हरियाणा में हड़ताली सफाई कर्मचारियों पर सरकार सख्त:ड्यूटी पर नहीं लौटने पर ESMA के तहत होगी कार्रवाई, 5 सितंबर तक अल्टीमेटम

हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने राज्य में हड़ताल पर चल रहे नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी नगर निगम आयुक्तों और जिला नगर आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि हड़ताली कर्मचारी 5 सितंबर, 2026 तक हर हाल में अपनी ड्यूटी पर लौट आएं। तय समय तक काम पर न आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सफाई कार्य एक 'आवश्यक सेवा' (Essential Service) है। यह 'हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1974' (ESMA) के दायरे में आता है। पत्र में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों का भी जिक्र है, जिसमें शहरों में सफाई व्यवस्था पक्का करने के लिए कानूनी कदम उठाने को कहा गया है। 5 सितंबर तक काम पर नहीं लौटे तो होगी कार्रवाई सरकार ने साफ किया है कि 6 अगस्त, 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के काम पर नहीं आ रहे कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहरों में सफाई कार्य पूरी तरह रुक गया है। वर्तमान में फ्लू और बुखार जैसी बीमारियों का मौसम होने के कारण कचरा न उठने से महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। विभाग ने पत्र में यह भी बताया है कि हड़ताली कर्मचारी न केवल अन्य कर्मचारियों को काम करने से रोक रहे हैं, बल्कि नगर निकायों के सफाई साधनों और मशीनों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। ऐसे कामों में शामिल हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) भी दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कर्मचारी 5 सितंबर तक काम पर वापस नहीं लौटते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कदम उठाएगी।

Sep 3, 2026 - 18:41
 0
हरियाणा में हड़ताली सफाई कर्मचारियों पर सरकार सख्त:ड्यूटी पर नहीं लौटने पर ESMA के तहत होगी कार्रवाई, 5 सितंबर तक अल्टीमेटम
हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने राज्य में हड़ताल पर चल रहे नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी नगर निगम आयुक्तों और जिला नगर आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि हड़ताली कर्मचारी 5 सितंबर, 2026 तक हर हाल में अपनी ड्यूटी पर लौट आएं। तय समय तक काम पर न आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सफाई कार्य एक 'आवश्यक सेवा' (Essential Service) है। यह 'हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1974' (ESMA) के दायरे में आता है। पत्र में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों का भी जिक्र है, जिसमें शहरों में सफाई व्यवस्था पक्का करने के लिए कानूनी कदम उठाने को कहा गया है। 5 सितंबर तक काम पर नहीं लौटे तो होगी कार्रवाई सरकार ने साफ किया है कि 6 अगस्त, 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के काम पर नहीं आ रहे कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहरों में सफाई कार्य पूरी तरह रुक गया है। वर्तमान में फ्लू और बुखार जैसी बीमारियों का मौसम होने के कारण कचरा न उठने से महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। विभाग ने पत्र में यह भी बताया है कि हड़ताली कर्मचारी न केवल अन्य कर्मचारियों को काम करने से रोक रहे हैं, बल्कि नगर निकायों के सफाई साधनों और मशीनों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। ऐसे कामों में शामिल हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) भी दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कर्मचारी 5 सितंबर तक काम पर वापस नहीं लौटते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कदम उठाएगी।