7.7 की तीव्रता वाले भूकंप से थर्राया इंडोनेशिया, सुनामी का अलर्ट

Indonesia Earthquake : इंडोनेशिया में शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप से हड़कंप मच गया। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतें ध्वस्त हो गई। अब तक 5 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया।

Aug 15, 2026 - 20:36
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7.7 की तीव्रता वाले भूकंप से थर्राया इंडोनेशिया, सुनामी का अलर्ट

earthquake in indonesia Indonesia Earthquake : इंडोनेशिया में शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप से हड़कंप मच गया। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतें ध्वस्त हो गई। अब तक 5 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया। ALSO READ: लद्दाख के लेह में 5.5 तीव्रता का भूकंप, सुबह-सुबह कांपी धरती; घरों से बाहर निकले लोग

 

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.7 रही। भूकंप का केंद्र फ्लोरेस द्वीप के उत्तरी तट के पास एंडे से लगभग 68 किमी उत्तर पश्चिम में था।

 

भूकंप के बाद इलाके में कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए। इनमें 5.9, 5.6 और 6.1 तीव्रता के झटके शामिल थे। शुरुआत में कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी जिसे कुछ घंटे बाद हटा लिया गया। फिलहाल लोगों से सुरक्षित जगह पर रहने को कहा गया है।

 

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ इमारतें गिरती और क्षतिग्रस्त होती दिखाई दे रही हैं। कई लोग भूकंप के बाद घरों और इमारतों से बाहर निकलते नजर आए। हालांकि, इन वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है। ALSO READ: सूर्य ग्रहण से पहले कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 250 की मौत और 3000 लापता; 21 आफ्टरशॉक से दहशत

गौरतलब है कि इंडोनेशिया में साल 2004 में इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 9.1 मापी गई थी। भूकंप के बाद सुनामी की जोरदार लहरें उठी थीं जिससे पूरे क्षेत्र में 2 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे।

 

कैसे आता है भूकंप?

हमारी धरती मुख्य तौर पर 4 परतों से बनी हुई है- इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टलऔर क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं। लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और उर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट, दूसरी के नीचे आ जाती है।

 

कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है। रिक्टर स्केल पैमाने को सन् 1935 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी में कार्यरत वैज्ञानिक चार्ल्स रिक्टर ने बेनो गुटेनबर्ग के सहयोग से खोजा था।

 

इस स्केल के अंतर्गत प्रति स्केल भूकंप की तीव्रता 10 गुना बढ़ जाती है और भूकंप के दौरान जो ऊर्जा निकलती है, वह प्रति स्केल 32 गुना बढ़ जाती है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि 3 रिक्टर स्केल पर भूकंप की जो तीव्रता थी, वह 4 स्केल पर 3 रिक्टर स्केल का 10 गुना बढ़ जाएगी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 8 रिक्टर पैमाने पर आया भूकंप 60 लाख टन विस्फोटक से निकलने वाली ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।