Hormuz Strait पर Iran की चेतावनी से सहमा बाजार, Crude Oil महंगा, Gold Price धड़ाम!

वैश्विक बाजार में सोमवार सुबह एक बार फिर उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला है, जहां कच्चे तेल, सोना और चांदी की कीमतों में हलचल ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बयानबाजी का असर सीधे तौर पर इन बाजारों पर पड़ता दिख रहा है।मौजूद जानकारी के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें सोमवार सुबह करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करती दिखीं। गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को ब्रेंट कच्चा तेल 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन सोमवार को इसमें कुछ गिरावट आई है। वहीं, अमेरिकी कच्चा तेल भी मामूली बढ़त के साथ 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।बता दें कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के हालिया बयान के बाद बाजार में असमंजस की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुला रहेगा, लेकिन जो देश ईरान की सीमा का उल्लंघन करेंगे, उनके लिए यह बंद किया जा सकता है। इस बयान ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंता को और बढ़ा दिया है।गौरतलब है कि यह स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस गुजरता है। ऐसे में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक बाजारों में तेजी से असर डालती है।वहीं दूसरी ओर, कीमती धातुओं के बाजार में गिरावट देखने को मिली है। मौजूद जानकारी के अनुसार, सोने की कीमतों में तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह अपने हालिया निचले स्तर के करीब पहुंच गया है। चांदी की कीमतों में भी लगभग चार प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी मुद्रा की मजबूती है। बता दें कि आम तौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की मांग कमजोर पड़ती है, क्योंकि निवेशक दूसरे विकल्पों की ओर रुख करते हैं।इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भी बाजार की दिशा तय कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका अपनी सैन्य गतिविधियों को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रहा है, हालांकि दोनों देशों के बीच बयानबाजी अब भी जारी है। इस पूरे घटनाक्रम का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले सत्र में गिरावट दर्ज की गई, जहां प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। निवेशकों के बीच ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होती दिख रही है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। 

Mar 23, 2026 - 21:53
 0
Hormuz Strait पर Iran की चेतावनी से सहमा बाजार, Crude Oil महंगा, Gold Price धड़ाम!
वैश्विक बाजार में सोमवार सुबह एक बार फिर उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला है, जहां कच्चे तेल, सोना और चांदी की कीमतों में हलचल ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बयानबाजी का असर सीधे तौर पर इन बाजारों पर पड़ता दिख रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें सोमवार सुबह करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करती दिखीं। गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को ब्रेंट कच्चा तेल 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन सोमवार को इसमें कुछ गिरावट आई है। वहीं, अमेरिकी कच्चा तेल भी मामूली बढ़त के साथ 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।

बता दें कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के हालिया बयान के बाद बाजार में असमंजस की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुला रहेगा, लेकिन जो देश ईरान की सीमा का उल्लंघन करेंगे, उनके लिए यह बंद किया जा सकता है। इस बयान ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंता को और बढ़ा दिया है।

गौरतलब है कि यह स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस गुजरता है। ऐसे में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक बाजारों में तेजी से असर डालती है।

वहीं दूसरी ओर, कीमती धातुओं के बाजार में गिरावट देखने को मिली है। मौजूद जानकारी के अनुसार, सोने की कीमतों में तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह अपने हालिया निचले स्तर के करीब पहुंच गया है। चांदी की कीमतों में भी लगभग चार प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी मुद्रा की मजबूती है। बता दें कि आम तौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की मांग कमजोर पड़ती है, क्योंकि निवेशक दूसरे विकल्पों की ओर रुख करते हैं।

इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भी बाजार की दिशा तय कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका अपनी सैन्य गतिविधियों को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रहा है, हालांकि दोनों देशों के बीच बयानबाजी अब भी जारी है।
 
इस पूरे घटनाक्रम का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले सत्र में गिरावट दर्ज की गई, जहां प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। निवेशकों के बीच ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होती दिख रही है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।