खरगापुर की सार्वजनिक जमीन से हटेगा अतिक्रमण:हाईकोर्ट में नगर आयुक्त ने बताया- धारा 67 के तहत कार्रवाई शुरू

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने खरगापुर स्थित सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में दायर अवमानना याचिका का निस्तारण कर दिया है। नगर आयुक्त लखनऊ द्वारा दाखिल शपथ पत्र में बताया गया है कि कथित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने विनय मिश्रा द्वारा नगर आयुक्त और तहसीलदार सदर के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर पारित किया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी है कि यदि पांच माह के भीतर पूर्व आदेश का पालन नहीं होता है, तो वह दोबारा अवमानना कार्यवाही शुरू कराने के लिए आवेदन कर सकता है। मामले में याचिकाकर्ता का कहना था कि हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को खरगापुर गांव की उस भूमि का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था, जो राजस्व अभिलेखों में तालाब, ऊसर और बंजर के रूप में दर्ज है। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक भूमि पर यदि अतिक्रमण पाया जाए, तो उसे हटाया जाए और कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए। आरोप था कि पूर्व आदेश के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। नगर आयुक्त ने न्यायालय को बताया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कानूनी बाधा न होने पर धारा 67 के तहत कार्यवाही निर्धारित 90 दिनों की अवधि में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद विवादित भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

Aug 13, 2026 - 22:20
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खरगापुर की सार्वजनिक जमीन से हटेगा अतिक्रमण:हाईकोर्ट में नगर आयुक्त ने बताया- धारा 67 के तहत कार्रवाई शुरू
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने खरगापुर स्थित सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में दायर अवमानना याचिका का निस्तारण कर दिया है। नगर आयुक्त लखनऊ द्वारा दाखिल शपथ पत्र में बताया गया है कि कथित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने विनय मिश्रा द्वारा नगर आयुक्त और तहसीलदार सदर के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर पारित किया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी है कि यदि पांच माह के भीतर पूर्व आदेश का पालन नहीं होता है, तो वह दोबारा अवमानना कार्यवाही शुरू कराने के लिए आवेदन कर सकता है। मामले में याचिकाकर्ता का कहना था कि हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को खरगापुर गांव की उस भूमि का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था, जो राजस्व अभिलेखों में तालाब, ऊसर और बंजर के रूप में दर्ज है। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक भूमि पर यदि अतिक्रमण पाया जाए, तो उसे हटाया जाए और कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए। आरोप था कि पूर्व आदेश के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। नगर आयुक्त ने न्यायालय को बताया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कानूनी बाधा न होने पर धारा 67 के तहत कार्यवाही निर्धारित 90 दिनों की अवधि में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद विवादित भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।