भिवानी में रास्ता खुलवाने के लिए सड़क पर उतरे लोग:बोले- आवागमन में होती है परेशानी, अफसरों से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
भिवानी के जीतू वाला जोहड़ रेलवे ओवरब्रिज के पास रास्ता खुलवाने के लिए बुधवार को लोग सड़क पर उतर आए और विरोध- प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रास्ता बंद होने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। एक्स सर्विसमैन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं काठ मंडी वाली गली निवासी सुरेंद्र कौशिक ने बताया कि जीतू वाला जोहड़ रेलवे ओवरब्रिज के साथ आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है। एक रास्ता है, उसको भी एक व्यक्ति द्वारा पत्थर डालकर रास्ता बाधित कर दिया जाता है। जिस कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। पुल पर चढ़ने के लिए भी कोई रास्ता नहीं है। बच्चों को स्कूल जाने में होती है दिक्कत उन्होंने कहा कि पुल के दोनों तरफ एक्सीडेंट के पॉइंट बने हुए हैं और हादसों का डर रहता है। सुबह बच्चे स्कूल जाते हैं तो उन्हें दिक्कत होती है, क्योंकि यहां के लोगों को शहर में आने-जाने के लिए यही एक पुल का रास्ता है। जिसके ऊपर से गुजरकर शहर में आना या जाना पड़ता है। यहां पर श्मशान घाट है, वहां पर शव लाने के लिए भी रास्ता नहीं है। बड़ी मुश्किल हो रखी है। एमपी व एमएलए कोई सुध नहीं लेता, यहां केवल वोट मांगने के लिए ही आते हैं। आने-जाने में होती है दिक्कत स्थानीय निवासी श्रीकिशन ने बताया कि उन्हें हर रोज ऑटो लेकर आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। क्योंकि रास्ते में पत्थर डालकर रास्ता रोक दिया है। जिसके कारण आना-जाना भी मुश्किल हो रखी है। इन रास्ते को भी खुलवाया जाए। अधिकारियों को भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जल्द से जल्द रास्ता खुलवाया जाए स्थानीय निवासी जैना सिंह ने बताया कि रास्ते में पत्थर डाल दिए हैं। यहां से गुजरते समय भी लोगों के साथ हादसे होते रहते हैं। यहां से गुजरने का भी कोई रास्ता नहीं हैं। लोगों को परेशान किया जा रहा है। इस रास्ते को जल्द से जल्द खुलवाया जाए। वहीं इस पुल पर जाने के लिए सीढ़ियां भी नहीं हैं। ताकि लोग उन सीढ़ियों से चढ़कर भिवानी शहर में जा सके।
भिवानी के जीतू वाला जोहड़ रेलवे ओवरब्रिज के पास रास्ता खुलवाने के लिए बुधवार को लोग सड़क पर उतर आए और विरोध- प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रास्ता बंद होने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। एक्स सर्विसमैन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं काठ मंडी वाली गली निवासी सुरेंद्र कौशिक ने बताया कि जीतू वाला जोहड़ रेलवे ओवरब्रिज के साथ आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है। एक रास्ता है, उसको भी एक व्यक्ति द्वारा पत्थर डालकर रास्ता बाधित कर दिया जाता है। जिस कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। पुल पर चढ़ने के लिए भी कोई रास्ता नहीं है। बच्चों को स्कूल जाने में होती है दिक्कत उन्होंने कहा कि पुल के दोनों तरफ एक्सीडेंट के पॉइंट बने हुए हैं और हादसों का डर रहता है। सुबह बच्चे स्कूल जाते हैं तो उन्हें दिक्कत होती है, क्योंकि यहां के लोगों को शहर में आने-जाने के लिए यही एक पुल का रास्ता है। जिसके ऊपर से गुजरकर शहर में आना या जाना पड़ता है। यहां पर श्मशान घाट है, वहां पर शव लाने के लिए भी रास्ता नहीं है। बड़ी मुश्किल हो रखी है। एमपी व एमएलए कोई सुध नहीं लेता, यहां केवल वोट मांगने के लिए ही आते हैं। आने-जाने में होती है दिक्कत स्थानीय निवासी श्रीकिशन ने बताया कि उन्हें हर रोज ऑटो लेकर आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। क्योंकि रास्ते में पत्थर डालकर रास्ता रोक दिया है। जिसके कारण आना-जाना भी मुश्किल हो रखी है। इन रास्ते को भी खुलवाया जाए। अधिकारियों को भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जल्द से जल्द रास्ता खुलवाया जाए स्थानीय निवासी जैना सिंह ने बताया कि रास्ते में पत्थर डाल दिए हैं। यहां से गुजरते समय भी लोगों के साथ हादसे होते रहते हैं। यहां से गुजरने का भी कोई रास्ता नहीं हैं। लोगों को परेशान किया जा रहा है। इस रास्ते को जल्द से जल्द खुलवाया जाए। वहीं इस पुल पर जाने के लिए सीढ़ियां भी नहीं हैं। ताकि लोग उन सीढ़ियों से चढ़कर भिवानी शहर में जा सके।