मोतिहारी में पहली बारिश से जलजमाव, शहर की सड़कें डूबीं:नाले में गिरे बुजुर्ग, उप मेयर के जायजा लेने के बाद भी नहीं हुआ समाधान

मोतिहारी में पहली बारिश के बाद ही शहर की स्थिति खराब हो गई है। जगह-जगह जलजमाव, कचरा और बजबजाती नालियों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद के समय कम खर्च में बेहतर सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन नगर निगम बनने के बाद खर्च बढ़ गया है और सुविधाएं बदतर हो गई हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। कई निवासियों ने बताया कि गांव से शहर में घर बनाने का उनका उद्देश्य बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना था, लेकिन मौजूदा हालात में घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। नाले में गिरे बुजुर्ग व्यक्ति लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने नगर निगम के वार्ड संख्या 16 का दौरा किया। रिपोर्टर के पहुंचने पर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए और पानी से हो रही अपनी परेशानियां बताने लगे। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति नाले में गिर गए। उन्होंने बताया कि पहले भी इसी नाले में एक बाइक सवार गिर चुका था, जिसकी जान मुश्किल से बची थी। सड़कों पर 2 फीट तक पानी जमा है मोहल्ले की सड़कों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा है, जिसके बीच से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। महिलाएं भी पूजा के लिए मंदिर जाने हेतु सड़क के किनारे-किनारे किसी तरह आवाजाही कर रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह समस्या केवल बारिश की वजह से नहीं है, बल्कि कई महीनों से बनी हुई है। उनके अनुसार, मोहल्ले में नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे जून तक पूरा होना था, लेकिन यह अब तक अधूरा है। इसी कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेयर बोले- कई बार आकर समस्या का लिया जायजा इसी दौरान उप मेयर डॉ. लालबाबू गुप्ता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे जलजमाव और गंदगी को लेकर सवाल पूछे। जवाब में उप मेयर ने कहा, “हम यहां पिकनिक मनाने नहीं आए हैं, कई बार आकर समस्या का जायजा ले चुके हैं।” इस पर लोगों ने कहा कि केवल आने से क्या फायदा, जब समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उप मेयर ने बताया कि करीब सवा दो करोड़ रुपए की लागत से नाले का निर्माण कराया जा रहा है और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। ठेकेदार ने टाइम पर नहीं किया काम पूरा वहीं, निगम पार्षद प्रतिनिधि अजय सिंह ने कहा कि यदि नाले का निर्माण समय पर पूरा हो गया होता, तो आज लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ठेकेदार को जून तक काम पूरा करने का समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कार्य पूरा नहीं हुआ, जिसका खामियाजा आज मोहल्ले के लोग भुगत रहे हैं।

Jul 15, 2026 - 11:43
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मोतिहारी में पहली बारिश से जलजमाव, शहर की सड़कें डूबीं:नाले में गिरे बुजुर्ग, उप मेयर के जायजा लेने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
मोतिहारी में पहली बारिश के बाद ही शहर की स्थिति खराब हो गई है। जगह-जगह जलजमाव, कचरा और बजबजाती नालियों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद के समय कम खर्च में बेहतर सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन नगर निगम बनने के बाद खर्च बढ़ गया है और सुविधाएं बदतर हो गई हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। कई निवासियों ने बताया कि गांव से शहर में घर बनाने का उनका उद्देश्य बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना था, लेकिन मौजूदा हालात में घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। नाले में गिरे बुजुर्ग व्यक्ति लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने नगर निगम के वार्ड संख्या 16 का दौरा किया। रिपोर्टर के पहुंचने पर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए और पानी से हो रही अपनी परेशानियां बताने लगे। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति नाले में गिर गए। उन्होंने बताया कि पहले भी इसी नाले में एक बाइक सवार गिर चुका था, जिसकी जान मुश्किल से बची थी। सड़कों पर 2 फीट तक पानी जमा है मोहल्ले की सड़कों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा है, जिसके बीच से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। महिलाएं भी पूजा के लिए मंदिर जाने हेतु सड़क के किनारे-किनारे किसी तरह आवाजाही कर रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह समस्या केवल बारिश की वजह से नहीं है, बल्कि कई महीनों से बनी हुई है। उनके अनुसार, मोहल्ले में नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे जून तक पूरा होना था, लेकिन यह अब तक अधूरा है। इसी कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेयर बोले- कई बार आकर समस्या का लिया जायजा इसी दौरान उप मेयर डॉ. लालबाबू गुप्ता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे जलजमाव और गंदगी को लेकर सवाल पूछे। जवाब में उप मेयर ने कहा, “हम यहां पिकनिक मनाने नहीं आए हैं, कई बार आकर समस्या का जायजा ले चुके हैं।” इस पर लोगों ने कहा कि केवल आने से क्या फायदा, जब समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उप मेयर ने बताया कि करीब सवा दो करोड़ रुपए की लागत से नाले का निर्माण कराया जा रहा है और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। ठेकेदार ने टाइम पर नहीं किया काम पूरा वहीं, निगम पार्षद प्रतिनिधि अजय सिंह ने कहा कि यदि नाले का निर्माण समय पर पूरा हो गया होता, तो आज लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ठेकेदार को जून तक काम पूरा करने का समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कार्य पूरा नहीं हुआ, जिसका खामियाजा आज मोहल्ले के लोग भुगत रहे हैं।