करनाल में अवैध मकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर:लोग बोले- हाईकोर्ट में मामला, बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप, मुआवजे की मांग

करनाल के सेक्टर-12 में एचएसवीपी विभाग ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए कार्रवाई की। विभाग की टीम जेसीबी मशीन और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और 10 मकानों को तोड़ दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया और आरोप लगाया कि बिना किसी कानूनी नोटिस के यह कार्रवाई की गई है। लोगों का कहना है कि उनका मामला पहले से कोर्ट में विचाराधीन है। बता दे कि सोमवार दोपहर बाद एचएसवीपी के अधिकारी पुलिस बल के साथ सेक्टर-12 पहुंचे और कब्जा हटाओ अभियान शुरू किया। जेसीबी की मदद से अवैध निर्माणों को गिराया गया। कार्रवाई का लोगों ने किया विरोध कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध किया, लेकिन मौके पर भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। स्थानीय निवासी अश्विनी और अन्य लोगों ने बताया कि वे सेक्टर-12 में वर्ष 1969 से रह रहे हैं। उनके अनुसार, जमीन उनके बुजुर्गों के नाम पर थी और अब इंतकाल भी उनके नाम हो चुका है। हाईकोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई लोगों कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है, जिसकी अभी सुनवाई पूरी नहीं हुई है और निर्णय आना बाकी है। इसके बावजूद बिना किसी नोटिस के मकानों को तोड़ दिया गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि विभाग ने न तो कोई मुआवजा दिया और न ही रहने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई। लोग बोले मालिकाना हक के दस्तावेज मौजूद अश्विनी का आरोप है कि सरकार द्वारा जगह देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को प्लॉट दिए गए हैं, जबकि उनके पास भी जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया गया। पहले भी हटाया, फिर दोबारा कब्जा किया एचएसवीपी के अधिकारी भीम सिंह ने बताया कि विभाग ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एक समाधी बनी हुई है और उसके पास करीब 200 गज जमीन खाली है। इसके अलावा अन्य लोगों ने अवैध तरीके से निर्माण कर रखा था। इन लोगों को पहले भी हटाया गया था, लेकिन वे दोबारा आकर बस गए। उनके पास मालिकाना हक के कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। सामान निकालने के लिए दिया गया समय अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लोगों को सहयोग किया गया और मकानों से सामान निकालने के लिए समय भी दिया गया। विभाग ने पुराने मकानों और झोपड़ियों को हटाया है। वहीं प्रभावित लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में आवाज उठाने की बात कही है।

Mar 30, 2026 - 21:50
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करनाल में अवैध मकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर:लोग बोले- हाईकोर्ट में मामला, बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप, मुआवजे की मांग
करनाल के सेक्टर-12 में एचएसवीपी विभाग ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए कार्रवाई की। विभाग की टीम जेसीबी मशीन और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और 10 मकानों को तोड़ दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया और आरोप लगाया कि बिना किसी कानूनी नोटिस के यह कार्रवाई की गई है। लोगों का कहना है कि उनका मामला पहले से कोर्ट में विचाराधीन है। बता दे कि सोमवार दोपहर बाद एचएसवीपी के अधिकारी पुलिस बल के साथ सेक्टर-12 पहुंचे और कब्जा हटाओ अभियान शुरू किया। जेसीबी की मदद से अवैध निर्माणों को गिराया गया। कार्रवाई का लोगों ने किया विरोध कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध किया, लेकिन मौके पर भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। स्थानीय निवासी अश्विनी और अन्य लोगों ने बताया कि वे सेक्टर-12 में वर्ष 1969 से रह रहे हैं। उनके अनुसार, जमीन उनके बुजुर्गों के नाम पर थी और अब इंतकाल भी उनके नाम हो चुका है। हाईकोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई लोगों कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है, जिसकी अभी सुनवाई पूरी नहीं हुई है और निर्णय आना बाकी है। इसके बावजूद बिना किसी नोटिस के मकानों को तोड़ दिया गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि विभाग ने न तो कोई मुआवजा दिया और न ही रहने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई। लोग बोले मालिकाना हक के दस्तावेज मौजूद अश्विनी का आरोप है कि सरकार द्वारा जगह देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को प्लॉट दिए गए हैं, जबकि उनके पास भी जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया गया। पहले भी हटाया, फिर दोबारा कब्जा किया एचएसवीपी के अधिकारी भीम सिंह ने बताया कि विभाग ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एक समाधी बनी हुई है और उसके पास करीब 200 गज जमीन खाली है। इसके अलावा अन्य लोगों ने अवैध तरीके से निर्माण कर रखा था। इन लोगों को पहले भी हटाया गया था, लेकिन वे दोबारा आकर बस गए। उनके पास मालिकाना हक के कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। सामान निकालने के लिए दिया गया समय अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लोगों को सहयोग किया गया और मकानों से सामान निकालने के लिए समय भी दिया गया। विभाग ने पुराने मकानों और झोपड़ियों को हटाया है। वहीं प्रभावित लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में आवाज उठाने की बात कही है।