सिवानी में बिजली बिल के नाम पर ठगी:फर्जी लिंक-APK फाइल भेजते हैं बदमाश, ओपन करते ही मोबाइल हैक, खाते निकालते हैं पैसे
बिहार में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका इजाद कर लिया है। अब बिजली बिल बकाया होने का डर दिखाकर उपभोक्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ठग SMS, व्हाट्सऐप मैसेज, ई-मेल और फोन कॉल के जरिए लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं और उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) ने उपभोक्ताओं के लिए सख्त चेतावनी और अलर्ट जारी किया है। सीवान शहर के सहायक विद्युत अभियंता शिव शंकर सिंह ने दैनिक भास्कर संवाददाता से बातचीत में बताया कि ऑनलाइन भुगतान की सुविधा बढ़ने के साथ ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ये लोग खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं को फोन करते हैं और कहते हैं कि उनका बिजली बिल बकाया है, जल्द भुगतान नहीं किया गया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। डर और जल्दबाज़ी में लोग इनके झांसे में आ जाते हैं। लिंक और APK फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक
ठगी का तरीका बेहद शातिर है। ठग उपभोक्ताओं से ओटीपी, बैंक विवरण, एटीएम कार्ड नंबर और यूपीआई पिन मांगते हैं। कई बार फर्जी वेबसाइट का लिंक या APK फाइल डाउनलोड करवाते हैं। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है या ऐप इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाता है और खाते से पैसे गायब हो जाते हैं। हाल के दिनों में ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। NBPDCL ने स्पष्ट किया है कि विभाग कभी भी उपभोक्ताओं से लिंक क्लिक कराने, ऐप डाउनलोड करवाने, ओटीपी या बैंक जानकारी मांगने जैसी प्रक्रिया नहीं अपनाता। बिजली से जुड़ी सभी सेवाओं और स्मार्ट मीटर भुगतान के लिए केवल “बिहार बिजली स्मार्ट मीटर” ऐप का उपयोग करें, जिसे सिर्फ प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें। साथ ही 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना स्वतः लागू होती है, इसके लिए किसी रजिस्ट्रेशन या फॉर्म की जरूरत नहीं है। अपराधियों में सजा का डर कम होना प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार साइबर फ्रॉड बढ़ने के पीछे लोगों की लापरवाही, ऑनलाइन संदेशों पर तुरंत भरोसा और अपराधियों में सजा का डर कम होना प्रमुख कारण हैं। जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
बिहार में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका इजाद कर लिया है। अब बिजली बिल बकाया होने का डर दिखाकर उपभोक्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ठग SMS, व्हाट्सऐप मैसेज, ई-मेल और फोन कॉल के जरिए लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं और उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) ने उपभोक्ताओं के लिए सख्त चेतावनी और अलर्ट जारी किया है। सीवान शहर के सहायक विद्युत अभियंता शिव शंकर सिंह ने दैनिक भास्कर संवाददाता से बातचीत में बताया कि ऑनलाइन भुगतान की सुविधा बढ़ने के साथ ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ये लोग खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं को फोन करते हैं और कहते हैं कि उनका बिजली बिल बकाया है, जल्द भुगतान नहीं किया गया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। डर और जल्दबाज़ी में लोग इनके झांसे में आ जाते हैं। लिंक और APK फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक
ठगी का तरीका बेहद शातिर है। ठग उपभोक्ताओं से ओटीपी, बैंक विवरण, एटीएम कार्ड नंबर और यूपीआई पिन मांगते हैं। कई बार फर्जी वेबसाइट का लिंक या APK फाइल डाउनलोड करवाते हैं। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है या ऐप इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाता है और खाते से पैसे गायब हो जाते हैं। हाल के दिनों में ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। NBPDCL ने स्पष्ट किया है कि विभाग कभी भी उपभोक्ताओं से लिंक क्लिक कराने, ऐप डाउनलोड करवाने, ओटीपी या बैंक जानकारी मांगने जैसी प्रक्रिया नहीं अपनाता। बिजली से जुड़ी सभी सेवाओं और स्मार्ट मीटर भुगतान के लिए केवल “बिहार बिजली स्मार्ट मीटर” ऐप का उपयोग करें, जिसे सिर्फ प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें। साथ ही 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना स्वतः लागू होती है, इसके लिए किसी रजिस्ट्रेशन या फॉर्म की जरूरत नहीं है। अपराधियों में सजा का डर कम होना प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार साइबर फ्रॉड बढ़ने के पीछे लोगों की लापरवाही, ऑनलाइन संदेशों पर तुरंत भरोसा और अपराधियों में सजा का डर कम होना प्रमुख कारण हैं। जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।