अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्टम ड्यूटी में बड़े बदलाव किए, जिसका असर पूरे भारत में कंज्यूमर्स और इंडस्ट्रीज़ दोनों पर पड़ेगा। 17 कैंसर की दवाओं और सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर टैक्स माफ होगा, जिससे वे सस्ती हो जाएंगी। इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन, एयरक्राफ्ट पार्ट्स और विदेशी टूर पैकेज भी सस्ते होंगे, क्योंकि सरकार ने विदेशी टूर पैकेज की बिक्री पर TCS दर कम कर दी है। हालांकि, दूसरी ओर, घड़ियों और शराब सहित लग्जरी सामान पर ज़्यादा टैक्स लगेगा, जिससे वे महंगे हो जाएंगे।
जैसा कि उम्मीद थी, बजट में कोई बड़ी घोषणा या पर्सनल टैक्स में बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि सीतारमण ने फिस्कल कंसोलिडेशन रोडमैप का पालन किया और क्रॉस-सेक्टर सुधारों की घोषणा की। एक बड़ी घोषणा FY 2026-27 के लिए पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना था, जो पिछले साल अलॉट किए गए 11.2 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।
क्या हुआ सस्ता? (बजट 2026 की राहत)
कैंसर की दवाएं: सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर बेसिक सीमा शुल्क (BCD) को पूरी तरह हटा दिया है। इससे कैंसर का इलाज काफी सस्ता होने की उम्मीद है।
दुर्लभ बीमारियों का इलाज: सात दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के लिए आयात की जाने वाली दवाओं और विशेष चिकित्सा भोजन (Medical Food) पर भी शुल्क की छूट दी गई है।
विदेश यात्रा (Foreign Tour Packages): विदेश घूमने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) की दर को 5% और 20% से घटाकर अब मात्र 2% कर दिया गया है।
किचन अप्लायंसेज (Microwave): माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास पुर्जों पर सीमा शुल्क कम किया गया है, जिससे माइक्रोवेव की कीमतों में गिरावट आएगी।
लेदर और फुटवियर: चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने जूते-चप्पल और चमड़े के सामान के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की बैटरियों पर शुल्क कटौती जारी रहने से ये गैजेट्स आपके लिए किफायती बने रहेंगे।
बजट 2026: क्या महंगा होगा?
घड़ियों और शराब सहित लग्जरी सामान महंगा होने वाला है।
बजट का गणित: क्यों बदले दाम?
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य दोतरफा है:
सामाजिक कल्याण: जीवन रक्षक दवाओं को आम आदमी की पहुँच में लाना।
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग: कच्चे माल पर ड्यूटी घटाकर 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देना और तैयार माल (जैसे लग्जरी घड़ियाँ) पर ड्यूटी बढ़ाकर घरेलू उद्योगों को सुरक्षा देना।
विशेष नोट: सीमा शुल्क में हुए ये बदलाव आज रात यानी 1 फरवरी की आधी रात से प्रभावी हो सकते हैं, जिससे कल से ही बाजार में नई कीमतें दिखने लगेंगी।