भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों का माल्यार्पण-श्रद्धांजलि:बेतिया में 100 गावों की पदयात्रा, जनता की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जन-जागरण अभियान का समापन शुक्रवार को बेतिया में एक पदयात्रा के साथ हुआ। जिला पार्टी कार्यालय से शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद पार्क पहुंची। यहां 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसके साथ ही अभियान का औपचारिक समापन हो गया। भाकपा के जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने बताया कि यह पदयात्रा 6 अगस्त से पश्चिमी चंपारण के विभिन्न प्रखंडों के लगभग 100 गांवों, बाजारों, हाटों और टोलों में आयोजित की गई थी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझा और चिन्हित किया। जिला सचिव ने बताया कि पदयात्रा के दौरान लोगों में खाद की कालाबाजारी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर गहरा असंतोष देखने को मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों में सड़कों की स्थिति खराब है और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जलजमाव एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर नल-जल योजना केवल कागजों तक ही सीमित पाई गई। ग्रामीण इलाकों में लगाए जा रहे नए टैक्स को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। ओम प्रकाश क्रांति ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान सामने आई इन सभी समस्याओं को पार्टी अपने आगामी जनआंदोलनों का हिस्सा बनाएगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। अभियान के सफल समापन पर ओम प्रकाश क्रांति ने सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बधाई दी। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और जनता के मुद्दों पर लगातार संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जन-जागरण अभियान का समापन शुक्रवार को बेतिया में एक पदयात्रा के साथ हुआ। जिला पार्टी कार्यालय से शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद पार्क पहुंची। यहां 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसके साथ ही अभियान का औपचारिक समापन हो गया। भाकपा के जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने बताया कि यह पदयात्रा 6 अगस्त से पश्चिमी चंपारण के विभिन्न प्रखंडों के लगभग 100 गांवों, बाजारों, हाटों और टोलों में आयोजित की गई थी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझा और चिन्हित किया। जिला सचिव ने बताया कि पदयात्रा के दौरान लोगों में खाद की कालाबाजारी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर गहरा असंतोष देखने को मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों में सड़कों की स्थिति खराब है और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जलजमाव एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर नल-जल योजना केवल कागजों तक ही सीमित पाई गई। ग्रामीण इलाकों में लगाए जा रहे नए टैक्स को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। ओम प्रकाश क्रांति ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान सामने आई इन सभी समस्याओं को पार्टी अपने आगामी जनआंदोलनों का हिस्सा बनाएगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। अभियान के सफल समापन पर ओम प्रकाश क्रांति ने सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बधाई दी। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और जनता के मुद्दों पर लगातार संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।