भोजशाला में बसंत पंचमी की पूजा और नमाज साथ-साथ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, प्रशासन की अग्निपरीक्षा
बसंत पंचमी पर धार की भोजशाला में पूजा और नमाज को हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बसंत पंचमी पर हिंदू पक्ष सूर्यादय से दोपहर 01 बजे तक और ...
बसंत पंचमी पर धार की भोजशाला में पूजा और नमाज को हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बसंत पंचमी पर हिंदू पक्ष सूर्यादय से दोपहर 01 बजे तक और उसके बाद शाम 4 बजे के बाद पूजा करेगा। वहीं मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए दोपहर एक बजे से 3 बजे तक का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि व ऐसे प्रबंधन करें कि भोजशाला में पूजा और नमाज दोनों सुनिश्चित हो सके।
10 हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों-कर्मियों की तैनाती-धार में बसंत पंचमी को देखते हुए शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले में सुरक्षा की दृष्टि से चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है तथा करीब 10 हजार पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। धार में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6 हजार से अधिक (6461) पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें पुलिस अधीक्षक स्तर के 13,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 25, उप पुलिस अधीक्षक/नगर पुलिस अधीक्षक स्तर के 67, नगर निरीक्षक स्तर के 107, उपनिरीक्षक/सहायक उपनिरीक्षक स्तर के 393, प्रधान आरक्षक/आरक्षक स्तर के 4375 अधिकारी/कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही 933 महिला पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। वहीं 8 आरएएफ प्लाटुन की तैनाती भी की गई है।
शहर में ड्रोन और कैमरों से भी निगरानी- धार में ड्रोन और कैमरों के माध्यम से चौकस निगरानी रखी जा रही है। करीब 20 ड्रोन्स से पूरे शहर की सर्चिंग की जा रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्राउड मैनेजमेंट किया जा रहा है। साथ ही कुल 1000 कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। क्षेत्र में 3D मैपिंग भी करवायी गई है। सघन क्षेत्र में 40 बाईक दल और 30 मोबाईल दल द्वारा लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
नो-फ्लाई जोन घोषित-जिला प्रशासन ने भोजशाला क्षेत्र में बसंत पंचमी पर 300 मीटर परिधि में नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। निर्धारित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि जैसे ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) अथवा अन्य किसी भी प्रकार की उड़ने वाली वस्तु का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
भोजशाला में एंट्री के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश- भोजशाला में प्रवेश करने वाले दोनों समुदायों के व्यक्ति पूजन सामग्री, अक्षत एवं फूल के अतिरिक्त अन्य कोई सामग्री (जैसे मोबाइल फोन, बैग, कैमरा, पानी की बोतल आदि) बिना सक्षम अनुमति के अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे। कोई भी व्यक्ति घातक हथियार जैसे चाकू, छुरा, बल्लम, तलवार, लाठी तथा आग्नेय शस्त्र (एम.एल. गन, 12 बोर, 315 बोर, एन.पी. बोर पिस्टल/रिवॉल्वर आदि) अपने साथ लेकर नहीं चल सकेंगे। विस्फोटक पदार्थ जैसे हथगोला, बम आदि साथ लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने लोगों से अपील की है कि वह बसंत पंचमी पर आपसी प्रेम और भाईचारा बना कर रखे। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार क्षेत्र में फ्लेग मार्च भी किया जा रहा है। कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में शांति एवं कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये विभिन्न स्थानों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति पर त्वरित नियंत्रण किया जा सके।
शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई-धार में शांति एवं कानून व्यवस्था तथा साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत अनेक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वह प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन प्रभावी रूप से करें।साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि शांति भंग करने अथवा कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
जिला प्रशासन ने सार्वजनिक सड़कों व स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर एवं लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। धार में रहने वाला कोई भी व्यक्ति अपने भवन निर्माण सामग्री, मलबा, कण्डे, नये अथवा पुराने टायर एवं लावारिस गुमटियां किसी भी सार्वजनिक स्थान या सड़क के किनारे खुले में नहीं रख सकेगा। जिला प्रशासन के इस आदेश के उल्लंघन की स्थिति में नगर पालिका परिषद द्वारा उक्त सामग्री को जप्त किया जाएगा।



