रोहतक आरटीओ निरीक्षक व सहायक सचिव काबू:ACB ने एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, कल कोर्ट में करेंगे पेश
रोहतक की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरटीओ ऑफिस में योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की टीम आरोपियों को कल कोर्ट में पेश करेगी। रिश्वत लेने का आरोपी आरटीओ निरीक्षक राकेश राणा को एसीबी की टीम ने महर्षि दयानन्द कॉलोनी से 1,00,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। वहीं मामले में सहायक सचिव मनीष मदान की संलिप्तता भी मिली, जिसके कारण उसे भी गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में एसीबी थाने में केस दर्ज किया गया। ट्राले का चालान जमा करवाने के दौरान मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी कि उसके ट्राले का चालान आरटीओ विभाग द्वारा किया गया था। चालान जमा करवाने के लिए वह आरटीओ कार्यालय कन्हेली पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान से हुई। आरोपियों ने उस पर दबाव बनाते हुए कहा कि यदि वह सेटिंग नहीं करेगा तो उसकी गाड़ियों के लगातार चालान किए जाएंगे। आरोपियों ने प्रति गाड़ी मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने प्रति गाड़ी 7,000 रुपए मासिक रिश्वत की मांग की। उसके व उसके साथियों की लगभग 150 गाड़ी चलती है, जिसके लिए कुल 10,50,000 रुपए मासिक रिश्वत मांगी गई। बाद में यह सौदा 8,00,000 रुपए प्रतिमाह पर तय हुआ, जिसमें से 5,50,000 रुपए पहले ही दिए जा चुके है। एक लाख रुपए रंगे हाथ लेते किया गिरफ्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपियों को 1,00,000 रुपए रिश्वत लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के आधार पर एसीबी ने रेडिंग पार्टी का गठन किया। टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरटीओ कार्यालय कन्हेली के निरीक्षक राकेश राणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार लिया। एसीबी की टीम ने साक्ष्यों के आधार पर सहायक सचिव मनीष मदान को भी गिरफ्तार कर लिया।
रोहतक की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरटीओ ऑफिस में योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की टीम आरोपियों को कल कोर्ट में पेश करेगी। रिश्वत लेने का आरोपी आरटीओ निरीक्षक राकेश राणा को एसीबी की टीम ने महर्षि दयानन्द कॉलोनी से 1,00,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। वहीं मामले में सहायक सचिव मनीष मदान की संलिप्तता भी मिली, जिसके कारण उसे भी गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में एसीबी थाने में केस दर्ज किया गया। ट्राले का चालान जमा करवाने के दौरान मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी कि उसके ट्राले का चालान आरटीओ विभाग द्वारा किया गया था। चालान जमा करवाने के लिए वह आरटीओ कार्यालय कन्हेली पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान से हुई। आरोपियों ने उस पर दबाव बनाते हुए कहा कि यदि वह सेटिंग नहीं करेगा तो उसकी गाड़ियों के लगातार चालान किए जाएंगे। आरोपियों ने प्रति गाड़ी मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने प्रति गाड़ी 7,000 रुपए मासिक रिश्वत की मांग की। उसके व उसके साथियों की लगभग 150 गाड़ी चलती है, जिसके लिए कुल 10,50,000 रुपए मासिक रिश्वत मांगी गई। बाद में यह सौदा 8,00,000 रुपए प्रतिमाह पर तय हुआ, जिसमें से 5,50,000 रुपए पहले ही दिए जा चुके है। एक लाख रुपए रंगे हाथ लेते किया गिरफ्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपियों को 1,00,000 रुपए रिश्वत लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के आधार पर एसीबी ने रेडिंग पार्टी का गठन किया। टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरटीओ कार्यालय कन्हेली के निरीक्षक राकेश राणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार लिया। एसीबी की टीम ने साक्ष्यों के आधार पर सहायक सचिव मनीष मदान को भी गिरफ्तार कर लिया।