सलूंबर में किसानों को नए तकनीकों की दी जानकारी:एक्सपर्ट बोले- सीताफल जैसी फसलों में है संभावनाएं, सरकारी योजनाओं का भी उठाएं लाभ

सलूंबर जिला उद्यानिकी विभाग की ओर से पंचायत समिति सभागार में दो दिवसीय जिला स्तरीय उद्यानिकी सेमिनार का शुभारंभ हुआ। सेमिनार में सराड़ा, सेमारी, जयसमंद, झल्लारा, लसाड़िया और सलूंबर ब्लॉक के 95 से अधिक किसानों ने भाग लिया और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। सेमिनार में डॉ. आर.ए. कौशिक और डॉ. लतिका व्यास सहित अन्य विशेषज्ञों ने किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन की योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान फलदार बगीचे, सब्जी और फूलों की खेती, पॉलीहाउस, शेडनेट, प्लास्टिक टनल, मल्चिंग, प्रो-ट्रे और पौधशाला प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील भाजपा मंडल अध्यक्ष सोहनलाल चौधरी ने किसानों को उद्यानिकी की नवीनतम तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आधुनिक तरीकों से खेती करने पर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। पानी के सही इस्तेमाल करने के बारे में बताया डॉ. लतिका व्यास ने अपने व्याख्यान में मृदा स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और पोषण संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी और पानी की जांच बेहद आवश्यक है। साथ ही उन्होंने फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण और उचित भंडारण पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। विश्व जल दिवस के संदर्भ में जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और घरेलू जल प्रबंधन के सही तरीकों की जानकारी भी दी गई। सरकारी योजनाओं की दी जानकारी उप निदेशक पुरुषोत्तम लाल भट्ट ने बताया- जिले में किसान तेजी से उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। पॉलीहाउस, शेडनेट और पीएम कुसुम सोलर पंप योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं। उन्होंने किसानों को सीताफल के बगीचे लगाने के लिए भी प्रेरित किया। सहायक निदेशक विमला कुमारी मीणा ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बंबू मिशन, पीएम कुसुम सोलर योजना और मधुमक्खी पालन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया समझाई। पावर प्रेजेंटेशन से दी प्रायोगिक जानकारी सेमिनार के दौरान पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानों को प्रायोगिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन खुशीराम मेहता ने किया, जबकि अंत में कृषि अधिकारी भावना ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में गौस मोहम्मद, प्रवीण मारला, जयपाल यादव, सुरेश गहलोत और राजेंद्र मेघवाल सहित कई कृषि अधिकारी और पर्यवेक्षक मौजूद रहे।

Mar 23, 2026 - 21:50
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सलूंबर में किसानों को नए तकनीकों की दी जानकारी:एक्सपर्ट बोले- सीताफल जैसी फसलों में है संभावनाएं, सरकारी योजनाओं का भी उठाएं लाभ
सलूंबर जिला उद्यानिकी विभाग की ओर से पंचायत समिति सभागार में दो दिवसीय जिला स्तरीय उद्यानिकी सेमिनार का शुभारंभ हुआ। सेमिनार में सराड़ा, सेमारी, जयसमंद, झल्लारा, लसाड़िया और सलूंबर ब्लॉक के 95 से अधिक किसानों ने भाग लिया और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। सेमिनार में डॉ. आर.ए. कौशिक और डॉ. लतिका व्यास सहित अन्य विशेषज्ञों ने किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन की योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान फलदार बगीचे, सब्जी और फूलों की खेती, पॉलीहाउस, शेडनेट, प्लास्टिक टनल, मल्चिंग, प्रो-ट्रे और पौधशाला प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील भाजपा मंडल अध्यक्ष सोहनलाल चौधरी ने किसानों को उद्यानिकी की नवीनतम तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आधुनिक तरीकों से खेती करने पर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। पानी के सही इस्तेमाल करने के बारे में बताया डॉ. लतिका व्यास ने अपने व्याख्यान में मृदा स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और पोषण संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी और पानी की जांच बेहद आवश्यक है। साथ ही उन्होंने फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण और उचित भंडारण पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। विश्व जल दिवस के संदर्भ में जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और घरेलू जल प्रबंधन के सही तरीकों की जानकारी भी दी गई। सरकारी योजनाओं की दी जानकारी उप निदेशक पुरुषोत्तम लाल भट्ट ने बताया- जिले में किसान तेजी से उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। पॉलीहाउस, शेडनेट और पीएम कुसुम सोलर पंप योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं। उन्होंने किसानों को सीताफल के बगीचे लगाने के लिए भी प्रेरित किया। सहायक निदेशक विमला कुमारी मीणा ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बंबू मिशन, पीएम कुसुम सोलर योजना और मधुमक्खी पालन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया समझाई। पावर प्रेजेंटेशन से दी प्रायोगिक जानकारी सेमिनार के दौरान पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानों को प्रायोगिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन खुशीराम मेहता ने किया, जबकि अंत में कृषि अधिकारी भावना ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में गौस मोहम्मद, प्रवीण मारला, जयपाल यादव, सुरेश गहलोत और राजेंद्र मेघवाल सहित कई कृषि अधिकारी और पर्यवेक्षक मौजूद रहे।