उन्नाव जेल अधीक्षक से 50 लाख की ठगी:मेडिकल कॉलेज प्रवेश के नाम पर ऐंठे, कंसल्टेंसी संचालक पर FIR कराई

उन्नाव में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जिला कारागार उन्नाव के जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने सदर कोतवाली में एक कथित कंसल्टेंसी संचालक और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने करीब 50 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। तहरीर के अनुसार, पंकज कुमार सिंह ने अपनी बेटी के नीट काउंसलिंग के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए सहायता हेतु 'जस्ट डायल' के जरिए 'स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी' के प्रोपराइटर अभिनव शर्मा से संपर्क किया था। अभियुक्त ने उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश सुरक्षित कराने का आश्वासन दिया था। इस प्रवेश के एवज में, हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नाम पर अलग-अलग तारीखों पर बड़ी धनराशि की मांग की गई। पीड़ित के मुताबिक, अभियुक्त के कहने पर कुल 20 लाख रुपए के दो बैंक ड्राफ्ट बनाए गए। पहला 10 लाख रुपए का ड्राफ्ट आईसीआईसीआई बैंक के खाते से 19 जुलाई 2025 को और दूसरा 10 लाख रुपए का ड्राफ्ट 18 जुलाई 2005 को पीड़ित की पत्नी के खाते से बनाया गया। इसके अलावा, 24 अक्टूबर 2025 को अभियुक्त द्वारा बताए गए कोटक महिंद्रा बैंक, विभव खंड, गोमती नगर, लखनऊ के खाते में 30 लाख रुपये की राशि आरटीजीएस के माध्यम से एसबीआई बैंक उन्नाव स्थित पंकज कुमार सिंह के खाते से ट्रांसफर की गई। सभी भुगतान उन्नाव शहर से किए गए थे। कुछ समय बाद, जब पीड़ित ने अपनी बेटी के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की स्थिति जानने के लिए अभियुक्त से संपर्क किया, तो उनके मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद, पीड़ित लखनऊ स्थित अभियुक्त के कार्यालय, बी-3/10, विजयंत खंड, गोमती नगर के तीसरे तल पर पहुंचे, लेकिन कार्यालय भी बंद मिला। काफी खोजबीन के बाद, पीड़ित को जानकारी मिली कि अभियुक्त अभिनव शर्मा और संतोष कुमार एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी बैंक खातों और फर्जी कार्यालयों के माध्यम से कई लोगों से लाखों रुपए की ठगी कर चुका है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उक्त अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई मुकदमे विचाराधीन हैं। इतना ही नहीं, घटना के बाद Just Dial से भी अभियुक्तों से संबंधित सभी जानकारियां हटा दी गईं, जिससे यह संदेह और गहरा गया कि इस पूरे प्रकरण में Just Dial की भूमिका भी संदिग्ध है और वह अप्रत्यक्ष रूप से अपराध में सहयोगी हो सकता है। जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने सदर कोतवाली मे प्राथमिकी दर्ज कराई है।

Feb 1, 2026 - 14:00
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उन्नाव जेल अधीक्षक से 50 लाख की ठगी:मेडिकल कॉलेज प्रवेश के नाम पर ऐंठे, कंसल्टेंसी संचालक पर FIR कराई
उन्नाव में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जिला कारागार उन्नाव के जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने सदर कोतवाली में एक कथित कंसल्टेंसी संचालक और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने करीब 50 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। तहरीर के अनुसार, पंकज कुमार सिंह ने अपनी बेटी के नीट काउंसलिंग के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए सहायता हेतु 'जस्ट डायल' के जरिए 'स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी' के प्रोपराइटर अभिनव शर्मा से संपर्क किया था। अभियुक्त ने उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश सुरक्षित कराने का आश्वासन दिया था। इस प्रवेश के एवज में, हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नाम पर अलग-अलग तारीखों पर बड़ी धनराशि की मांग की गई। पीड़ित के मुताबिक, अभियुक्त के कहने पर कुल 20 लाख रुपए के दो बैंक ड्राफ्ट बनाए गए। पहला 10 लाख रुपए का ड्राफ्ट आईसीआईसीआई बैंक के खाते से 19 जुलाई 2025 को और दूसरा 10 लाख रुपए का ड्राफ्ट 18 जुलाई 2005 को पीड़ित की पत्नी के खाते से बनाया गया। इसके अलावा, 24 अक्टूबर 2025 को अभियुक्त द्वारा बताए गए कोटक महिंद्रा बैंक, विभव खंड, गोमती नगर, लखनऊ के खाते में 30 लाख रुपये की राशि आरटीजीएस के माध्यम से एसबीआई बैंक उन्नाव स्थित पंकज कुमार सिंह के खाते से ट्रांसफर की गई। सभी भुगतान उन्नाव शहर से किए गए थे। कुछ समय बाद, जब पीड़ित ने अपनी बेटी के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की स्थिति जानने के लिए अभियुक्त से संपर्क किया, तो उनके मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद, पीड़ित लखनऊ स्थित अभियुक्त के कार्यालय, बी-3/10, विजयंत खंड, गोमती नगर के तीसरे तल पर पहुंचे, लेकिन कार्यालय भी बंद मिला। काफी खोजबीन के बाद, पीड़ित को जानकारी मिली कि अभियुक्त अभिनव शर्मा और संतोष कुमार एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी बैंक खातों और फर्जी कार्यालयों के माध्यम से कई लोगों से लाखों रुपए की ठगी कर चुका है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उक्त अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई मुकदमे विचाराधीन हैं। इतना ही नहीं, घटना के बाद Just Dial से भी अभियुक्तों से संबंधित सभी जानकारियां हटा दी गईं, जिससे यह संदेह और गहरा गया कि इस पूरे प्रकरण में Just Dial की भूमिका भी संदिग्ध है और वह अप्रत्यक्ष रूप से अपराध में सहयोगी हो सकता है। जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने सदर कोतवाली मे प्राथमिकी दर्ज कराई है।