पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद:मृतका के मां-भाई गवाही से मुकरे, डॉक्टर की गवाही से कोर्ट ने सुनाई सजा

पत्नी की हत्या के मामले में अपर जिला जज की अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्य के अभाव में ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया है। खास बात यह रही कि मृतका के परिजन कोर्ट में अपने बयान से मुकर गए, लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया है। संदिग्ध हालात में हुई थी मौत नौबस्ता के राजीव नगर निवासी सुनील कुशवाहा की शादी 25 अगस्त 2012 को दादानगर के नौरैयाखेड़ा निवासी मंजू देवी से हुई थी। 9 अगस्त 2019 को मंजू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 2 लाख रुपये के लिए दबाव का आरोप मृतका के भाई संतोष कुमार ने पति सुनील, ससुर चंद्रपाल और चचिया ससुर के खिलाफ नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सुनील व्यापार के लिए 2 लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बना रहा था और रुपये न मिलने पर हत्या कर दी। परिजन कोर्ट में मुकर गए सुनवाई के दौरान मृतका के भाई, मां और अन्य परिजन अपने बयान से पलट गए, जिससे मामला कमजोर होता दिखा। डॉक्टर की गवाही बनी अहम पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कोर्ट में स्पष्ट कहा कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई थी। इसी मेडिकल साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। पति को मिली सजा, ससुर बरी कोर्ट ने पति को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं दहेज प्रताड़ना का आरोप सिद्ध न होने पर ससुर को बरी कर दिया गया। गवाहों के मुकरने के बावजूद मेडिकल एविडेंस के आधार पर सजा का यह फैसला अहम माना जा रहा है।

Mar 30, 2026 - 21:50
 0
पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद:मृतका के मां-भाई गवाही से मुकरे, डॉक्टर की गवाही से कोर्ट ने सुनाई सजा
पत्नी की हत्या के मामले में अपर जिला जज की अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्य के अभाव में ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया है। खास बात यह रही कि मृतका के परिजन कोर्ट में अपने बयान से मुकर गए, लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया है। संदिग्ध हालात में हुई थी मौत नौबस्ता के राजीव नगर निवासी सुनील कुशवाहा की शादी 25 अगस्त 2012 को दादानगर के नौरैयाखेड़ा निवासी मंजू देवी से हुई थी। 9 अगस्त 2019 को मंजू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 2 लाख रुपये के लिए दबाव का आरोप मृतका के भाई संतोष कुमार ने पति सुनील, ससुर चंद्रपाल और चचिया ससुर के खिलाफ नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सुनील व्यापार के लिए 2 लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बना रहा था और रुपये न मिलने पर हत्या कर दी। परिजन कोर्ट में मुकर गए सुनवाई के दौरान मृतका के भाई, मां और अन्य परिजन अपने बयान से पलट गए, जिससे मामला कमजोर होता दिखा। डॉक्टर की गवाही बनी अहम पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कोर्ट में स्पष्ट कहा कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई थी। इसी मेडिकल साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। पति को मिली सजा, ससुर बरी कोर्ट ने पति को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं दहेज प्रताड़ना का आरोप सिद्ध न होने पर ससुर को बरी कर दिया गया। गवाहों के मुकरने के बावजूद मेडिकल एविडेंस के आधार पर सजा का यह फैसला अहम माना जा रहा है।