पाटन जिले में धारा 163, झीलिया हमला मामले के बाद प्रशासन का सख्त फैसला

Section 163 Imposed in Patan: पाटन जिले के चाणस्मा तालुका के झीलिया गांव में स्थित रामाधणी फार्महाउस पर हुए हमले के बाद पैदा हुई अशांति को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने बड़ा निर्णय लिया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पूरे जिले में ...

Mar 23, 2026 - 21:52
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पाटन जिले में धारा 163, झीलिया हमला मामले के बाद प्रशासन का सख्त फैसला


Section 163 Imposed in Patan: पाटन जिले के चाणस्मा तालुका के झीलिया गांव में स्थित रामाधणी फार्महाउस पर हुए हमले के बाद पैदा हुई अशांति को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने बड़ा निर्णय लिया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (जिसे पहले धारा 144 के रूप में जाना जाता था) लागू कर दी गई है। यह अधिसूचना 23 मार्च 2026 को पूरे दिन प्रभावी रहेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में शांति और सद्भाव बनाए रखना है।

जनसभा और रैलियों पर प्रतिबंध : पुलिस अधीक्षक की सिफारिश पर अमल

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार, जिले में किसी भी स्थान पर चार से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की जनसभा, रैली या जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुलिस अधीक्षक की विशेष सिफारिश के आधार पर ये आदेश जारी किए गए हैं, ताकि झीलिया की घटना के बाद किसी भी संगठन द्वारा आंदोलन की दी गई चेतावनी के कारण कोई अप्रिय घटना न घटे।

आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट : कड़ा पुलिस बंदोबस्त

झीलिया गांव की घटना में हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ युवा क्षत्रिय सेना सहित कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने की घोषणा की थी। स्थिति तनावपूर्ण न हो, इसके लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ये प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ बयानों पर भी पुलिस पैनी नजर रख रही है, ताकि कोई भी संगठन कानून हाथ में न ले और जिले की शांति भंग न हो।

शादी और अंतिम संस्कार में छूट : उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

हालांकि, आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए विवाह समारोहों, अंतिम संस्कार और सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को इस आदेश से कुछ शर्तों के साथ छूट दी गई है। ऐसे सामाजिक आयोजनों के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala