नेता, अधिकारी-कर्मचारी खा रहे गरीबों से पैसा, BJP विधायक जयंत मलैया ने भ्रष्टाचार पर अपनी ही सरकार को घेरा
मध्य प्रदेश में सरकरी अफसरों के आए दिन भ्रष्टाचार के मामलों के बीच भाजपा के सीनियर नेता और दमोह विधायक जयंत मलैया ने सिस्टम के भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका ...
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकरी अफसरों के आए दिन भ्रष्टाचार के मामलों के बीच भाजपा के सीनियर नेता और दमोह विधायक जयंत मलैया ने सिस्टम के भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों के हक का पैसा खाया जा रहा है। उनका कहना था कि आम जनता का काम बिना पैसे दिए नहीं होता।
एक बैठक में भाजपा विधायक जयत मलैया ने कहा कि नेता लोग,अधिकारी-कर्मचारी,पार्षद लोग गरीब लोगों से पैसे खा रहे है। किश्त और गल्ला देने के नाम पर नगर पालिका के लोग पैसे खा रहे है। किसी की किश्त आगे डालते है किसी की पीछे डालते है। इसमें कोई पार्टी की बात नहीं। मैंने कहा था कि नंबर से डालों और क्रम से डाला।
भाजपा के सीनियर नेता के इस बयान के बाद प्रदेश में सियासत गर्मा गई है और सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। कांग्रेस ने मलैया के बयान के सहारे भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मलैया के वायरल वीडियो अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सीधे सरकार को घेरा है।
दरअसल भाजपा विधायक जयंत मलैया ने सरकारी मशीनरी और स्थानीय निकायों में भ्रष्टाचार की ओर सीधा इशारा किया गया है। मलैया के बयान से सवाल यह उठ रहा है कि यदि सत्तारूढ़ दल का ही एक वरिष्ठ विधायक यह कह रहा है कि गरीबों से जुड़े कामों के लिए पैसे लिए जा रहे हैं, तो फिर जमीनी स्तर पर सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। मलैया के बयान में केवल अधिकारियों और कर्मचारियों पर ही सवाल नहीं उठाया गया, बल्कि पार्षदों और नगर पालिका से जुड़े लोगों को भी कटघरे में खड़ा किया गया है। मलैया के इस बयान के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है।



