Nepal Flood Updates: 22 की मौत, सैकड़ों लापता; नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान

नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा जिले में देखने को मिला। नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भरने से घर, सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच, भारत में नेपाल के दूतावास का बयान भी आ गया है।नेपाल दूतावास ने जारी किया बयानभारत में नेपाल के दूतावास ने बाढ़ को लेकर ताजा बयान जारी किया है। दूतावास ने कहा कि नेपाल में सुबह आई बेहद गंभीर अचानक बाढ़ से लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई जरूरी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।दूतावास के मुताबिक, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन टीमों, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह राहत और बचाव के काम में लगाया गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने, तलाशी और बचाव अभियान चलाने, जरूरी चिकित्सा सहायता देने और राहत पहुंचाने का काम जारी है।Embassy of Nepal in India says - "Nepal was struck by a severe and unprecedented flash flood this morning, resulting in the tragic loss of lives, reports of missing persons and extensive damage to homes, roads, bridges, hydropower facilities and other infrastructure in the… pic.twitter.com/hcCN2aCG3x— ANI (@ANI) August 26, 2026इसे भी पढ़ें: Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कतानिचले इलाकों में भी खतरे पर नजरनेपाल के अधिकारी नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में आगे बाढ़ के खतरे पर लगातार नजर रख रहे हैं। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में मृतकों, लापता लोगों और नुकसान से जुड़ी पूरी जानकारी की पुष्टि की जा रही है।नेपाल सरकार ने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से मिल रहे मदद के प्रस्तावों का स्वागत किया है। दूतावास के मुताबिक, अगर विदेशी मदद की जरूरत पड़ती है तो नेपाल सरकार काठमांडू से इसे तय और समन्वित करेगी। भारत में नेपाल का दूतावास भी नेपाल सरकार के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर भारत सरकार के साथ समन्वय में मदद के लिए तैयार है। दूतावास ने कहा है कि जैसे-जैसे पक्की जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।291 विदेशी पर्यटकों का पता नहींनेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है और आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है।इसे भी पढ़ें: पड़ोसी Nepal के Flood संकट में भारत साथ खड़ा, PM Modi ने Balen Shah से की बात, दिया हर संभव मदद का भरोसातिब्बत की ओर से अचानक बढ़ा नदी का पानीअधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। इसके बाद रसुवा और धादिंग के साथ-साथ नुवाकोट जिले के कई इलाके प्रभावित हुए। रसुवा और धादिंग तिब्बत की सीमा के पास स्थित हैं, जबकि नुवाकोट काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में है।शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रसुवा में आई बाढ़ स्थानीय इलाके में हुई बारिश की वजह से नहीं आई। माना जा रहा है कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ा होगा। हालांकि, बाढ़ की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है।कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसानअचानक आई बाढ़ ने नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या तबाह हो गई हैं। इसके अलावा कई घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।

Aug 26, 2026 - 23:19
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Nepal Flood Updates: 22 की मौत, सैकड़ों लापता; नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान

नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा जिले में देखने को मिला। नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भरने से घर, सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच, भारत में नेपाल के दूतावास का बयान भी आ गया है।

नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान

भारत में नेपाल के दूतावास ने बाढ़ को लेकर ताजा बयान जारी किया है। दूतावास ने कहा कि नेपाल में सुबह आई बेहद गंभीर अचानक बाढ़ से लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई जरूरी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।

दूतावास के मुताबिक, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन टीमों, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह राहत और बचाव के काम में लगाया गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने, तलाशी और बचाव अभियान चलाने, जरूरी चिकित्सा सहायता देने और राहत पहुंचाने का काम जारी है।

इसे भी पढ़ें: Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता

निचले इलाकों में भी खतरे पर नजर

नेपाल के अधिकारी नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में आगे बाढ़ के खतरे पर लगातार नजर रख रहे हैं। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में मृतकों, लापता लोगों और नुकसान से जुड़ी पूरी जानकारी की पुष्टि की जा रही है।

नेपाल सरकार ने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से मिल रहे मदद के प्रस्तावों का स्वागत किया है। दूतावास के मुताबिक, अगर विदेशी मदद की जरूरत पड़ती है तो नेपाल सरकार काठमांडू से इसे तय और समन्वित करेगी। भारत में नेपाल का दूतावास भी नेपाल सरकार के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर भारत सरकार के साथ समन्वय में मदद के लिए तैयार है। दूतावास ने कहा है कि जैसे-जैसे पक्की जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं

नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है और आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है।

इसे भी पढ़ें: पड़ोसी Nepal के Flood संकट में भारत साथ खड़ा, PM Modi ने Balen Shah से की बात, दिया हर संभव मदद का भरोसा

तिब्बत की ओर से अचानक बढ़ा नदी का पानी

अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। इसके बाद रसुवा और धादिंग के साथ-साथ नुवाकोट जिले के कई इलाके प्रभावित हुए। रसुवा और धादिंग तिब्बत की सीमा के पास स्थित हैं, जबकि नुवाकोट काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रसुवा में आई बाढ़ स्थानीय इलाके में हुई बारिश की वजह से नहीं आई। माना जा रहा है कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ा होगा। हालांकि, बाढ़ की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है।

कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान

अचानक आई बाढ़ ने नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या तबाह हो गई हैं। इसके अलावा कई घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।