नया साल पाकिस्तान का काल बनकर आया है। भारत ने पीटा उसके बाद अब पाकिस्तान अंदरूनी बगावत की आग में सुलग उठा है। जिससे यह एक बार फिर साफ हो गया है कि पाकिस्तान के टुकड़ों में बटना एकदम तय है। और ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बलूचिस्तान ने पाकिस्तान सेना को खदेड़ना एक बार फिर से शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी जिसे बीएलए के नाम से जानते हैं उसने एक और बार एक बड़ा धमाका एक बड़ा हमला करके पाकिस्तानी सेना को बुरी तरह से हिला कर रख दिया है। बीएलए ने एक साथ 14 शहरों में हमला बोला है जिसमें कम से कम 15 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं।
कई जगहों पर पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों को पोस्ट छोड़कर भागना पड़ा है। सबसे प्रभावित बलूचिस्तान की राजधानी कोटा रही। जहां शहर के कई हिस्सों पर विद्रोहियों ने नियंत्रण कर लिया है। ऑटोमेटिक हथियारों से लेस बीएलए लड़ाके शहर के अंदर देखे गए हैं। ऐसा ही नजारा नुस्की, मस्तंग, कलात और दूसरे शहरों में भी दिखाई दिया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कहा है कि हमलों को लेकर मजबूती से जवाब दिया जा रहा है। लेकिन जो आंकड़ा सामने आया है, वह पाकिस्तान की पोल भी खोल रहा है। बता दें कि जिसमें 90 से ज्यादा चरमपंथी मारे गए हैं ऐसा कहना है। जबकि बता दें कि 15 पाकिस्तानी सैनिकों की जान चली गई है।
बीएलए ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 84 सदस्यों को मारे जाने का दावा तक कर दिया है। समूह ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने 14 शहरों में से 48 अलग-अलग जगहों पर हमला किया और इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इस हमले को ऑपरेशन हेरॉफ फेज 2.0 नाम दिया है। हेरॉफ बलूची भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है काला तूफान। बीएलए ने पहली बार अगस्त 2024 में ऑपरेशन हेरॉफ लॉन्च किया था। जिसमें बलूचिस्तान के 12 जिलों में हमले किए गए थे। जानकारों का कहना है कि ऑपरेशन का समय जानबूझकर तय किया गया है। पड़ोसी ईरान में बड़े विद्रोह प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान में जो इस समय अस्थिरता फैली हुई है उस पर पूरी दुनिया का ध्यान है।
ऐसे में बलूचिस्तान में भी जो विद्रोह है उसे एक मौके के रूप में देख रही है और इसका भरपूर फायदा उठाने की कोशिश भी की गई है। अब 2026 के हमले को हेरॉफ 2.0 नाम क्यों दिया गया है? इसका एक महत्वपूर्ण पहलू भी सामने आया है। अगर पाकिस्तानी सेना के 100 से ज्यादा हमलावरों के मारे जाने के दावे अगर सही माने तो तो आसानी से इसे ऐसे समझा जा सकता है कि हमलावरों की संख्या क्या रही होगी। इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है कि हमलावरों में महिलाएं भी शामिल थी। इससे पहले महिलाएं आत्मघाती भूमिकाओं में शामिल होती थी। लेकिन इस बार उन्होंने सीधा हमला किया है।