डिजिटल राजस्थान बनाने का लिया संकल्प:स्टार्टअप, नवाचार और डिजिटल क्षेत्र की 20 से अधिक प्रतिभाओं को मिला सम्मान
तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को एक मंच पर लाने के लिए शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्टार्टअप संस्थापक, उद्योगपति, शिक्षाविद, आईटी विशेषज्ञ, डिजिटल क्रिएटर्स और युवा उद्यमियों ने भाग लिया।
समारोह में तकनीक, शिक्षा, उद्यमिता, नवाचार और डिजिटल क्रिएशन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली 20 से अधिक प्रतिभाओं और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने डिजिटल इंडिया के साथ डिजिटल राजस्थान बनाने का संकल्प लेते हुए प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
आईटी विस्तार से बदलेगा प्रदेश का भविष्य
कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद मंजू शर्मा और वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम संयोजक पंकज गुप्ता ने कहा कि तकनीक आधारित नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है। सह-संयोजक मानव जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से राजस्थान में आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य उज्ज्वल है। पैनल चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सुरक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार, स्टार्टअप फंडिंग, ऑटोमेशन और टियर-2 शहरों में उद्यमिता की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी दक्षता आने वाले समय में रोजगार और आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप के समन्वय पर जोर
कार्यक्रम में डॉ. ऋतु बनावत, ऋषि बंसल, सुरेश सैनी, सुभाष गोयल, अरुण अग्रवाल, जगदीश सोमानी, परेश गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, इंजी. अनुराग अग्रवाल (अरुण आर्या), भवानी सिंह राजावत, शिल्पी आर. पुरोहित, मनीष मित्तल, डॉ. मनोज गुप्ता (प्रो प्रेसिडेंट), डॉ. श्रद्धा आर्या, सोनिया माहेश्वरी, उमाशंकर अरोड़ा, मनीष गुप्ता, गौरव खेतरपाल और सेलिब्रिटी एंकर अंकित खंडेलवाल मौजूद रहे। वहीं आर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), पूर्णिमा यूनिवर्सिटी, वेबक्यूब सहित कई तकनीकी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों ने भागीदारी की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बेहतर समन्वय से राजस्थान तकनीकी नवाचार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को एक मंच पर लाने के लिए शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में डिजिमोहे फ्यूचर इम्पैक्ट टेक अवॉर्ड्स-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्टार्टअप संस्थापक, उद्योगपति, शिक्षाविद, आईटी विशेषज्ञ, डिजिटल क्रिएटर्स और युवा उद्यमियों ने भाग लिया।
समारोह में तकनीक, शिक्षा, उद्यमिता, नवाचार और डिजिटल क्रिएशन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली 20 से अधिक प्रतिभाओं और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने डिजिटल इंडिया के साथ डिजिटल राजस्थान बनाने का संकल्प लेते हुए प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
आईटी विस्तार से बदलेगा प्रदेश का भविष्य
कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद मंजू शर्मा और वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम संयोजक पंकज गुप्ता ने कहा कि तकनीक आधारित नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है। सह-संयोजक मानव जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से राजस्थान में आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य उज्ज्वल है। पैनल चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सुरक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार, स्टार्टअप फंडिंग, ऑटोमेशन और टियर-2 शहरों में उद्यमिता की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी दक्षता आने वाले समय में रोजगार और आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप के समन्वय पर जोर
कार्यक्रम में डॉ. ऋतु बनावत, ऋषि बंसल, सुरेश सैनी, सुभाष गोयल, अरुण अग्रवाल, जगदीश सोमानी, परेश गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, इंजी. अनुराग अग्रवाल (अरुण आर्या), भवानी सिंह राजावत, शिल्पी आर. पुरोहित, मनीष मित्तल, डॉ. मनोज गुप्ता (प्रो प्रेसिडेंट), डॉ. श्रद्धा आर्या, सोनिया माहेश्वरी, उमाशंकर अरोड़ा, मनीष गुप्ता, गौरव खेतरपाल और सेलिब्रिटी एंकर अंकित खंडेलवाल मौजूद रहे। वहीं आर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), पूर्णिमा यूनिवर्सिटी, वेबक्यूब सहित कई तकनीकी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों ने भागीदारी की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बेहतर समन्वय से राजस्थान तकनीकी नवाचार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।