उदयपुर की बेटी ने आध्यात्मिक रीति-रिवाजों से रचाई शादी:हैदराबाद में हार्टफुलनेस मार्गदर्शक दाजी के सानिघ्य में हुआ विवाह, 3 दिवसीय आध्यत्मिक उत्सव में पहुंचा जोड़ा
उदयपुर की एक महिला डॉक्टर ने हैदराबाद स्थित हार्टफुलनेस के विश्व के सबसे बड़े ध्यान केन्द्र 'शांतिवनम' में आध्यात्मिक रीति-रिवाजों से शुक्रवार को शादी कर ली। हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक दाजी के सानिध्य में एक-दूजे ने वरमाला डाली। वर ने मंगलसूत्र पहनाया और वधू की मांग भरी। यह विवाह बिना बैंड-बारात और तमाम विवाह की रस्मों से दूर आध्यात्मिक शांति के बीच हुआ। डॉक्टर ऋषिता ने अहमदाबाद के बिजनेसमैन प्रीत से शादी रचाई। दरअसल, ये जोड़ा कई सालों से हार्टफुलनेस से जुड़ा है। आध्यात्म से प्रभावित होकर ही इन्होंने बिना शादी समारोह और आधुनिक ट्रेंड्स के इस तरह विवाह करने का निर्णय लिया। शादी के दौरान वर-वधू के माता-पिता और रिश्तेदार भी मौजूद रहे। दुल्हन डॉक्टर और दूल्हा बिजनेसमैन दुल्हन डॉ. ऋषिता एमबीबीएस के बाद पीडियाट्रिक (बाल रोग) में एमडी कर रही हैं। उनका परिवार भी हार्टफुलनेस से जुड़ा है। ऋषिता के पिता मीरा गर्ल्स कॉलेज में प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हैं। वे वर्तमान में योग, अध्यात्म व विभिन्न हीलिंग थेरेपी के माध्यम से निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। वहीं, दूल्हा प्रीत अहमदाबाद में बिजनेसमैन है। यह विवाह बाबूजी महाराज की 127वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव (भंडारे) के समापन पर अवसर पर हुआ। 160 देशों के 20 हजार लोग हुए शामिल हुए हैदराबाद में हुए इस वैश्विक आयोजन में विश्व के 160 देशों से करीब 20 हजार लोगों ने भाग लिया। इस महासंगम में उदयपुर सहित राजस्थान से एक हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। राजस्थान दल का नेतृत्व प्रदेश प्रभारी विकास मोघे और उदयपुर केंद्र समन्वयक प्रशिक्षक डॉ. राकेश दशोरा ने किया। समारोह में हार्टफुलनेस मार्गदर्शक 'दाजी' के सानिध्य में एक विशेष ध्यान सत्र हुआ। जिसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी शिरकत की।



