोलियो और NCP से जुड़े फैसलों को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। राज्य की मौजूदा स्थिति कार्यकर्ताओं के असंतोष और जनता की भावनाओं को देखते हुए बिना देरी ठोस निर्णय लेना जरूरी है। महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े अपडेट्स अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार ने नरेश अरोड़ा को राजनीतिक सलाह के लिए बारामती बुलाया है। नरेश अरोड़ा अजित पवार के चुनावी रणनीतिकार हैं. उनकी संस्था 'डिजाइनबॉक्स' एनसीपी के लिए काम करती है। 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समिति के लिए मतदान अब 5 फरवरी के बजाय 7 फरवरी को होगा। रिजल्ट 9 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। NCP विलय को लेकर 3 लोगों के दावे NCP का विलय हुआ तो क्या होगा… NCP (SP) के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि बुधवार को हुए प्लेन क्रैश से पहले NCP के दोनों पक्ष बातचीत के एडवांस्ड स्टेज पर पहुंच गए थे। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के खत्म होने के तुरंत बाद, एक विलय की घोषणा किए जाने का प्लान था। अजित की रणनीति यह थी कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान माहौल का जायजा लिया जाए और पूरी तरह से विलय की घोषणा करने से पहले दोनों पार्टियों के वोट बैंक को मजबूत किया जाए। सूत्रों का कहना है कि विलय से कैबिनेट के गणित में मौलिक बदलाव आएगा। अगर विलय होता है, तो NCP (SP) के नेता राज्य के शासन और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस मर्जर को पश्चिमी महाराष्ट्र के "शुगर बाउल" पर फिर से कब्जा करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जहां BJP ने हाल के नगर निगम चुनावों में अहम पकड़ बनाई है। विलय के बाद NCP के पास 9 लोकसभा सांसदों और 51 विधायकों का एक मजबूत संयोजन होगा, जो संभावित रूप से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन या विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर संतुलन बदल सकता है। जुलाई 2023 में टूटी थी NCP शरद पवार ने 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाई थी। जुलाई 2023 में अजित पवार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद NCP दो हिस्सों में बंट गई थी। उस समय उन्हें उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पवार उसी पद पर बने रहे। (NCP के) पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावे को लेकर दोनों गुटों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी, जिसमें अजित पवार के गुट को मूल NCP नाम और एनालॉग अलार्म घड़ी चुनाव चिह्न मिला था।
वर्तमान में, NCP महायुति सरकार का हिस्सा है, जबकि NCP (SP) विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) में शामिल है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार का अंतिम संस्कार, पत्नी ने गंगाजल चढ़ाया: बेटों ने मुखाग्नि दी, गन सैल्यूट दिया गया बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का अंतिम संस्कार हो गया। उनके दोनों बेटों पार्थ और जय पवार ने मुखाग्नि दी। पत्नी सुनेत्रा पवार ने पति के पार्थिव शरीर पर गंगाजल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। इस मौके पर चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनका पद पत्नी को दिए जाने, NCP के दोनों गुट के विलय और विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इन्हीं मांगों को लेकर आज शुक्रवार को NCP के नेता CM देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके घर वर्षा बंगले पहुंचे। इसमें प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे शामिल हैं। मीटिंग आधे घंटे तक चली। महाराष्ट्र सरकार में अजित पवार के पास फाइनेंस, एक्साइज और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ-साथ डिप्टी चीफ मिनिस्टर का पद भी था। NCP नेताओं में इस बात पर चर्चा चल रही है कि इन डिपार्टमेंट का एडमिनिस्ट्रेशन किसे दिया जाए और पार्टी की नेशनल लीडरशिप किसे दी जाए। वहीं, यह दावा भी किया जा रहा है कि अजित पवार NCP के दोनों गुट के जिस मर्जर पर बातचीत कर रहे थे, उस पर आखिरी फैसला शरद पवार लेंगे। अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। वे जिला परिषद चुनाव के लिए रैली को संबोधित करने जा रहे थे।
मीटिंग के बाद बोले प्रफुल्ल- CM जल्दी फैसला लें CM देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद एनसीपी के नेता प्रफुल पटेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को साफ तौर पर बता दिया है कि जनभावना को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द फैसला लेना जरूरी है। प्रफुल ने कहा कि हमारी मांग है कि अजित के पोर्टफोलियो और NCP से जुड़े फैसलों को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। राज्य की मौजूदा स्थिति कार्यकर्ताओं के असंतोष और जनता की भावनाओं को देखते हुए बिना देरी ठोस निर्णय लेना जरूरी है। महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े अपडेट्स अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार ने नरेश अरोड़ा को राजनीतिक सलाह के लिए बारामती बुलाया है। नरेश अरोड़ा अजित पवार के चुनावी रणनीतिकार हैं. उनकी संस्था 'डिजाइनबॉक्स' एनसीपी के लिए काम करती है। 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समिति के लिए मतदान अब 5 फरवरी के बजाय 7 फरवरी को होगा। रिजल्ट 9 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। NCP विलय को लेकर 3 लोगों के दावे NCP का विलय हुआ तो क्या होगा… NCP (SP) के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि बुधवार को हुए प्लेन क्रैश से पहले NCP के दोनों पक्ष बातचीत के एडवांस्ड स्टेज पर पहुंच गए थे। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के खत्म होने के तुरंत बाद, एक विलय की घोषणा किए जाने का प्लान था। अजित की रणनीति यह थी कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान माहौल का जायजा लिया जाए और पूरी तरह से विलय की घोषणा करने से पहले दोनों पार्टियों के वोट बैंक को मजबूत किया जाए। सूत्रों का कहना है कि विलय से कैबिनेट के गणित में मौलिक बदलाव आएगा। अगर विलय होता है, तो NCP (SP) के नेता राज्य के शासन और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस मर्जर को पश्चिमी महाराष्ट्र के "शुगर बाउल" पर फिर से कब्जा करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जहां BJP ने हाल के नगर निगम चुनावों में अहम पकड़ बनाई है। विलय के बाद NCP के पास 9 लोकसभा सांसदों और 51 विधायकों का एक मजबूत संयोजन होगा, जो संभावित रूप से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन या विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर संतुलन बदल सकता है। जुलाई 2023 में टूटी थी NCP शरद पवार ने 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाई थी। जुलाई 2023 में अजित पवार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद NCP दो हिस्सों में बंट गई थी। उस समय उन्हें उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पवार उसी पद पर बने रहे। (NCP के) पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावे को लेकर दोनों गुटों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी, जिसमें अजित पवार के गुट को मूल NCP नाम और एनालॉग अलार्म घड़ी चुनाव चिह्न मिला था।
वर्तमान में, NCP महायुति सरकार का हिस्सा है, जबकि NCP (SP) विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) में शामिल है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार का अंतिम संस्कार, पत्नी ने गंगाजल चढ़ाया: बेटों ने मुखाग्नि दी, गन सैल्यूट दिया गया बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का अंतिम संस्कार हो गया। उनके दोनों बेटों पार्थ और जय पवार ने मुखाग्नि दी। पत्नी सुनेत्रा पवार ने पति के पार्थिव शरीर पर गंगाजल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। इस मौके पर चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…