करनाल की प्री-लोक अदालत में 225 केसों का निपटान:50 लाख के विवाद सुलझे, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
करनाल जिला एडीआर सेंटर में आयोजित प्री लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। कुल 322 मामलों को बेंच के समक्ष रखा गया, जिनमें से 225 मामलों का समाधान करीब 50 लाख रुपए की राशि पर किया गया। इस दौरान अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने के लिए प्रेरित किया गया। प्री लिटिगेशन स्टेज के 322 मामलों पर सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा की अध्यक्षता में और स्थाई लोक अदालत करनाल के अध्यक्ष जसबीर सिंह सिधू के सौजन्य से प्री लोक अदालत का आयोजन हुआ। बेंच में अध्यक्ष जसबीर सिंह सिधू, सदस्य मीनाक्षी और चेतना शामिल रहीं। प्री लिटिगेशन स्टेज के 322 मामलों पर सुनवाई की गई, जिनमें से 225 का निपटारा आपसी सहमति से हुआ। अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी यादव ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मामलों का समाधान कराया जाए, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि 9 मई को जिला न्यायालय की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसमें लंबित मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने विवाद समाप्त करें। कानूनी सहायता केंद्र का किया निरीक्षण इसके अलावा मीनाक्षी यादव ने जिला सैनिक बोर्ड में स्थापित कानूनी सहायता केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारजनों से बातचीत कर उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी। साथ ही पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर को जनसेवा के लिए प्रेरित किया।



