मोदी बोले- ये युवा शक्ति का बजट:राहुल ने कहा- युवाओं को कुछ नहीं मिला; ममता बनर्जी ने बिखरा हुआ बजट बताया
पीएम मोदी ने आम बजट को युवाओं को बजट बताया है। कहा कि देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया। उधर विपक्ष ने बजट को निराशाजनक बताया। राहुल गांधी ने कहा, युवाओं के लिए रोजगार वाला बजट नहीं है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर गिर रहा है। निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत में भारी गिरावट आ रही है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद ही बिखरा बजट है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने आम जनता को कुछ नहीं दिया। मोदी के स्पीच की 6 बड़ी बातें, कहा- यह युवा शक्ति बजट ममता बोलीं- 3 कॉरिडोर की बात झूठ बजट पर किसने क्या कहा… कर्नाटक डिप्टी सीएम शिवकुमार: केंद्रीय बजट से कर्नाटक को कोई लाभ नहीं मिला। केंद्र सरकार ने एक कार्यक्रम का नाम Mahatma Gandhi के नाम पर रख दिया है, जबकि पहले गांधी जी के नाम से जुड़े रोजगार कानून को समाप्त कर दिया गया। VB-G RAM G जिसे केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के फंड शेयरिंग फार्मूले पर लागू किया गया है, कर्नाटक में लागू नहीं किया जा सकता। RJD सांसद मीसा भारती: केंद्रीय बजट मेरी समझ से बाहर है, और इसे समझने में जनता को समय लगेगा। बिहार में NDA की सरकार प्रचंड जीत से आई है। हालांकि वो जनता नहीं तंत्र से आई है। बजट में कम से कम बिहार का ख्याल तो रखना चाहिए था। कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह: सरकार घोषणाएं तो करती है, लेकिन बाद में उनका कोई अता-पता नहीं होता। यह एक दिशाहीन, किसान विरोधी बजट है, जिससे युवाओं को कोई फायदा नहीं होगा। देश के कल्याण के लिए कोई रोडमैप नहीं है, 2047 तक देश को कैसे विकसित किया जाए, इसकी कोई योजना नहीं है, कोई बुनियाद नहीं है और कोई सिस्टम नहीं है। SP सांसद जियाउर रहमान बर्क: आम लोगों को केंद्रीय बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन यह बहुत निराशाजनक रहा है। बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है जो उन उम्मीदों को पूरा करे। जैसा कि अखिलेश यादव ने कहा है, ऐसा लगता है कि अब लोगों को सोने की परत चढ़े पीतल का इस्तेमाल करना पड़ेगा। ……………………. बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बजट 2026- इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं: ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस बजट 15% बढ़ा; 17 कैंसर मेडिसिन ड्यूटी फ्री, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश कर दिया है। वे 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं था। पूरी खबर पढ़ें… बजट 2026, सस्ता-महंगा- कैंसर की 17 दवाएं सस्ती: EV, सोलर पैनल के दाम घटेंगे; शराब महंगी हो सकती है, ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ा बजट में अब बस इम्पोर्ट ड्यूटी के घटने-बढ़ने से सामानों के दाम थोड़े बहुत ऊपर-नीचे होते हैं। ज्यादातर चीजों के दाम GST काउंसिल तय करती है। 22 सितंबर 2025 से GST के चार स्लैब को घटाकर दो कर दिया था। अब केवल 5% और 18% के स्लैब में GST लगता है। GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया था। इससे घी, पनीर खरीदने से लेकर कार और AC खरीदना भी सस्ता हो गया है। समझते हैं इस बजट से क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा…
पीएम मोदी ने आम बजट को युवाओं को बजट बताया है। कहा कि देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया। उधर विपक्ष ने बजट को निराशाजनक बताया। राहुल गांधी ने कहा, युवाओं के लिए रोजगार वाला बजट नहीं है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर गिर रहा है। निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत में भारी गिरावट आ रही है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद ही बिखरा बजट है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने आम जनता को कुछ नहीं दिया। मोदी के स्पीच की 6 बड़ी बातें, कहा- यह युवा शक्ति बजट ममता बोलीं- 3 कॉरिडोर की बात झूठ बजट पर किसने क्या कहा… कर्नाटक डिप्टी सीएम शिवकुमार: केंद्रीय बजट से कर्नाटक को कोई लाभ नहीं मिला। केंद्र सरकार ने एक कार्यक्रम का नाम Mahatma Gandhi के नाम पर रख दिया है, जबकि पहले गांधी जी के नाम से जुड़े रोजगार कानून को समाप्त कर दिया गया। VB-G RAM G जिसे केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के फंड शेयरिंग फार्मूले पर लागू किया गया है, कर्नाटक में लागू नहीं किया जा सकता। RJD सांसद मीसा भारती: केंद्रीय बजट मेरी समझ से बाहर है, और इसे समझने में जनता को समय लगेगा। बिहार में NDA की सरकार प्रचंड जीत से आई है। हालांकि वो जनता नहीं तंत्र से आई है। बजट में कम से कम बिहार का ख्याल तो रखना चाहिए था। कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह: सरकार घोषणाएं तो करती है, लेकिन बाद में उनका कोई अता-पता नहीं होता। यह एक दिशाहीन, किसान विरोधी बजट है, जिससे युवाओं को कोई फायदा नहीं होगा। देश के कल्याण के लिए कोई रोडमैप नहीं है, 2047 तक देश को कैसे विकसित किया जाए, इसकी कोई योजना नहीं है, कोई बुनियाद नहीं है और कोई सिस्टम नहीं है। SP सांसद जियाउर रहमान बर्क: आम लोगों को केंद्रीय बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन यह बहुत निराशाजनक रहा है। बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है जो उन उम्मीदों को पूरा करे। जैसा कि अखिलेश यादव ने कहा है, ऐसा लगता है कि अब लोगों को सोने की परत चढ़े पीतल का इस्तेमाल करना पड़ेगा। ……………………. बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बजट 2026- इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं: ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस बजट 15% बढ़ा; 17 कैंसर मेडिसिन ड्यूटी फ्री, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश कर दिया है। वे 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं था। पूरी खबर पढ़ें… बजट 2026, सस्ता-महंगा- कैंसर की 17 दवाएं सस्ती: EV, सोलर पैनल के दाम घटेंगे; शराब महंगी हो सकती है, ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ा बजट में अब बस इम्पोर्ट ड्यूटी के घटने-बढ़ने से सामानों के दाम थोड़े बहुत ऊपर-नीचे होते हैं। ज्यादातर चीजों के दाम GST काउंसिल तय करती है। 22 सितंबर 2025 से GST के चार स्लैब को घटाकर दो कर दिया था। अब केवल 5% और 18% के स्लैब में GST लगता है। GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया था। इससे घी, पनीर खरीदने से लेकर कार और AC खरीदना भी सस्ता हो गया है। समझते हैं इस बजट से क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा…