Mamata Banerjee : ममता बनर्जी नहीं देंगी इस्तीफा तो भी बंगाल में बन जाएगा BJP का CM, क्या कहता है नियम
ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हम चुनाव हारे नहीं हैं, हराया गया है। ममता बनर्जी 15 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन इस बार जब उनसे सत्ता छिनी तो वो अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं। ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देंगी तो क्या है नियम।
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ चुके हैं। बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एक दिन बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वे इस्तीफा देने के लिए राजभवन नहीं जाएंगी। ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हम चुनाव हारे नहीं हैं, हराया गया है। ममता बनर्जी 15 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन इस बार जब उनसे सत्ता छिनी तो वो अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं। ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देंगी तो क्या है नियम।
7 मई 2026 को 17वीं बंगाल विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में 7 मई के बाद ममता बनर्जी आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री मानी ही नहीं जाएंगी, क्योंकि विधानसभा के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद नए मुख्यमंत्री का निर्वाचन जरूरी होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक 7 मई को 17वीं बंगाल विधानसभा के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद 8 मई को सदन भंग हो जाएगा। इसके चलते सभी विधायकों की सदस्यता स्वतः ही रद हो जाएगी। इसके बाद ममता बनर्जी को इस्तीफा देना अनिवार्य भी नहीं है।
क्या इस्तीफा न देने से बच जाएगी सत्ता?
बंगाल विधानसभा में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है और टीएमसी चुनाव हार चुकी है। संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, ममता बनर्जी केवल इस्तीफा देने से इनकार करके मुख्यमंत्री पद पर बनी नहीं रह सकतीं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 (Article 164) के तहत, कोई भी मुख्यमंत्री तभी तक पद पर रह सकता है जब तक उसे विधानसभा में बहुमत प्राप्त हो।
राज्यपाल के पास है बर्खास्त करने की शक्ति
बहुमत खोने के बाद ममता बनर्जी की सरकार संवैधानिक रूप से अस्थिर हो गई है। ऐसे में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के पास यह अधिकार है कि वह ममता बनर्जी और उनके मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर दें और सबसे बड़े दल (भाजपा) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें। स्पष्ट है कि इस्तीफा न देने की जिद उन्हें सत्ता में नहीं बनाए रख सकती; बहुमत के बिना उन्हें पद से हटाया जाना तय है। Edited by : Sudhir Sharma



