गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव, 26 अप्रैल को मतदान और 28 को नतीजे, आज से आचार संहिता लागू
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 26 अप्रैल को राज्य की 15 महानगर पालिकाओं, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 26 अप्रैल को राज्य की 15 महानगर पालिकाओं, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही आज से पूरे राज्य में 'आदर्श आचार संहिता' लागू हो गई है, जिसका अर्थ है कि अब सरकार कोई भी नई घोषणा या नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेगी।
मतगणना और दो चरणों का आयोजन
मतदान संपन्न होने के कुछ ही दिनों बाद, यानी 28 अप्रैल को मतगणना की जाएगी और परिणामों की घोषणा होगी। चुनाव आयोग की योजना के अनुसार, पहले चरण में महानगर पालिकाओं के चुनाव होंगे, जबकि दूसरे चरण में जिला पंचायत, तालुका पंचायत और नगर पालिकाओं के लिए मतदान होगा। इस लोकतांत्रिक उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
SIR का कार्य और मतदाता सूची
राज्य में परिसीमन (SIR) की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी, जो अब पूरी तरह संपन्न हो चुकी है। SIR का कार्य पूरा होने के बाद, चुनाव आयोग द्वारा आज शाम तक अंतिम (फाइनल) मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। इसी सूची के आधार पर आगामी चुनाव में लाखों नए और पुराने मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पूर्व में परिसीमन के कारण चुनाव में देरी हुई थी, जिससे कई स्थानों पर प्रशासकों की नियुक्ति करनी पड़ी थी।
राजनीतिक दलों में उम्मीदवारों के चयन की हलचल
चुनाव की आधिकारिक घोषणा होते ही राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी सहित प्रमुख राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। भाजपा द्वारा विभिन्न जिलों और महानगरों में निरीक्षकों की टीमें भेजी गई हैं, जो जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और दावेदारों से मुलाकात कर 'सेंस' लेने का काम कर रही हैं। जल्द ही सभी दलों द्वारा मजबूत उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी।
2021 के चुनाव से तुलना
वर्ष 2021 में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की तुलना में इस बार की प्रक्रिया थोड़ी अलग है। 2021 में 23 जनवरी को चुनाव घोषित हुए थे और मार्च तक सारी प्रक्रिया पूरी हो गई थी। इस बार परिसीमन कार्य के चलते कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव में देरी हुई, लेकिन अब चुनाव आयोग ने 26 अप्रैल की तारीख तय कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। मतदाता अब अपने क्षेत्र के नए प्रतिनिधियों को चुनने के लिए तैयार हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala



