मुंगेर में 7 साल पुराने अपहरण कांड का खुलासा:ससुराल से बॉयफ्रेंड के साथ भागी थी महिला, पुलिस ने 1700 KM दूर हैदराबाद से किया बरामद
मुंगेर पुलिस ने सात साल पुराने अपहरण के एक मामले का खुलासा किया है। 2 अगस्त 2019 को शामपुर थाने में एक शादीशुदा महिला के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई थी। अब पुलिस ने 7 साल बाद महिला को तेलंगाना के हैदराबाद से बरामद किया है। वहां वो अपने प्रेमी और 2 बच्चों के साथ रह रही थी। वो फोन के माध्यम से लगातार अपने मायके वालों के संपर्क में थी। लेकिन परिजन ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी थी। भागलपुर जिले के नारायणपुर गांव के ज्वाला सिंह ने 2 अगस्त 2019 को शामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी मौसम कुमारी की शादी 2015 में शामपुर थाना क्षेत्र के पुरसोत्तमपुर गांव निवासी विकास कुमार से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ ठीक था। मौसम अपने पति विकास कुमार के साथ तेलंगाना के सिकंदराबाद में रहती थी, जहां विकास प्राइवेट नौकरी कर रहा था। 2019 में वह अपने ससुराल पुरसोत्तमपुर आई थी और मायके-ससुराल दोनों जगह आती-जाती थी। 7 साल पहले ससुराल से हुई थी गायब 23 जुलाई 2019 को मौसम की सास राधिका देवी ने फोन पर उसके पिता ज्वाला सिंह को बताया कि बहू सुबह 7 बजे से घर से गायब है। वह शौच के लिए निकली थी और उसके बाद वापस नहीं लौटी। सास ने बताया कि उन्होंने आस-पास और रिश्तेदारों में काफी ढूंढा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। जानकारी मिलने के बाद लड़की के पिता तुरंत पुरसोत्तमपुर गांव पहुंचे। उन्होंने भी गांव और आसपास के इलाकों में बेटी को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। जब बेटी कहीं नहीं मिली तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने शामपुर थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने ही उनकी बेटी को गायब किया है। उस समय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन तकनीकी संसाधन कम होने की वजह से महिला का कोई सुराग नहीं मिला। धीरे-धीरे यह फाइल ठंडे बस्ते में चली गई और सात साल तक पेंडिंग पड़ी रही। मायके वालों के कॉल डिटेल्स से हुआ खुलासा
वहीं मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने सभी थानों के पुराने पेंडिंग केसों की समीक्षा करने का निर्देश दिया, इसी दौरान शामपुर थाने का यह केस सामने आया। एसपी ने इस मामले में विशेष रुचि दिखाते हुए थानाध्यक्ष को जल्द खुलासा करने का आदेश दिया। इसके बाद शामपुर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया और तकनीकी जांच शुरू की गई।
पुलिस ने सबसे पहले महिला के मायके वालों के कॉल डिटेल्स खंगाले। इसके बाद जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कॉल डिटेल की जांच में पता चला कि जो महिला 7 साल से लापता बताई जा रही थी, वह अपनी मां और भाई से लगातार फोन पर बात कर रही थी। इसका मतलब साफ था कि परिवार को पता था कि महिला कहां है लेकिन वे पुलिस को यह बात नहीं बता रहे थे। 1700 किलोमीटर दूर से महिला को मुंगेर लेकर आई पुलिस
पुलिस ने जब उस नंबर को सर्विलांस पर लिया जिससे बात हो रही थी तो उसकी लोकेशन तेलंगाना के हैदराबाद की निकली। इसके बाद शामपुर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार अपनी टीम के साथ गाड़ी से शामपुर से 1700 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते हुए तेलंगाना के सिकंदराबाद के अलवाल थाना क्षेत्र पहुंचे और वहां की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर महिला को बरामद कर मुंगेर ले आए।
पूछताछ में महिला ने बताया कि जनवरी 2019 में सिकंदराबाद में रहने के दौरान उसकी मुलाकात मो. जुबैर नाम के युवक से हुई थी। दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्रेम हो गया। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत होने लगी और जब मौसम अपने ससुराल पुरसोत्तमपुर वापस आ गई तो उसके बाद भी लगातार दोनों फोन पर संपर्क में रहे। वहीं 23 जुलाई को मौसम अपने प्रेमी मो. जुबैर के पास भाग कर हैदराबाद चली गई। 2020 में 2 बच्चों को दी जन्म महिला ने बताया कि 2020 में उसने एक बेटी और 2022 में एक बेटे को जन्म दिया है। वहीं आधार कार्ड में नाम चेंज नहीं हो पाने की वजह से आज भी उसका सरकारी दस्तावेजों में नाम मौसम कुमारी ही है। उसने पुलिस को साफ कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी और अब वह जुबैर के साथ ही रहना चाहती है और वापस ससुराल या अपने माता-पिता के घर नहीं जाना चाहती।
एसपी ने बताया कि शामपुर थाने में 2019 में शादीशुदा महिला के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार महिला की बरामदगी के लिए प्रयास कर रही थी, लेकिन पता नहीं चल पाया था। केस दर्ज होने के बाद परिवार ने कभी भी पुलिस की मदद नहीं की जबकि उन्हें जानकारी थी कि महिला कहां और किसके साथ रह रही है। इस मामले में एसआइटी का गठन कर तकनीकी जांच से महिला को हैदराबाद से बरामद किया गया है। महिला का मेडिकल कराकर कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाम सहित अन्य पहलुओं पर जांच चल रही है और परिवार को जानकारी होने के बाद भी पुलिस का सहयोग नहीं करने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इधर इस कांड का उद्भेदन करने को लेकर एसआईटी टीम के पुलिस अधिकारी और जवान को एसपी ने रिवार्ड देने की बात कहा।
मुंगेर पुलिस ने सात साल पुराने अपहरण के एक मामले का खुलासा किया है। 2 अगस्त 2019 को शामपुर थाने में एक शादीशुदा महिला के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई थी। अब पुलिस ने 7 साल बाद महिला को तेलंगाना के हैदराबाद से बरामद किया है। वहां वो अपने प्रेमी और 2 बच्चों के साथ रह रही थी। वो फोन के माध्यम से लगातार अपने मायके वालों के संपर्क में थी। लेकिन परिजन ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी थी। भागलपुर जिले के नारायणपुर गांव के ज्वाला सिंह ने 2 अगस्त 2019 को शामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी मौसम कुमारी की शादी 2015 में शामपुर थाना क्षेत्र के पुरसोत्तमपुर गांव निवासी विकास कुमार से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ ठीक था। मौसम अपने पति विकास कुमार के साथ तेलंगाना के सिकंदराबाद में रहती थी, जहां विकास प्राइवेट नौकरी कर रहा था। 2019 में वह अपने ससुराल पुरसोत्तमपुर आई थी और मायके-ससुराल दोनों जगह आती-जाती थी। 7 साल पहले ससुराल से हुई थी गायब 23 जुलाई 2019 को मौसम की सास राधिका देवी ने फोन पर उसके पिता ज्वाला सिंह को बताया कि बहू सुबह 7 बजे से घर से गायब है। वह शौच के लिए निकली थी और उसके बाद वापस नहीं लौटी। सास ने बताया कि उन्होंने आस-पास और रिश्तेदारों में काफी ढूंढा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। जानकारी मिलने के बाद लड़की के पिता तुरंत पुरसोत्तमपुर गांव पहुंचे। उन्होंने भी गांव और आसपास के इलाकों में बेटी को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। जब बेटी कहीं नहीं मिली तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने शामपुर थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने ही उनकी बेटी को गायब किया है। उस समय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन तकनीकी संसाधन कम होने की वजह से महिला का कोई सुराग नहीं मिला। धीरे-धीरे यह फाइल ठंडे बस्ते में चली गई और सात साल तक पेंडिंग पड़ी रही। मायके वालों के कॉल डिटेल्स से हुआ खुलासा
वहीं मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने सभी थानों के पुराने पेंडिंग केसों की समीक्षा करने का निर्देश दिया, इसी दौरान शामपुर थाने का यह केस सामने आया। एसपी ने इस मामले में विशेष रुचि दिखाते हुए थानाध्यक्ष को जल्द खुलासा करने का आदेश दिया। इसके बाद शामपुर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया और तकनीकी जांच शुरू की गई।
पुलिस ने सबसे पहले महिला के मायके वालों के कॉल डिटेल्स खंगाले। इसके बाद जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कॉल डिटेल की जांच में पता चला कि जो महिला 7 साल से लापता बताई जा रही थी, वह अपनी मां और भाई से लगातार फोन पर बात कर रही थी। इसका मतलब साफ था कि परिवार को पता था कि महिला कहां है लेकिन वे पुलिस को यह बात नहीं बता रहे थे। 1700 किलोमीटर दूर से महिला को मुंगेर लेकर आई पुलिस
पुलिस ने जब उस नंबर को सर्विलांस पर लिया जिससे बात हो रही थी तो उसकी लोकेशन तेलंगाना के हैदराबाद की निकली। इसके बाद शामपुर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार अपनी टीम के साथ गाड़ी से शामपुर से 1700 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते हुए तेलंगाना के सिकंदराबाद के अलवाल थाना क्षेत्र पहुंचे और वहां की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर महिला को बरामद कर मुंगेर ले आए।
पूछताछ में महिला ने बताया कि जनवरी 2019 में सिकंदराबाद में रहने के दौरान उसकी मुलाकात मो. जुबैर नाम के युवक से हुई थी। दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्रेम हो गया। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत होने लगी और जब मौसम अपने ससुराल पुरसोत्तमपुर वापस आ गई तो उसके बाद भी लगातार दोनों फोन पर संपर्क में रहे। वहीं 23 जुलाई को मौसम अपने प्रेमी मो. जुबैर के पास भाग कर हैदराबाद चली गई। 2020 में 2 बच्चों को दी जन्म महिला ने बताया कि 2020 में उसने एक बेटी और 2022 में एक बेटे को जन्म दिया है। वहीं आधार कार्ड में नाम चेंज नहीं हो पाने की वजह से आज भी उसका सरकारी दस्तावेजों में नाम मौसम कुमारी ही है। उसने पुलिस को साफ कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी और अब वह जुबैर के साथ ही रहना चाहती है और वापस ससुराल या अपने माता-पिता के घर नहीं जाना चाहती।
एसपी ने बताया कि शामपुर थाने में 2019 में शादीशुदा महिला के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार महिला की बरामदगी के लिए प्रयास कर रही थी, लेकिन पता नहीं चल पाया था। केस दर्ज होने के बाद परिवार ने कभी भी पुलिस की मदद नहीं की जबकि उन्हें जानकारी थी कि महिला कहां और किसके साथ रह रही है। इस मामले में एसआइटी का गठन कर तकनीकी जांच से महिला को हैदराबाद से बरामद किया गया है। महिला का मेडिकल कराकर कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाम सहित अन्य पहलुओं पर जांच चल रही है और परिवार को जानकारी होने के बाद भी पुलिस का सहयोग नहीं करने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इधर इस कांड का उद्भेदन करने को लेकर एसआईटी टीम के पुलिस अधिकारी और जवान को एसपी ने रिवार्ड देने की बात कहा।