म्यूल अकाउंट्स से देश भर में ठगी:कई राज्यों में दर्ज 7 केस, समन्वय पोर्टल से हुआ पर्दाफाश
हरदोई में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बेनीगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 'समन्वय पोर्टल' की निगरानी के दौरान कस्बा बेनीगंज के मुराउटोला निवासी सोनू राठौर का साइबर ठगी नेटवर्क सामने आया है। आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें और सात मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। इस संबंध में शनिवार दोपहर 1:22 बजे एफआईआर दर्ज की गई। देशभर में ठगी की रकम ट्रांसफर करने का आरोप पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने विभिन्न बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को इधर-उधर स्थानांतरित करने के लिए करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह कथित तौर पर एक संगठित 'म्यूल अकाउंट' नेटवर्क का हिस्सा था, जिसके माध्यम से साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाया जाता था। कई राज्यों में दर्ज हैं साइबर अपराध के मामले जांच अधिकारी उपनिरीक्षक ललित कुमार सैनी द्वारा समन्वय पोर्टल पर की गई जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (एम्स थाना) और जौनपुर (साइबर क्राइम थाना) में भी मामले दर्ज हैं। इसके अलावा राजस्थान के करौली, गुजरात के अहमदाबाद सिटी और वडोदरा ग्रामीण, पुदुचेरी के साइबर क्राइम थाना तथा तमिलनाडु के कोयम्बटूर सिटी में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं। राजस्थान में 42 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला भी जांच में सामने आया है। चार बैंकों के खातों के इस्तेमाल के मिले प्रमाण पुलिस के अनुसार आरोपी के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और एचडीएफसी बैंक की बेनीगंज शाखा स्थित खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। जांच में पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया के खातों में भी संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड में मुकदमा दर्ज प्रारंभिक जांच में साइबर अपराध से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद बेनीगंज पुलिस ने आरोपी सोनू राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल कौशलेश सिंह ने बताया कि पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।



