कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर घमासान! राहुल-सोनिया के इशारे पर भाजपा का हमला, कांग्रेस ने दी सफाई

स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम’ के गायन पर सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से के बाद भी गायन जारी रखा। इसी दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी की ओर से गायन ...

Aug 15, 2026 - 20:36
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कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर घमासान! राहुल-सोनिया के इशारे पर भाजपा का हमला, कांग्रेस ने दी सफाई


rahul and sonia in independence day program Photo : AI Generated स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम’ के गायन पर सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से के बाद भी गायन जारी रखा। इसी दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी की ओर से गायन रोकने का इशारा किया गया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने इसे नहीं रोका। ALSO READ: लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगातार दूसरे साल नहीं पहुंचे खरगे और राहुल गांधी, क्या सीट विवाद है वजह?

 

कांग्रेस सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष लालजी देसाई ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए गायन पूरा कराया। कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी और सोनिया गांधी की देसाई के साथ बातचीत भी हुई।

 

राहुल-सोनिया ने रूकने का इशारा किया

कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन तय हिस्से से आगे बढ़ने पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने इसे बीच में रोकने का संकेत दिया। हालांकि, लालजी देसाई ने दोनों नेताओं को समझाया कि गायन जारी रखा जाए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ‘वंदे मातरम’ पूरा गाया। बाद में राहुल गांधी और सोनिया गांधी देसाई से इस मुद्दे पर चर्चा करते नजर आए।

 

भाजपा का बड़ा हमला 

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। ‘वंदे मातरम्’ की शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी असहज हो गईं और पूरे गीत के गायन के बजाय इसे रोकने के लिए कहा। राहुल गांधी ने भी इसे रोकने का संकेत दिया। लेकिन उन्हें इसे जारी रखने के लिए कहा गया। संदेश स्पष्ट था: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए और जानबूझकर इसमें व्यवधान डालने या इसका अपमान करने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि आखिरकार, दोनों को पीछे हटना पड़ा और पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया। दशकों से गांधी परिवार और कांग्रेस की एक ऐसे भारत की अवधारणा के साथ असहजता दिखाई देती रही है, जो अपनी सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत मूल्यों में दृढ़ता से निहित हो। विडंबना देखिए कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही यह असहजता फिर उजागर हो गई।

सोनिया गांधी गीत नहीं, खरगे के लिए कह रही थीं

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बैठने के लिए कह रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे। कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को गलत तरीके से पेश किया गया घटनाक्रम बताया।