PM मोदी ने लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन किया
आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती है। भाजपा पूरे देश में कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का उद्घाटन किया। यहां अटल जी के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद ...
आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती है। भाजपा पूरे देश में कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का उद्घाटन किया। यहां अटल जी के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की भव्य कांस्य प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। स्थल पर एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी बनाया गया है जो इन तीनों राष्ट्रनिर्माता नेताओं के योगदान को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल में क्या है खास : 65 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह परिसर 230 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। इस परिसर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं हैं, जो भारत के राजनीतिक चिंतन, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक हैं।#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: Prime Minister Narendra Modi inaugurates Rashtra Prerna Sthal on the occasion of the 101st birth anniversary of former Prime Minister Bharat Ratna Atal Bihari Vajpayee
The complex features 65-feet-high bronze statues of Dr. Syama Prasad… pic.twitter.com/i31nScBYFf — ANI (@ANI) December 25, 2025
इसमें कमल के आकार की संरचना में निर्मित एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी है, जो लगभग 98,000 वर्ग फुट में फैला हुआ है।
- प्रेरणा स्थल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं।
- राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 एकड़ में फैला है और इसके निर्माण पर 232 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।
- पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था।
- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने पूरा किया है।
- तीनों विभूतियों की प्रतिमाओं के निर्माण पर 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
Edited By : Navin Rangiyal



