Iran Crisis के बीच भारत का बड़ा फैसला, रूस से भी खरीदेगा LPG, MEA ने बताया- 9000 से ज्यादा भारतीय थे ईरान में
भारत ने साफ किया है कि वह देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया के हर संभावित विकल्प पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत जहां भी एलपीजी (LPG) उपलब्ध होगी, वहां से खरीदने की कोशिश करेगा, चाहे वह रूस ...
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता
भारतीयों की सुरक्षित वापसी
ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना
अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच विकल्प खुले रखना है
भारत ने साफ किया है कि वह देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया के हर संभावित विकल्प पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत जहां भी एलपीजी (LPG) उपलब्ध होगी, वहां से खरीदने की कोशिश करेगा, चाहे वह रूस ही क्यों न हो।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम हर जगह से एलपीजी खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जहां भी यह उपलब्ध है। अगर रूस में उपलब्ध है तो हम वहां भी जाएंगे, क्योंकि मौजूदा स्थिति ऐसी है कि हमें अपने लोगों की ईंधन जरूरतों को हर हाल में पूरा करना है। हम चाहते हैं कि हमारे पास ज्यादा से ज्यादा विकल्प मौजूद रहें।”
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ईरान में फंसे भारतीयों को लेकर क्या कहा
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ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि सभी लोग दूतावास में अपना पंजीकरण नहीं कराते, इसलिए सटीक संख्या बताना मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि अनुमान के अनुसार करीब 9,011 भारतीय ईरान में थे, लेकिन हमले शुरू होने से पहले ही कई छात्र वापस लौट चुके थे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, हाल ही में 882 भारतीय नागरिकों- जिनमें छात्र, कारोबारी और तीर्थयात्री शामिल हैं- को अज़रबैजान और आर्मेनिया के रास्ते भारत लाया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि 284 तीर्थयात्रियों में से 280 भारत लौट चुके हैं, जो आर्मेनिया के रास्ते आए। बाकी 3-4 लोग भी एक-दो दिन में वापस लौट आएंगे।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में, हमने पाकिस्तान से अफगानिस्तान में हमले देखे हैं। हमने इन हमलों की निंदा की है क्योंकि उन्होंने सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया है और इनसे लोगों को बहुत परेशानी हुई है। हमने एक बार फिर पाकिस्तान से अफ़गानिस्तान में किए गए इन बेरहम एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने यह भी कहा कि एनर्जी के बारे में, हमें अपने कई पड़ोसी देशों से रिक्वेस्ट मिली हैं। हमें बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव और कुछ दूसरे पड़ोसी देशों से रिक्वेस्ट मिली हैं। जैसा कि मैंने पहले बताया था, भारत 2007 से ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग तरीकों से बांग्लादेश को डीज़ल सप्लाई कर रहा है। हम अभी भी बांग्लादेश और अपने दूसरे पड़ोसियों की मदद कर रहे हैं। यह हमारी अपनी ज़रूरत, हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी और हमारे डीज़ल की अवेलेबिलिटी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी ने क्या कहा
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत सरकार ने घरेलू LPG और PNG कंज्यूमर्स को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी है। इसके अलावा, केरोसिन और कोयले जैसे दूसरे फ्यूल ऑप्शन भी दिए गए हैं और MoeFCC ने पहले ही राज्य सरकारों और राज्य पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को केरोसिन और कोयले को दूसरे फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाज़त देने की सलाह दी है।
कोयला मंत्रालय ने पहले ही कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज को छोटे, मीडियम और दूसरे कंज्यूमर्स को कोयला बांटने के लिए राज्यों को ज़्यादा क्वांटिटी देने के ऑर्डर जारी कर दिए हैं। राज्यों को घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के कंज्यूमर्स के लिए नए PNG कनेक्शन की सुविधा देने की भी सलाह दी गई है। सरकार ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया है जिसके तहत PPAC को जानकारी इकट्ठा करने, मेंटेनेंस और एनालिसिस के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नेचुरल गैस के प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन, इम्पोर्ट, एक्सपोर्ट, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और इस्तेमाल में लगी सभी संबंधित एंटिटीज़ को PPAC को जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। भारत सरकार LPG की उपलब्धता पक्का करने के लिए हर लेवल पर हर मुमकिन कोशिश कर रही है। अफवाहों पर ध्यान न दें और ऑफिशियल जानकारी पर भरोसा करें। पैनिक बुकिंग कम हुई है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर के यहां अभी भी लाइनें लग रही हैं।
पीएम मोदी ने जॉर्डन के राजा से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला II को फ़ोन पर ईद की एडवांस शुभकामनाएं दीं। "हमने वेस्ट एशिया में बदलते हालात पर चिंता जताई और इलाके में शांति, सुरक्षा और स्थिरता जल्द से जल्द बहाल करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
वेस्ट एशिया में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले निंदनीय हैं और इनसे तनाव बढ़ सकता है जिसे टाला जा सकता है। भारत और जॉर्डन सामान और एनर्जी के बिना रुकावट के आने-जाने के सपोर्ट में हैं। इलाके में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद करने के लिए जॉर्डन की कोशिशों की बहुत तारीफ़ की।" प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया। Edited by : Sudhir Sharma



