परीक्षा पे चर्चा, मोदी बोले- टेक्नोलॉजी का गुलाम न बनें:तकनीक के जरिए क्षमता को विकसित करें; पढ़ने के साथ लिखकर प्रैक्टिस करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में देशभर से आए छात्रों से मुलाकात की। पीएम मोदी कोयंबटूर से छत्तीसगढ़ पहुंचे और बच्चों से बात की। इसके बाद पीएम गुवाहाटी के अष्टलक्ष्मी पहुंचे। पीएम ने कहा कि कभी भी टेक्नोलॉजी का गुलाम नहीं बनना चाहिए। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्षमता बढ़ाने में करें। दूसरे एपिसोड में पीएम मोदी ने बच्चों को पढ़ने के साथ, लिखकर प्रैक्टिस करने की सलाह दी। साथ ही बच्चों से कहा कि पहले निडर बनो फिर लीडर बन जाओगे। पीएम मोदी की चर्चा की 4 बड़ी बातें… कमजोर क्लासमेट्स की मदद : पीएम ने छात्रों को पढ़ाई में कमजोर क्लासमेट्स की मदद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनसे दोस्ती करनी चाहिए और उन्हें टॉपिक समझाने चाहिए। दूसरों को पढ़ाने से खुद भी बेहतर सीखने में मदद मिलती है। परीक्षा के समय तनाव कैसे कम करें : आप पुरानी परीक्षा के दिनों को याद कीजिए। जब आप पुरानी परीक्षाओं को याद करेंगे, तो आपको लगेगा उस समय भी तनाव था, लेकिन जब वह परीक्षा देकर आ गया, तो कुछ नहीं था। ऐसा होता है ना। परीक्षा के लिए सबसे अच्छी चीज होती है कि आप पेपर सॉल्व करने की आदत डालें। लिखने की आदत डालें। अगर खुद आप इस तरह से प्रैक्टिस करते रहेंगे तो आपको कभी तनाव नहीं होगा। जहां भी जाएं स्टूडेंट की तरह जाएं : आप वेकेशन पर जा रहे हैं, तो पहले अपनी तहसील में देखें कहां जा सकते हैं, फिर जिला, फिर राज्य। कहने का मतलब ये है कि आप जहां भी घूमें एक स्टूडेंट की नजर से घूमें ताकि आप लगातार कुछ सीख सकें। पहले निडर बनो, फिर लीडर बनो : पहले निडर बनो, जो काम है, मन में तय करो कि कोई ओर करे या ना करे मैं करुंगा। जब आप ऐसा सोचना शुरू कर देंगे, तो आप देखेंगे कि अपने आप लीडरशिप क्वालिटी डेवलप हो जाएगी। मान लीजिए कहीं कचरा है और उसे आपने उठा लिया, तो आपको देखने वाले 4 लोग भी ऐसा ही करने लगेंगे। 6 फरवरी को जारी हुआ था पहला एपिसोड…. 6 फरवरी को पहले एपिसोड में मोदी ने दिल्ली स्थित पीएम आवास पर बच्चों से चर्चा की थी। असम के गमछे पहने थे और उनके सवालों के जवाब भी दिए थे। पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स को विदेशी चीजें छोड़कर स्वदेशी चीजें अपनाने की सलाह दी थी। साथ ही उनसे कहा था कि वो 25 साल में विकसित भारत बनाने को अपना सपना बनाएं। 27 जनवरी को परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन का वीडियो रिलीज हुआ था, जिसमें पीएम अलग-अलग लोकेशन पर बच्चों से सवाल-जवाब करते नजर आए थे। पहले एपिसोड की चर्चा की 5 बड़ी बातें… परीक्षा पे चर्चा के वीडियो के कुछ मोमेंट्स... ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई परीक्षा पे चर्चा छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षाओं, तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल पर चर्चा करने वाला मंच है। शिक्षा मंत्रालय ने पहले एक ऑफिशियल बयान में कहा था कि पिछले कुछ सालों में यह पहल एक जन आंदोलन बन गई है, जो स्टूडेंट्स को आत्मविश्वास, पॉजिटिविटी और एक कंस्ट्रक्टिव सोच के साथ एग्जाम देने के लिए प्रोत्साहित करती है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। इसका मकसद बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के तनाव को कम करना, उन्हें मोटिवेशन देना और परीक्षा को फेस्टिवल की तरह लेने का संदेश देना था। पहला एडिशन 16 फरवरी 2018 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था। 8वें एडिशन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था परीक्षा पे चर्चा का 8वां एडिशन 10 फरवरी 2025 को टेलीकास्ट किया गया था। यह बातचीत नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में इनोवेटिव फॉर्मेट में आयोजित की गई थी। इसमें हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के 36 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जो सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों, CBSE स्कूलों और नवोदय विद्यालयों से थे। इस चर्चा ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 245 से ज्यादा देशों के छात्रों, 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों ने भाग लिया था। 2018 में पहले एडिशन में सिर्फ 22 हजार प्रतिभागी थे, जो 2025 में 8वें एडिशन तक रजिस्ट्रेशन बढ़कर 3.56 करोड़ हो गया था। --------------------- पीएम मोदी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM की 'परीक्षा-पे चर्चा' में पहुंची चंडीगढ़ की अनन्या: बोलीं- AI मेरा फेवरेट, मोदी बोले- ये एक हेल्प लेकिन हमें गोल तक नहीं पहुंचा सकता चंडीगढ़ की सरकारी स्कूल की 9वीं की छात्रा अनन्या शर्मा पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में शामिल हुई। कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरकर चुनी गई अनन्या ने न सिर्फ कार्यक्रम में भाग लिया, बल्कि पीएम को अपने हाथ से बनाया हुआ हैंडबैग और बुके भी भेंट किया। पूरी खबर पढ़ें…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में देशभर से आए छात्रों से मुलाकात की। पीएम मोदी कोयंबटूर से छत्तीसगढ़ पहुंचे और बच्चों से बात की। इसके बाद पीएम गुवाहाटी के अष्टलक्ष्मी पहुंचे। पीएम ने कहा कि कभी भी टेक्नोलॉजी का गुलाम नहीं बनना चाहिए। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्षमता बढ़ाने में करें। दूसरे एपिसोड में पीएम मोदी ने बच्चों को पढ़ने के साथ, लिखकर प्रैक्टिस करने की सलाह दी। साथ ही बच्चों से कहा कि पहले निडर बनो फिर लीडर बन जाओगे। पीएम मोदी की चर्चा की 4 बड़ी बातें… कमजोर क्लासमेट्स की मदद : पीएम ने छात्रों को पढ़ाई में कमजोर क्लासमेट्स की मदद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनसे दोस्ती करनी चाहिए और उन्हें टॉपिक समझाने चाहिए। दूसरों को पढ़ाने से खुद भी बेहतर सीखने में मदद मिलती है। परीक्षा के समय तनाव कैसे कम करें : आप पुरानी परीक्षा के दिनों को याद कीजिए। जब आप पुरानी परीक्षाओं को याद करेंगे, तो आपको लगेगा उस समय भी तनाव था, लेकिन जब वह परीक्षा देकर आ गया, तो कुछ नहीं था। ऐसा होता है ना। परीक्षा के लिए सबसे अच्छी चीज होती है कि आप पेपर सॉल्व करने की आदत डालें। लिखने की आदत डालें। अगर खुद आप इस तरह से प्रैक्टिस करते रहेंगे तो आपको कभी तनाव नहीं होगा। जहां भी जाएं स्टूडेंट की तरह जाएं : आप वेकेशन पर जा रहे हैं, तो पहले अपनी तहसील में देखें कहां जा सकते हैं, फिर जिला, फिर राज्य। कहने का मतलब ये है कि आप जहां भी घूमें एक स्टूडेंट की नजर से घूमें ताकि आप लगातार कुछ सीख सकें। पहले निडर बनो, फिर लीडर बनो : पहले निडर बनो, जो काम है, मन में तय करो कि कोई ओर करे या ना करे मैं करुंगा। जब आप ऐसा सोचना शुरू कर देंगे, तो आप देखेंगे कि अपने आप लीडरशिप क्वालिटी डेवलप हो जाएगी। मान लीजिए कहीं कचरा है और उसे आपने उठा लिया, तो आपको देखने वाले 4 लोग भी ऐसा ही करने लगेंगे। 6 फरवरी को जारी हुआ था पहला एपिसोड…. 6 फरवरी को पहले एपिसोड में मोदी ने दिल्ली स्थित पीएम आवास पर बच्चों से चर्चा की थी। असम के गमछे पहने थे और उनके सवालों के जवाब भी दिए थे। पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स को विदेशी चीजें छोड़कर स्वदेशी चीजें अपनाने की सलाह दी थी। साथ ही उनसे कहा था कि वो 25 साल में विकसित भारत बनाने को अपना सपना बनाएं। 27 जनवरी को परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन का वीडियो रिलीज हुआ था, जिसमें पीएम अलग-अलग लोकेशन पर बच्चों से सवाल-जवाब करते नजर आए थे। पहले एपिसोड की चर्चा की 5 बड़ी बातें… परीक्षा पे चर्चा के वीडियो के कुछ मोमेंट्स... ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई परीक्षा पे चर्चा छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षाओं, तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल पर चर्चा करने वाला मंच है। शिक्षा मंत्रालय ने पहले एक ऑफिशियल बयान में कहा था कि पिछले कुछ सालों में यह पहल एक जन आंदोलन बन गई है, जो स्टूडेंट्स को आत्मविश्वास, पॉजिटिविटी और एक कंस्ट्रक्टिव सोच के साथ एग्जाम देने के लिए प्रोत्साहित करती है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। इसका मकसद बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के तनाव को कम करना, उन्हें मोटिवेशन देना और परीक्षा को फेस्टिवल की तरह लेने का संदेश देना था। पहला एडिशन 16 फरवरी 2018 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था। 8वें एडिशन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था परीक्षा पे चर्चा का 8वां एडिशन 10 फरवरी 2025 को टेलीकास्ट किया गया था। यह बातचीत नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में इनोवेटिव फॉर्मेट में आयोजित की गई थी। इसमें हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के 36 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जो सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों, CBSE स्कूलों और नवोदय विद्यालयों से थे। इस चर्चा ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 245 से ज्यादा देशों के छात्रों, 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों ने भाग लिया था। 2018 में पहले एडिशन में सिर्फ 22 हजार प्रतिभागी थे, जो 2025 में 8वें एडिशन तक रजिस्ट्रेशन बढ़कर 3.56 करोड़ हो गया था। --------------------- पीएम मोदी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM की 'परीक्षा-पे चर्चा' में पहुंची चंडीगढ़ की अनन्या: बोलीं- AI मेरा फेवरेट, मोदी बोले- ये एक हेल्प लेकिन हमें गोल तक नहीं पहुंचा सकता चंडीगढ़ की सरकारी स्कूल की 9वीं की छात्रा अनन्या शर्मा पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में शामिल हुई। कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरकर चुनी गई अनन्या ने न सिर्फ कार्यक्रम में भाग लिया, बल्कि पीएम को अपने हाथ से बनाया हुआ हैंडबैग और बुके भी भेंट किया। पूरी खबर पढ़ें…