Naxal Free India : लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह का दावा- भारत से नक्सलवाद खत्म
लोकसभा में नक्सलमुक्त भारत पर चर्चा पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह हमारी सरकार की नीति है कि बातचीत सिर्फ उन्हीं से होगी जो हथियार डाल देंगे, जो गोली चलाएंगे उनका जवाब गोली से ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो कोई भी हथियार ...
लोकसभा में नक्सलमुक्त भारत पर चर्चा पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह हमारी सरकार की नीति है कि बातचीत सिर्फ उन्हीं से होगी जो हथियार डाल देंगे, जो गोली चलाएंगे उनका जवाब गोली से ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शाह ने कहा कि हमने 31 मार्च तक इस इलाके को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था।
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एक बार पूरी प्रक्रिया पूरा हो जाने के बाद मैं देश को भी सूचित करूंगा लेकिन मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि हम सच में नक्सलमुक्त हो गए हैं। शाह ने कहा कि हम एक लोकतंत्र में रहते हैं। हमने इस देश के संविधान को अपनाया है। यह सरकार किसी की धमकियों से डरने वाली नहीं है। यह सबके साथ न्याय करने वाली सरकार है। शाह ने कहा कि आजादी के बाद के 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता आपके (कांग्रेस के) हाथों में रही। तो फिर, आज तक आदिवासी समुदाय विकास से वंचित क्यों रहे?
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असली विकास तो पीएम नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही हो रहा है। 60 सालों तक आप उन्हें घर या साफ पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रहे, आपने उनके लिए कोई स्कूल नहीं बनाया, आपने उनके इलाकों तक मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाएं पहुंचने से रोकीं, और फिर भी, अब आप ही लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं? शाह ने कहा कि जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मैं उनसे पूछता हूं क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं?
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यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके लिए अदालतें स्थापित की गई हैं, विधानसभाएं, जिला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि वह दौर अब खत्म हो चुका है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है, वह सभी शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। Edited by : Sudhir Sharma



