पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन अगस्त में होगा शुरू:खेमनीचक एलिवेटेड स्टेशन पर दो कॉरिडोर जुड़ेंगे, पूर्वी-पश्चिमी हिस्से के बीच मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
पटना मेट्रो जल्द ही शहर के पांच स्टेशनों पर दौड़ती नजर आएगी। CMRS (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी) के निरीक्षण के बाद अब सिर्फ अंतिम हरी झंडी का इंतजार है। इसी बीच खेमनीचक और मलाही पकड़ी के बीच बनने वाला पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन तेजी से तैयार किया जा रहा है। हालांकि, शुरुआती संचालन के दौरान यहां मेट्रो का ठहराव नहीं होगा। अधिकारियों के मुताबिक, अगस्त तक स्टेशन का निर्माण पूरा होने की संभावना है। इसके बाद यह स्टेशन पटना मेट्रो के दोनों प्रमुख कॉरिडोर को आपस में जोड़ने का काम करेगा। कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 रूट की ट्रेनें मिलेंगी खेमनीचक एलिवेटेड स्टेशन को एक्सचेंज स्टेशन बनाया जा रहा है। यहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 दोनों तरफ जाने वाली रूट की मेट्रो मिलेगी। कॉरिडोर-1 की मेट्रो सेवा जगनपुरा, मीठापुर और पटना जंक्शन तक जाएगी। कॉरिडोर-2 की ट्रेनें मलाही पकड़ी, राजेंद्रनगर, पीएमसीएच और गांधी मैदान होते हुए पटना जंक्शन तक पहुंचेंगी। इससे शहर के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों के बीच सीधा कनेक्टिविटी मिलेगी। कॉरिडोर- 1 में 60% काम पूरा इसी कारण दोनों दिशाओं से आने वाली ट्रेनों के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म और कॉनकोर्स एरिया बनाया जा रहा है। इसमें कॉरिडोर-2 का प्लेटफॉर्म चालू है। ट्रायल रन के दौरान यहां से मेट्रो गुजर भी चुकी है। इसके अलावा कॉनकोर्स एरिया का निर्माण पूरा कर लिया गया है और फिनिशिंग का काम जारी है। वहीं, कॉरिडोर-1 के प्लेटफार्म और कॉनकोर्स एरिया का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। यात्रियों के लिए 5 लिफ्ट, 6 एस्केलेटर लगेगा इस स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 5 लिफ्ट और 6 एस्केलेटर लगा जाएंगे। इस स्टेशन पर यात्रियों के लिए दो-दो प्रवेश और निकास द्वार बन रहा है। खेमनीचक इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन दो मंजिला होगा। इस कारण यात्रियों को ट्रेन की सवारी करने के लिए दो जगहों पर लिफ्ट और एस्केलेटर का इस्तेमाल करना होगा। जमीन से टिकट एरिया (कॉनकोर्स एरिया) में जाने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, टिकट लेने के बाद यात्री ट्रेन की सवारी करने के लिए पुनः टिकट एरिया से लिफ्ट और एस्केलेटर का इस्तेमाल कर प्लेटफार्म पर जाएंगे।
पटना मेट्रो जल्द ही शहर के पांच स्टेशनों पर दौड़ती नजर आएगी। CMRS (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी) के निरीक्षण के बाद अब सिर्फ अंतिम हरी झंडी का इंतजार है। इसी बीच खेमनीचक और मलाही पकड़ी के बीच बनने वाला पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन तेजी से तैयार किया जा रहा है। हालांकि, शुरुआती संचालन के दौरान यहां मेट्रो का ठहराव नहीं होगा। अधिकारियों के मुताबिक, अगस्त तक स्टेशन का निर्माण पूरा होने की संभावना है। इसके बाद यह स्टेशन पटना मेट्रो के दोनों प्रमुख कॉरिडोर को आपस में जोड़ने का काम करेगा। कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 रूट की ट्रेनें मिलेंगी खेमनीचक एलिवेटेड स्टेशन को एक्सचेंज स्टेशन बनाया जा रहा है। यहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 दोनों तरफ जाने वाली रूट की मेट्रो मिलेगी। कॉरिडोर-1 की मेट्रो सेवा जगनपुरा, मीठापुर और पटना जंक्शन तक जाएगी। कॉरिडोर-2 की ट्रेनें मलाही पकड़ी, राजेंद्रनगर, पीएमसीएच और गांधी मैदान होते हुए पटना जंक्शन तक पहुंचेंगी। इससे शहर के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों के बीच सीधा कनेक्टिविटी मिलेगी। कॉरिडोर- 1 में 60% काम पूरा इसी कारण दोनों दिशाओं से आने वाली ट्रेनों के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म और कॉनकोर्स एरिया बनाया जा रहा है। इसमें कॉरिडोर-2 का प्लेटफॉर्म चालू है। ट्रायल रन के दौरान यहां से मेट्रो गुजर भी चुकी है। इसके अलावा कॉनकोर्स एरिया का निर्माण पूरा कर लिया गया है और फिनिशिंग का काम जारी है। वहीं, कॉरिडोर-1 के प्लेटफार्म और कॉनकोर्स एरिया का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। यात्रियों के लिए 5 लिफ्ट, 6 एस्केलेटर लगेगा इस स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 5 लिफ्ट और 6 एस्केलेटर लगा जाएंगे। इस स्टेशन पर यात्रियों के लिए दो-दो प्रवेश और निकास द्वार बन रहा है। खेमनीचक इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन दो मंजिला होगा। इस कारण यात्रियों को ट्रेन की सवारी करने के लिए दो जगहों पर लिफ्ट और एस्केलेटर का इस्तेमाल करना होगा। जमीन से टिकट एरिया (कॉनकोर्स एरिया) में जाने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, टिकट लेने के बाद यात्री ट्रेन की सवारी करने के लिए पुनः टिकट एरिया से लिफ्ट और एस्केलेटर का इस्तेमाल कर प्लेटफार्म पर जाएंगे।