9 देशों के शिक्षाविदों ने किया सरकारी विद्यालयों का दौरा:NEP को बताया प्रभावशाली; ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर भी सोनीपत पहुंचे

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था अब केवल देश तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 और राज्य सरकार के निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखने के लिए विभिन्न 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत सहित प्रदेश के 4 जिलों के शैक्षणिक दौरे पर पहुंचा। इस दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने न केवल सरकारी स्कूलों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों का गहन निरीक्षण किया, बल्कि शिक्षकों की कार्यशैली, बच्चों के सीखने के स्तर और तकनीकी उपयोग को भी करीब से समझा। यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा का शिक्षा मॉडल अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है और आने वाले समय में अन्य देश भी इसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने किया शैक्षणिक दौरा मंगलवार को 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर और रोहतक के सरकारी विद्यालयों के शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचा। सोनीपत में पहली बार इस तरह का अंतरराष्ट्रीय दौरा आयोजित किया गया, जिसमें राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, कबीरपुर और बंदेपुर को चयनित किया गया। यह चयन अपने आप में इस बात का संकेत है कि इन विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। निपुण भारत और निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखा इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए निपुण भारत मिशन और उसके राज्य स्तरीय विस्तार निपुण हरियाणा मिशन की प्रभावशीलता का आकलन करना था। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस मिशन का लक्ष्य बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करना है। विदेशी प्रतिनिधियों ने कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता और शिक्षण पद्धति को बारीकी से परखा। ब्रिटिश काउंसिल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधि इस अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर साइमन स्टीपन कर रहे थे। दल में तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, नेपाल, केन्या और घाना सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविद् शामिल थे। प्रतिनिधियों में आयशा अबोला, फेरिस सुलेमान, लॉरेंस जॉन संगा सहित कई शिक्षा विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और भारतीय शिक्षा प्रणाली को करीब से समझा। स्कूलों में 3 घंटे से अधिक समय, आधुनिक तकनीक का लिया अनुभव विदेशी प्रतिनिधियों ने दोनों विद्यालयों में 3 घंटे से अधिक समय बिताया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक शिक्षण तकनीकों का लाइव डेमो देखा। कक्षा कक्ष में बच्चों की भागीदारी, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल माध्यमों के उपयोग ने प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। मेंटर्स ऐप के जरिए लाइव ऑब्जरवेशन प्रक्रिया की सराहना निपुण हरियाणा मिशन के तहत मेंटर्स द्वारा की जाने वाली कक्षा कक्ष ऑब्जरवेशन प्रक्रिया को भी विदेशी प्रतिनिधियों ने लाइव देखा। यह पूरी प्रक्रिया निपुण हरियाणा मेंटर्स ऐप के माध्यम से संचालित होती है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाती है। इस तकनीकी नवाचार की प्रतिनिधियों ने खुलकर सराहना की। शिक्षा अधिकारियों से संवाद, कई अहम सवाल-जवाब भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की। ज्वाइंट डायरेक्टर जितेंद्र जोशी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रचना बाना, जिला समन्वयक मनोज वर्मा और अन्य अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब किए गए। इसमें शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। विदेशों में भी गूंजेगी हरियाणा की शिक्षा नीति विदेशी प्रतिनिधियों ने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था और निपुण मिशन की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने-अपने देशों में इस मॉडल को लागू करने की सिफारिश करेंगे। इससे न केवल भारत की शिक्षा नीति को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि हरियाणा का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा।

May 6, 2026 - 22:33
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9 देशों के शिक्षाविदों ने किया सरकारी विद्यालयों का दौरा:NEP को बताया प्रभावशाली; ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर भी सोनीपत पहुंचे
हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था अब केवल देश तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 और राज्य सरकार के निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखने के लिए विभिन्न 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत सहित प्रदेश के 4 जिलों के शैक्षणिक दौरे पर पहुंचा। इस दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने न केवल सरकारी स्कूलों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों का गहन निरीक्षण किया, बल्कि शिक्षकों की कार्यशैली, बच्चों के सीखने के स्तर और तकनीकी उपयोग को भी करीब से समझा। यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा का शिक्षा मॉडल अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है और आने वाले समय में अन्य देश भी इसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने किया शैक्षणिक दौरा मंगलवार को 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर और रोहतक के सरकारी विद्यालयों के शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचा। सोनीपत में पहली बार इस तरह का अंतरराष्ट्रीय दौरा आयोजित किया गया, जिसमें राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, कबीरपुर और बंदेपुर को चयनित किया गया। यह चयन अपने आप में इस बात का संकेत है कि इन विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। निपुण भारत और निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखा इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए निपुण भारत मिशन और उसके राज्य स्तरीय विस्तार निपुण हरियाणा मिशन की प्रभावशीलता का आकलन करना था। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस मिशन का लक्ष्य बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करना है। विदेशी प्रतिनिधियों ने कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता और शिक्षण पद्धति को बारीकी से परखा। ब्रिटिश काउंसिल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधि इस अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर साइमन स्टीपन कर रहे थे। दल में तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, नेपाल, केन्या और घाना सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविद् शामिल थे। प्रतिनिधियों में आयशा अबोला, फेरिस सुलेमान, लॉरेंस जॉन संगा सहित कई शिक्षा विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और भारतीय शिक्षा प्रणाली को करीब से समझा। स्कूलों में 3 घंटे से अधिक समय, आधुनिक तकनीक का लिया अनुभव विदेशी प्रतिनिधियों ने दोनों विद्यालयों में 3 घंटे से अधिक समय बिताया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक शिक्षण तकनीकों का लाइव डेमो देखा। कक्षा कक्ष में बच्चों की भागीदारी, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल माध्यमों के उपयोग ने प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। मेंटर्स ऐप के जरिए लाइव ऑब्जरवेशन प्रक्रिया की सराहना निपुण हरियाणा मिशन के तहत मेंटर्स द्वारा की जाने वाली कक्षा कक्ष ऑब्जरवेशन प्रक्रिया को भी विदेशी प्रतिनिधियों ने लाइव देखा। यह पूरी प्रक्रिया निपुण हरियाणा मेंटर्स ऐप के माध्यम से संचालित होती है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाती है। इस तकनीकी नवाचार की प्रतिनिधियों ने खुलकर सराहना की। शिक्षा अधिकारियों से संवाद, कई अहम सवाल-जवाब भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की। ज्वाइंट डायरेक्टर जितेंद्र जोशी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रचना बाना, जिला समन्वयक मनोज वर्मा और अन्य अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब किए गए। इसमें शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। विदेशों में भी गूंजेगी हरियाणा की शिक्षा नीति विदेशी प्रतिनिधियों ने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था और निपुण मिशन की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने-अपने देशों में इस मॉडल को लागू करने की सिफारिश करेंगे। इससे न केवल भारत की शिक्षा नीति को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि हरियाणा का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा।