महायुद्ध के बीच जानलेवा मेनिंजाइटिस का कहर, लंदन में 27 मरीज, हेल्थ अलर्ट जारी

ब्रिटेन में जानलेवा मेनिंजाइटिस (Meningitis) का प्रकोप अब राजधानी लंदन तक पहुंच गया है। देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। इसके बाद पूरे यूके में स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के लक्षणों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस घातक ...

Mar 19, 2026 - 20:19
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महायुद्ध के बीच जानलेवा मेनिंजाइटिस का कहर, लंदन में 27 मरीज,  हेल्थ अलर्ट जारी

Meningitis ब्रिटेन में जानलेवा मेनिंजाइटिस (Meningitis) का प्रकोप अब राजधानी लंदन तक पहुंच गया है। देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। इसके बाद पूरे यूके में स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के लक्षणों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस घातक आउटब्रेक को अब 'नेशनल इंसिडेंट' घोषित कर दिया गया है।

 

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2 छात्रों की मौत, मासूम आईसीयू में

इस जानलेवा बीमारी से अब तक 2 छात्रों की जान जा चुकी है जबकि एक 9 महीने का बच्चा आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कल तक मामलों की संख्या 20 थी जो अब बढ़कर 27 हो गई है। इनमें से 15 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 12 अभी जांच के दायरे में हैं।

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यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) के अनुसार, यह संक्रमण 'नजदीकी और लंबे समय तक संपर्क' में रहने से फैलता है। संक्रमण अब केंट (Kent) के चार स्कूलों और लंदन के एस्केप स्टूडियो (Escape Studios) तक फैल चुका है। संस्थान ने बताया कि उनके एक छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, हालांकि अब उसकी हालत में सुधार है।

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'सुपर-स्प्रेडर इवेंट' बना विलेन

एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि इस संक्रमण की शुरुआत केंट के एक मशहूर नाइट क्लब 'क्लब केमिस्ट्री' (Club Chemistry) में हुई एक 'सुपर-स्प्रेडर घटना' से हुई थी। कैंटरबरी क्राइस्ट चर्च यूनिवर्सिटी ने पुष्टि की है कि उनके यहां मिला पहला मामला इसी क्लब से जुड़ा था। 

 

यूकेएचएसए की मुख्य कार्यकारी सुसान हॉपकिन्स ने कहा कि यह एक 'विस्फोटक' आउटब्रेक है। अपने 35 साल के मेडिकल करियर में मैंने एक ही सप्ताहांत में इस तरह के संक्रमण के इतने मामले कभी नहीं देखे। 

क्या है यह बीमारी 

मेनिंजाइटिस (Meningitis) एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। इसमें मस्तिष्क (Brain) और रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) को ढंकने वाली सुरक्षात्मक झिल्लियों में सूजन आ जाती है। इन झिल्लियों को 'मेनिन्जेस' (Meninges) कहा जाता है।

 

जब इन झिल्लियों में संक्रमण होता है, तो वह सूजन पैदा करता है, जो सही समय पर इलाज न मिलने पर दिमाग को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता है या मौत का कारण बन सकता है।

 

मेनिंजाइटिस के मुख्य लक्षण

इसके लक्षण अक्सर फ्लू (Flu) जैसे लगते हैं, लेकिन ये बहुत तेजी से बिगड़ते हैं:

 

तेज बुखार: अचानक शरीर का तापमान बढ़ना।

गर्दन में अकड़न: गर्दन हिलाने में तेज दर्द या असमर्थता।

तेज सिरदर्द: असहनीय सिरदर्द होना।

रोशनी से चिड़चिड़ाहट (Photophobia): आँखों को तेज रोशनी बर्दाश्त न होना।

उलझन या भ्रम: मानसिक स्थिति में बदलाव, बेहोशी या दौरे पड़ना।

त्वचा पर चकत्ते (Rash): शरीर पर छोटे लाल या बैंगनी निशान पड़ना (यह बैक्टीरियल मेनिंजाइटिस का गंभीर संकेत है)।

 

यह कैसे फैलता है?

यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इन तरीकों से फैल सकता है:

छींकने या खांसने से।

किस करने या बर्तन साझा करने से।

भीड़भाड़ वाली जगहों पर (जैसे हॉस्टल, स्कूल या नाइट क्लब) लंबे समय तक साथ रहने से।

बचाव और इलाज

टीकाकरण (Vaccination): मेनिंजाइटिस से बचने का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीन है।

 

एंटीबायोटिक्स : बैक्टीरियल मेनिंजाइटिस के मामले में अस्पताल में भर्ती होकर तुरंत एंटीबायोटिक ड्रिप लेना अनिवार्य है।

हाइजीन : बार-बार हाथ धोना और संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचना। Edited by : Sudhir Sharma