श्रीगंगानगर में डेरा विवाद, दीवाली नाथ पर कब्जे के आरोप:पूर्व सरपंच बोलीं- महंत ने हरे पेड़ कटवाए, दीवार तोड़ी; कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे

श्रीगंगानगर जिले के मुकलावा में स्थित शिव मंदिर डेरा बारुनाथ में संचालक दीवाली नाथ पर हरे पेड़ कटवाने और अवैध कब्जे करने के आरोप लगे हैं। महंतों व ग्रामीणों ने डेरे को दीवाली नाथ से मुक्त करवाने की मांग की है। पूर्व सरपंच शकुंतला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रायसिंहनगर एसडीएम पूनम चंद को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पूजा-अर्चना के लिए लगाए गए हरे पेड़ों को दीवाली नाथ ने कटवा दिया है। साथ ही डेरे की चारदीवारी भी तोड़ दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दीवाली नाथ ने डेरे पर अवैध कब्जा जमा रखा है। ऐसे में महंत जीतनाथ को कब्जा दिलाने की मांग की जा रही है। मुकलावा की पूर्व सरपंच शकुंतला ने कहा- दो साल पहले जीतनाथ जी ने ही दिवाली नाथ को यहां बिठाया था। अब वही यहां कब्जा जमाए बैठे हैं। हमारे सामने दिवाली नाथ की कई गलतियां भी आई हैं। हमने एसडीएम को पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होती तो हम मजबूरन विरोध-प्रदर्शन और धरना करेंगे।

Jul 15, 2026 - 11:44
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श्रीगंगानगर में डेरा विवाद, दीवाली नाथ पर कब्जे के आरोप:पूर्व सरपंच बोलीं- महंत ने हरे पेड़ कटवाए, दीवार तोड़ी; कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे
श्रीगंगानगर जिले के मुकलावा में स्थित शिव मंदिर डेरा बारुनाथ में संचालक दीवाली नाथ पर हरे पेड़ कटवाने और अवैध कब्जे करने के आरोप लगे हैं। महंतों व ग्रामीणों ने डेरे को दीवाली नाथ से मुक्त करवाने की मांग की है। पूर्व सरपंच शकुंतला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रायसिंहनगर एसडीएम पूनम चंद को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पूजा-अर्चना के लिए लगाए गए हरे पेड़ों को दीवाली नाथ ने कटवा दिया है। साथ ही डेरे की चारदीवारी भी तोड़ दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दीवाली नाथ ने डेरे पर अवैध कब्जा जमा रखा है। ऐसे में महंत जीतनाथ को कब्जा दिलाने की मांग की जा रही है। मुकलावा की पूर्व सरपंच शकुंतला ने कहा- दो साल पहले जीतनाथ जी ने ही दिवाली नाथ को यहां बिठाया था। अब वही यहां कब्जा जमाए बैठे हैं। हमारे सामने दिवाली नाथ की कई गलतियां भी आई हैं। हमने एसडीएम को पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होती तो हम मजबूरन विरोध-प्रदर्शन और धरना करेंगे।