फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ईरान में अमेरिकी बमबारी पर सवाल उठाए
FrancePresident Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों लगातार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका पर तीखे बयान दे रहे हैं। मैक्रों ने ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हमले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के लोग सत्ता बदलना ...
France President Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों लगातार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका पर तीखे बयान दे रहे हैं। मैक्रों ने ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हमले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के लोग सत्ता बदलना चाहते हैं तो यह उन पर छोड़ देना चाहिए।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि ईरान में बहुत ही खराब शासन है, इस पर कोई बहस नहीं हो सकती। मेरी उनसे कई मुद्दों पर असहमति है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम उनको बमबारी से बदल देंगे। उन्होंने कहा कि बमबारी का नतीजा हम इराक, अफगानिस्तान और लीबिया में देख चुके हैं। 20 साल में वहां कुछ नहीं बदला। ALSO READ: मैक्रों ने ट्रम्प की 'ईरान नीति' की धज्जियां उड़ाईं, युद्ध और नाटो पर फ्रांस के राष्ट्रपति का बड़ा बयान
कूटनीतिक समाधान की अपील
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और पड़ोसी देशों पर की जा रही बमबारी अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर है और इससे क्षेत्र में शांति के बजाय अस्थिरता बढ़ेगी। उन्होंने अमेरिका के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' से फ्रांस की दूरी स्पष्ट करते हुए कूटनीतिक समाधान की अपील की है।
मैक्रों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बलपूर्वक खोलने की योजना को 'अवास्तविक' बताया और कहा कि यह केवल ईरान के साथ बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने हमलों में नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने उड़ाया मैक्रों का मजाक, बोले- पत्नी करती है बुरा व्यवहार, जबड़े पर लगे मुक्के से उबर रहे, फ्रांस के राष्ट्रपति का धमाकेदार जवाब
मैक्रों की डोनाल्ड ट्रंप को नसीहत
मैक्रों ने सीधे-सीधे अमेरिकी हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपको लोगों की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। अगर ईरान के लोग सत्ता बदलना चाहते हैं तो ये उन पर छोड़ देना चाहिए। वे ही ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद दो बड़ी ताकतों- अमेरिका और चीन के बीच का ‘जहाज’ बनना नहीं है। न हम चीन के दबदबे पर निर्भर रहना चाहते हैं और न ही अमेरिका की 'अनिश्चितता' के सामने अधिक पड़ना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि ट्रंप की बयानबाजी और धमकियों के चलते यूरोप से भी उनके संबंध खराब हुए हैं। मैक्रों का बयान इसी बात की पुष्टि करता है।
ट्रंप ने की थी मैक्रों पर निजी टिप्पणी
ट्रंप और मैक्रों के बीच तनाव उस समय शुरू हुआ जब ट्रंप ने हाल ही में बेहद निजी टिप्पणी कर दी। ट्रंप ने कथित तौर पर पिछले साल वियतनाम में हुई एक घटना का मजाक उड़ाया। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों अपनी पत्नी से 'पिटने' के बाद अभी तक उबर रहे हैं। मैक्रों की पत्नी उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार करती हैं। दरअसल, 2025 में मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट वियतनाम दौरे के दौरान एक विमान में अपने पति को चेहरे पर हल्का धक्का देती या हटाती नजर आई थीं। सोशल मीडिया पर इसे 'थप्पड़' या 'मुक्का' कहकर प्रचारित किया गया था, जिसे मैक्रों ने उस समय 'दुष्प्रचार' बताया था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala



