'राजस्थान में जनगणना के बाद बढ़ सकती हैं विधानसभा सीटें':विधानसभा अध्यक्ष बोले- 65 से 72 सीटें बढ़ने की संभावना; भवन में 276 सीटों की तैयारी

राजस्थान में आगामी जनगणना के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में 65 से 72 तक सीटें बढ़ सकती हैं। हालांकि अंतिम फैसला जनगणना के परिणाम और संसदीय नियमों के अनुसार होगा। देवनानी शुक्रवार को अजमेर से बीकानेर जाते समय नागौर के सर्किट हाउस में रुके, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। नागौर में भाजपा नेताओं ने किया स्वागत नागौर सर्किट हाउस पहुंचने पर खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा सहित जिले के भाजपा नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से प्रदेश की संसदीय व्यवस्था, आगामी परिसीमन, विधानसभा की कार्यप्रणाली और ब्यूरोक्रेसी की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। देवनानी ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर भविष्य में विधानसभा सीटों में वृद्धि तय मानी जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए 65 से 72 सीटें बढ़ने की संभावना बन रही है। मौजूदा विधानसभा भवन में ही होगी नई व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सीटें बढ़ने की स्थिति में भी राजस्थान को नए विधानसभा भवन की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा भवन में ही पर्याप्त जगह उपलब्ध है। विधानसभा की चौथी मंजिल पर बने बड़े हॉल को रिनोवेट करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद यहां लगभग 276 सीटों की व्यवस्था की जा रही है। इससे भविष्य में विधायकों की संख्या बढ़ने पर भी बैठने की कोई समस्या नहीं होगी। सदन में प्रश्नों के जवाब मिलने की दर बढ़ी देवनानी ने कहा कि उनके कार्यकाल में विधायिका और ब्यूरोक्रेसी के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। पहले सदन में पूछे गए प्रश्नों के जवाब कम मिलते थे, लेकिन अब स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्य सचिव के साथ लगातार बैठकों और मॉनिटरिंग के कारण पिछले चार सत्रों में लगभग 97 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा नियम 295 सहित अन्य माध्यमों से उठाए गए जनहित के मुद्दों पर भी करीब 95 प्रतिशत जवाब मिलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि जब विधायक के सवालों का समय पर जवाब मिलता है, तभी संसदीय लोकतंत्र मजबूत होता है। हाल ही में संपन्न 24 दिवसीय बजट सत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच सार्थक बहस हुई और सत्र का समापन सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ। आने वाले समय की योजनाएं विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि म्यूजियम में 3D तकनीक के जरिए और बदलाव किए जाएंगे, जिसके लिए सरकार से 3 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए गए हैं। इसके अलावा संसद की तर्ज पर विधानसभा में एक सेंट्रल हॉल बनाने की योजना भी है, जिसकी घोषणा हो चुकी है। परिसर में कारगिल वाटिका के साथ नक्षत्र वाटिका और हर्बल वाटिका भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा के सामने स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के अधूरे कार्य को पूरा कर उसे शुरू करवा दिया गया है। देवनानी ने कहा कि उनका प्रयास है कि राजस्थान विधानसभा देश की सबसे गरिमामयी विधानसभाओं में अग्रणी स्थान प्राप्त करे और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

Mar 13, 2026 - 10:25
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'राजस्थान में जनगणना के बाद बढ़ सकती हैं विधानसभा सीटें':विधानसभा अध्यक्ष बोले- 65 से 72 सीटें बढ़ने की संभावना; भवन में 276 सीटों की तैयारी
राजस्थान में आगामी जनगणना के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में 65 से 72 तक सीटें बढ़ सकती हैं। हालांकि अंतिम फैसला जनगणना के परिणाम और संसदीय नियमों के अनुसार होगा। देवनानी शुक्रवार को अजमेर से बीकानेर जाते समय नागौर के सर्किट हाउस में रुके, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। नागौर में भाजपा नेताओं ने किया स्वागत नागौर सर्किट हाउस पहुंचने पर खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा सहित जिले के भाजपा नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से प्रदेश की संसदीय व्यवस्था, आगामी परिसीमन, विधानसभा की कार्यप्रणाली और ब्यूरोक्रेसी की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। देवनानी ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर भविष्य में विधानसभा सीटों में वृद्धि तय मानी जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए 65 से 72 सीटें बढ़ने की संभावना बन रही है। मौजूदा विधानसभा भवन में ही होगी नई व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सीटें बढ़ने की स्थिति में भी राजस्थान को नए विधानसभा भवन की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा भवन में ही पर्याप्त जगह उपलब्ध है। विधानसभा की चौथी मंजिल पर बने बड़े हॉल को रिनोवेट करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद यहां लगभग 276 सीटों की व्यवस्था की जा रही है। इससे भविष्य में विधायकों की संख्या बढ़ने पर भी बैठने की कोई समस्या नहीं होगी। सदन में प्रश्नों के जवाब मिलने की दर बढ़ी देवनानी ने कहा कि उनके कार्यकाल में विधायिका और ब्यूरोक्रेसी के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। पहले सदन में पूछे गए प्रश्नों के जवाब कम मिलते थे, लेकिन अब स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्य सचिव के साथ लगातार बैठकों और मॉनिटरिंग के कारण पिछले चार सत्रों में लगभग 97 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा नियम 295 सहित अन्य माध्यमों से उठाए गए जनहित के मुद्दों पर भी करीब 95 प्रतिशत जवाब मिलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि जब विधायक के सवालों का समय पर जवाब मिलता है, तभी संसदीय लोकतंत्र मजबूत होता है। हाल ही में संपन्न 24 दिवसीय बजट सत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच सार्थक बहस हुई और सत्र का समापन सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ। आने वाले समय की योजनाएं विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि म्यूजियम में 3D तकनीक के जरिए और बदलाव किए जाएंगे, जिसके लिए सरकार से 3 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए गए हैं। इसके अलावा संसद की तर्ज पर विधानसभा में एक सेंट्रल हॉल बनाने की योजना भी है, जिसकी घोषणा हो चुकी है। परिसर में कारगिल वाटिका के साथ नक्षत्र वाटिका और हर्बल वाटिका भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा के सामने स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के अधूरे कार्य को पूरा कर उसे शुरू करवा दिया गया है। देवनानी ने कहा कि उनका प्रयास है कि राजस्थान विधानसभा देश की सबसे गरिमामयी विधानसभाओं में अग्रणी स्थान प्राप्त करे और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।